INA एझीमाला में पासिंग आउट परेड- स्प्रिंग टर्म 2019 आयोजित

 नयी दिल्ली - भारतीय नौसेना अकादमी (आईएनए), एझीमाला में आयोजित एक दर्शनीय पासिंग आउट परेड (पीओपी) में भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक के मिडशिपमेन एवं कैडेट तथा 10 अंतर्राष्ट्रीय कैडेट सहित 264 प्रशिक्षु अच्छे नंबरों से पास हुए तथा अपने आरंभिक प्रशिक्षण का समापन दर्शाया।


 पासिंग आउट मिडशिपमेन एवं कैडेट स्प्रिंग टर्म 2019 के चार विभिन्न पाठ्यक्रमों नामतः 96वां भारतीय नौसेना अकादमी पाठ्यक्रम (बी.टेक), 96वां भारतीय नौसेना अकादमी पाठ्यक्रम (एम.एससी), 27वां नौसेना अनुकूलन पाठ्यक्रम (विस्तारित), 28वां नौसेना अकादमी पाठ्यक्रम (नियमित) एवं 28वां भारतीय नौसेना अकादमी पाठ्यक्रम (तटरक्षक) से जुड़े हुए हैं। परेड में 10 महिला कैडेट भी भारतीय नौसेना के रैंकों में शामिल होने के लिए अपने पुरुष सहयोगियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर मार्च करती हुईं देखीं गईं। विभिन्न मित्र विदेशी राष्ट्रों के 10 प्रशिक्षु इसमें शामिल हैं जिसमें दो-दो मालदीव, म्यांमार एवं सिचेलस के, एक प्रशिक्षु तंजानिया का एवं तीन प्रशिक्षु श्रीलंका के हैं।


 परेड का निरीक्षण जनरल बिपिन रावत, पीवाएसएम, यूवाईएसएम, एवाईएसएम, वाईएसएम, एसएम, वाईएसएम, एडीसी, सेना प्रमुख द्वारा किया गया जिन्होंने औपचारिक निरीक्षण के बाद आठ प्रतिभाशाली मिडशिपमेन एवं कैडेट को पदक प्रदान किया। वाइस एडमिरल आर.बी. पंडित, एवीएसएम कमांडेंट, आईएनए, डॉ. अनुराग कुमार, निदेशक भारतीय विज्ञान संस्थान बंगलूरु, केन्द्र के वरिष्ठ अधिकारी एवं आउट स्टेशन के अन्य गणमान्य व्यक्ति इस ऐतिहासिक अवसर पर उपस्थित थे।


 पासिंग आउट परेड का निरीक्षण सभी मिडशिपमेन एवं कैडेट के गर्व से भरे हुए अभिभावकों एवं माता-पिताओं ने भी किया। भारतीय नौसेना अकादमी बी.टेक पाठ्यक्रम के लिए 'राष्ट्रपति स्वर्ण पदक' मिडशिपमैन किल्लमसेट्टी विकाश को दिया गया।


 इस रंगारंग समारोह का समापन सफल प्रशिक्षुओं द्वारा दो कॉलम का निर्माण करने एवं सैल्यूट के लिए रखे गए राइफल एवं तलवारों के साथ मार्च करते हुए अकादमी के सैल्यूटिंग-से आगे बढ़ते हुए हुआ जहां सशस्त्र बलों ने विदाई धुन बजाई।