जन्म-कुंडली के अनुसार कपडे डिजाईन करने वाली डिज़ाइनर

फिल्म और फैशन का दामन चोली का नाता है. फिल्मों में फैशन होता है और फैशन पर भी फ़िल्में बनती हैं. फ़िल्में फैशन ट्रेंड भी सेट करती हैं और खासकर कपड़ों और लुक्स का चलन लोगों में ज़्यादातर फिल्मों से प्रभावित होकर ही आता है. सोचिये अगर फैशन केवल आपका लुक ही ना बदले, लक भी बदले तो कैसा हो? जी हाँ, फिल्म और शो बिज़नस में डिजाइनिंग के अलावा इंडिपेंडेंट फैशन डिज़ाइनर अटलांटा कश्यप ने 'क्लॉथ कैन चेंज योर लक' लांच किया है. 



दरअसल, अटलांटा कश्यप का कलेक्‍शन एस्‍ट्रोलॉजी के हिसाब से बनाये जाते हैं। उनके कपड़े दिन के शुभ मुहूर्त में तैयार होते हैं। राहू काल में कपड़े पर कुछ काम नहीं किया जाता है। अगर आपको बर्थडे डिटेल्‍स या होरोस्कोप नहीं मालूम हो तो आप उनके कपड़े नहीं खरीद सकते, क्‍योंकि उनके कपड़े जन्म कुंडली के हिसाब से भाग्यशाली रंग से बनाये जाते हैं.



बंगलौर के होटल ललित अशोका में आयोजित फैशन शो अवार्ड्स के दौरान डॉ. अटलांटा कश्यप को बेस्ट ड्रेस डिज़ाइनर के खिताब से नवाजा गया। इस फैशन शो में देशभर से मॉडल्स और डिजाइनर आये, जिसमें अटलांटा के कलेक्शन को खूब सराहा गया 
अटलांटा के डिजाइन कपड़ों के साथ जब मॉडल्स ने रैंप वाक किया, तब सबों को अटलांटा के ड्रेस ने अपनी ओर आकर्षित किया। इस मौके पर अभिनेत्री हर्षिका पूनाचा और मितेश शाह भी मौजूद थे. चित्रा अवार्ड पाकर डॉ. कश्यप ने खुशी जाहिर की और सबों का आभार व्यक्त किया।
बातचीत में अटलांटा ने बताया कि वह फिल्मी जगत से भी जुड़ी हुई हैं और उन्होंने सलमान खान और संजय दत्त के बारे में भी भविष्यवाणी कर चुकी हैं। उन्होंने अपने कपड़ों के कलेक्शन के बारे में बताया कि हम कपड़े दिन के केवल शुभ मुहूर्त में बनाते हैं जो अमूमन डेढ़ से दो घण्टे ही होता है। अगर कपड़ा इस दरम्यान पूरा नहीं सिल पाता तो उसको रोक दिया जाता है फिर अगले शुभ मुहूर्त तक इंतज़ार किया जाता है। इतनी सावधानी और मेहनत करने के बाद क्या यह कपड़े पहनने वाले के लिए फायदेमंद होते हैं वाले सवाल पर अटलांटा कहती हैं कि मैं पिछले दस साल से ऐसे कपड़े सील रही हूँ और मुझे ऐसा करने के लिए लोगों की सकारात्मक प्रतिक्रिया ही प्रेरित करती है।
अब वे फैशन के क्षेत्र में भी कदम रख चुकी हैं और यहां भी वे लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने में सफल रही हैं।