ज़ाबाजों को श्रद्धांजलि देने के लिए वायुसेना प्रमुख का दौरा

नयी दिल्ली - वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बी.एस. धनोआ पीवीएसएम एवीएसएम वाईएसएम वीएम एडीसी ने कारगिल में ऑपरेशन सफेद सागर के दौरान अपने प्राणों की आहूति देने वाले जवानों के साहस के सम्‍मान में चार लड़ाकू विमानों, मिग-21 की 'मिसिंग मैन' फॉर्मेशन फ्लाईपास्‍ट की अगुवाई की। पश्चिमी वायु कमान के कमांडिंग इन चीफ और कारगिल के पुराने योद्धा एयर मार्शल आर. नाम्‍बियार पीवीएसएम एवीएसएम वीएम एंड बार एडीसी भी इस फॉर्मेशन का हिस्‍सा थे।


'मिसिंग मैन' फॉर्मेशन शहीद साथियों के सम्‍मान में की जाने वाली एक प्रकार की हवाई सेल्‍यूट है। यह एक एरो फॉर्मेशन है। इसमें दो लड़ाकू विमानों के बीच में फासला होता है, जो मिसिंग मैन या लापता शख्‍स को चित्रित करता है। बाद में एक सादगीपूर्ण समारोह में उन्‍होंने कर्तव्‍य निर्वहन करते हुए अपने प्राणों की आहूति देने वाले भारतीय वायु सेना के जवानों के सम्‍मान में युद्ध स्‍मारक पर पुष्‍पांजलि अर्पित की।


       1999 में स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा वीआरसी (मरणोपरांत) आहूजा ने कारगिल संघर्ष के दौरान अपने प्राण न्‍यौछावर किये थे। उस समय वह  17 स्क्वाड्रन के फ्लाईट कमांडर थे।     


      28 मई को वायुसेना प्रमुख सरसावा वायुसेना स्टेशन का दौरा करेंगे और और कारगिल शहीदों के सम्‍मान में एमआई-17 वी5 मिसिंग मैन फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे। 28 मई, 1999 को हमने एमआई-17 हैलिकॉप्‍टर द्रास सैक्‍टर में शत्रु पर सफल आक्रमण करने के बाद गंवा दिया था। स्क्वाड्रन लीडर आर. पुंडीर, फ्लाइट लैफ्टिनेंट एस. मुहिलान, सार्जेंट आर.के. साहू और सार्जेंट पीवीएनआर प्रसाद उस एमआई-17 हैलिकॉप्‍टर की कार्रवाई में शहीद हो गये थे।