28 जून को दिल्ली और एनसीआर राज्यों में भूकंप पर मॉक ड्रिल किया जाएगा


नयी दिल्ली - राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) राज्य सरकारों के सहयोग से 28 जून को भूकंप आपदा से निपटने की तैयारियों पर एक मॉक अभ्यास का संचालन करेगा। इस अभ्यास का उद्देश्य भूकंप आने की स्थिति में स्थानीय प्रशासन की तैयारियों के साथ-साथ उसकी ओर से की जाने वाली त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था को बेहतर बनाना है। इस दौरान दिल्ली (सभी 11 जिले), हरियाणा (4 जिले- झज्जर, फरीदाबाद, गुरुग्राम एवं सोनीपत) और उत्तर प्रदेश (3 जिले - गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद और मेरठ) को कवर किया जाएगा।


इस मॉक अभ्यास के अंतर्गत दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के साथ समन्वय एवं उन्मुखीकरण सम्मेलन आयोजित किए गए हैं जिनमें राज्यों और संबंधित जिलों के सभी हितधारकों ने भाग लिया। अंतिम अभ्यास से पहले सभी प्रतिभागियों के साथ एक दिवसीय टेबल टॉप अभ्यास आयोजित किया जा रहा है, ताकि यह अभ्यास सुगमतापूर्वक हो सके। सभी हितधारक विभागों जैसे कि पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, अग्निशमन, नागरिक प्रतिरक्षा, जनसंपर्क और परिवहन विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने तैयारियों से जुड़ी इन बैठकों में भाग लिया। इसके अलावा थल सेना, वायु सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ)/केंद्रीय पुलिस संगठन (सीपीओ) के प्रतिनिधियों ने भी इनमें भाग लिया।


इन अभ्यासों के तहत भूकंप और उससे जुड़ी अन्य आपदाओं जैसे परिदृश्य से निपटने के तरीके सिखाए जा रहे हैं जिनके तहत प्रतिभागियों को आपदा प्रबंधन के प्रमुख पहलुओं जैसे कि आपदा प्रतिक्रिया दलों के गठन, आपातकालीन परिचालन केंद्रों (ईओसी) को सक्रिय करना, विभिन्न प्रतिभागी एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करने, बचाव एवं निकासी कार्यों के अलावा चिकित्सीय तैयारियों के लिए भी प्रशिक्षित किया जा रहा है।


संपूर्ण राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) या तो भूकंपीय क्षेत्र IV या भूकंपीय क्षेत्र III में आता है, अतः यह इस लिहाज से अत्यंत असुरक्षित है। इस अभ्यास से विभिन्न कमियों को दूर करने और विभिन्न हितधारक एजेंसियों के बीच बेहतर संचार सुनिश्चित करने एवं बढ़िया तालमेल बैठाने में मदद मिलेगी। इससे स्थानीय जनता के बीच जागरूकता भी पैदा होगी। दरअसल, स्थानीय जनता को भूकंप के लिहाज से एनसीआर के असुरक्षित होने के बारे में सजग करने की जरूरत है।


केंद्र की 100 दिनों की कार्य योजना के तहत देश भर में विभिन्न आपदाओं पर मॉक अभ्यास आयोजित करने की योजना बनाई गई है। यह इस श्रृंखला में प्रथम अभ्यास है, जबकि आगामी अमरनाथ यात्रा से पहले इसी तरह का एक अभ्यास आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। अन्य अभ्यासों में क्रमशः उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में जुलाई महीने में बाढ़ एवं भूकंप आपदाओं से निपटने की तैयारियों से जुड़े अभ्यास शामिल हैं। इन अभ्यासों का समापन  अगस्त महीने में तमिलनाडु में एक मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) अभ्यास के रूप में होगा।