बड़वाघाट में गोरधोवान मेला,श्रद्धालुओं ने घोघाडी़ नदी में पैर धोकर पूजा की


मशरक ,छपरा - कार्तिक पूर्णिमा के एक दिन बाद लगने वाले मशरक प्रखंड के क्षेत्र के बड़वाघाट में गोरधोवान मेला के मौके पर हजारों श्रद्धालुओं ने घोघाडी़ नदी में पैर धोकर आस्था से पूजा की। भोर पहर से शुरू हुआ मेला देर शाम तक चलता रहा। दूर-दराज से चलकर आने वाले श्रद्धालुओं का दिनभर तांता लगा रहा। इस दौरान हर हर गंगे के जयघोष से बड़वाघाट गूंजता रहा। गोरधोवान मेला में पैर धोने के बाद श्रद्धालुओं ने बड़े ही विधि विधान से घोघाड़ी नदी किनारे बने मंदिर में पूजन अर्चन किया।


इस दौरान धूप, दीप, अक्षत, रोली, चंदन, पुष्प, दूध, दही, शहद, घृत व नैवेद्य समर्पित कर लोगों ने सुख और समृद्धि की कामना की। कार्तिक पूर्णिमा के एक दिन बाद लगने वाले मेला के अवसर पर बुधवार को लगे मेले में प्रशासनिक तैयारी पूरी तरह चौकस रही। श्रद्धालु के लिए घाटों पर सुरक्षा की व्यवस्था की गई थी। मेला में सीओ मशरक ललित कुमार सिंह, बीडीओ राजीव कुमार सिन्हा एवं थानाध्यक्ष रत्नेश कुमार वर्मा ने बरवाघाट मेला की सुरक्षा व्यवस्था के लिए तत्पर दिखाई दिये। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि वरीय पदाधिकारियो के निर्देश पर मेले में चप्पे चप्पे पर पुलिस बल और महिला बल मौजूद हैं अलग से दर्जनों चौकीदार एवं सादे लिबास में महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला बल की टीम मेले में रही। अनुमंडल पदाधिकारी मढौरा के निर्देश पर बीडीओ मशरक राजीव कुमार सिन्हा को दंडाधिकारी नियुक्त किया गया था।


क्या है बड़वाघाट का गोरधोवान मेला - बरवाघाट मेले का पौराणिक इतिहास रहा है शास्त्रों के मुताबिक मान्यता है कि घोघारी नदी कालांतर में गंडक नदी थी  इस मेले में काफी श्रद्धालुओं की भीड़ उमर परी मेला मसरख छपरा में आयोजित आयोजित होता है यह एक दिवसीय मेला लगता है.