Friday, December 6, 2019

48 प्रतिशत भारतीय घर मंगाकर खाना पसंद करते हैं,बाहर का खाना हो रहा लोकप्रिय


48 प्रतिशत भारतीय घर मंगाकर खाना पसंद करते हैं, जबकि बाहर जाकर खाना 34 प्रतिशत भारतीय पसंद करते हैं । नया तरीका बन रहा है,घर पर खाना आर्डर करना, 36 प्रतिशत खाना अपने जीवनसाथी के साथ घर पर आर्डर किया गया हैं। आनलाईन आर्डर करने वाले 19 प्रतिशत लोग गर्मागर्म खाने के साथ कुछ मी-टाईम गुजारना पसंद करते हैं।


मुंबई । दुनिया के सबसे बड़े फूड डिलीवरी नेटवक्र्स में से एक, ऊबर ईट्स ने आज उद्योग की एक पहली रिसर्च रिपोर्ट, ''फूड मूड्स आफ इंडिया'' प्रस्तुत की, जिसमें ''भारत घर से बाहर जाकर क्या खाता है'' की बजाए यह बताया गया है कि ''भारत घर से बाहर जाकर क्यों खाता है''। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि षहरी भारत को बाहर का खाना पसंद है - 48 प्रतिशत भारतीय घर पर बैठकर खाना आॅर्डर करना पसंद करते हैं, क्योंकि इससे न केवल सुविधा होती है, बल्कि उनकी नीरस दिनचर्या में परिवर्तन भी आता है। यह रिपोर्ट इस बात पर प्रकाश डालती है कि घर पर खाने की डिलीवरी उतनी ही विशाल है, जितने विशाल 'बाहर जाकर खाना' और 'खाना खरीदकर लाना' मिलकर हैं।


ग्लोबल मार्केट रिसर्च फर्म, इप्साॅस के साथ साझेदारी में यह ग्लोबल टेक्नाॅलाॅजी प्लेटफाॅर्म रेस्टोरैंट पार्टनर्स एवं एफएंडबी उद्योग को सशक्त बनाकर भारत में घर से बाहर खाना मंगवाने के परिदृष्य को समझने में मदद कर रहा है। रिपोर्ट की मुख्य बातें, जैसे उनकी पसंद को प्रेरित करने वाली चीजों, उपभोग के वक्त, रसोई के बारे में धारणाओं तथा आषान्वित ट्रेंड्स द्वारा यह रिपोर्ट कार्यवाही योग्य उपायों की कार्ययोजना बनाकर एफएंडबी के परिवेष को फ्यूचरप्रूफ बनाना चाहती है। आपस में कनेक्टेड एवं एक दूसरे पर निर्भर फूड परिवेष, जिसने भारत में उपभोक्ताओं के खाने के तरीके को बदल दिया, उन पर केंद्रित होकर यह रिपोर्ट रेस्टोरैंट पार्टनर्स द्वारा उपभोक्ताओं को ज्यादा सुगम, स्मार्ट एवं विकसित फूड अनुभव प्रदान करने के आकर्शक अवसर प्रदर्षित करती है।


रिपोर्ट के लाॅन्च के बारे में बंसी कोटेचा, हेड आफ आपरेशंस, इंडिया एवं साउथ एशिया, ऊबर ईट्स ने कहा, ''हम फूड रिपोर्ट, 'फूड मूड्स आफ इंडिया' लाॅन्च करके काफी उत्साहित हैं। लोग सप्ताह में कम से कम एक बार नाॅन-होम कुक्ड फूड खाते हैं, इसलिए उपभोक्ता अपना फूड हमारे जैसे टेक्नाॅलाॅजी इनेबल्ड लाईफ मैनेजर्स से आउटसोर्स कर रहे हैं। परिणाम प्रदर्षित करते हैं कि उपभोक्ता स्वाद के प्रोफाईल एवं विविध अवसरों के आधार पर विकल्प चुनते हैं। यह रिपोर्ट पार्टनर्स को इनोवेट करने एवं अपने आॅपरेषंस में एफिषियंसी लाने तथा ग्राहकों को उनकी पसंद के फूड के ज्यादा विकल्प प्रदान करने में मदद करने के लिए डेटा एवं जानकारी साझा करती है।'' शोध से मिली जानकारी के बारे में श्रेयोशी मैत्रा, एक्ज़िक्यूटिव डायरेक्टर, इप्साॅस ने कहा, ''हम जीवनशैली में तीव्र परिवर्तन तथा दैनिक दिनचर्या में परिवर्तन देख रहे हैं। ग्राहकों के पास समय की बहुत कमी है, इसलिए किफायती एवं आसानी से उपलब्ध कुक्ड फूड की मांग बढ़ रही है। इसलिए ग्राहकों ने होम
डिलीवरी और टेकआउट सर्विसेस अपना ली हैं ताकि उनके समय और ऊर्जा की बचत हो, जो घर पर खाना बनाने में खर्च होते हैं।''
भारत को बाहर का खाना पसंद है - लोग बाहर का खाना क्यों मंगाते हैं, इसके मुख्य कारणों में सुविधा (28 प्रतिशत ), नीरसता खत्म करना (28 प्रतिशत ), विशेष अवसर का जश्न मनाना (16 प्रतिशत ), दोस्तों/परिवार/साथियों से मिलना (10 प्रतिशत ) शामिल हैं। हर जगह आर्डर करें - सर्वे में शामिल उत्तरदाताओं में से अधिकांश उत्तरदाता (76 प्रतिशत ) अपने फूड का आर्डर देकर घर पर डिलीवरी कराते है। कार्यस्थल/काॅलेज में 13 प्रतिशत तथा दोस्त के घर पर 5 प्रतिशत लोग डिलीवरी कराते हैं। डिलीवरी विशाल है - आउट-आॅफ-होम फूड ज्यादातर घर पर खाया जाता है। आॅर्डर की डिलीवरी (48 प्रतिषत) डाईन आउट (34 प्रतिशत ) और टेक अवे (18 प्रतिशत ), दोनों के जोड़ के बराबर है। सुविधा सर्वोपरि है - आउट आफ होम फूड जश्न की बजाए सुविधा के कारण ज्यादा पसंद किया जाता है। आंकड़ों के अनुसार आर्डर किया गया 51 प्रतिशत फूड काॅम्बो मील्स होता है, जबकि 35 प्रतिशत समय उपभोक्ता सीधे बाॅक्स से खाते हैं।


आदत का विकास - अक्सर बाहर का खाना खाने के बावजूद रेस्टोरैंट्स के बारे में प्रयोग करना सीमित है। 82 प्रतिषत उपभोक्ता हर बार खाना मंगवाते वक्त अधिकतम 5 रेस्टोरैंट्स से ही चिपके रहना पसंद करते हैं। डेट का नया तरीका - जो लोग रिलेशनशिप  में हैं, उन्हें लगता है कि डिलीवरी एक साथ समय गुजारने का बेहतरीन तरीका है। जब युगल बाहर का खाना खाना चाहते हैं, तो ऐसे 36 प्रतिशत अवसरों पर वो घर पर खाना आॅर्डर करते हैं। मी टाईम - 19 प्रतिशत लोग खुद को तरोताजा होने का समय देने के लिए फूड डिलीवरी आॅर्डर करते हैं। मूड लिफ्टर - जो महिलाएं आॅर्डर करती हैं, उनमें 38 प्रतिशत होम डिलीवरी आॅर्डर स्वाद बदलने एवं मूड अच्छा करने के उद्देष्य से दिए जाते हैं। रसोई की पसंद - उत्तर भारतीय फूड एवं बिरयानी व्यस्कों को बहुत पसंद हैं। देसी चाईनीज़ एवं पिज़्ज़ा बच्चों को ज्यादा पसंद हैं। आॅर्डर करना, ज्यादा किफायती - 43 प्रतिशत उत्तरदाता कहते हैं कि फूड आॅर्डर करना कुक बुलवाने से ज्यादा किफायती है, जो महंगा एवं थकाऊ होता है।  ब्रेकफास्ट बनाम डिनर - पर्याप्त विकल्पों की कमी के कारण केवल 7 प्रतिशत आनलाईन आर्डर ही
ब्रेकफास्ट के लिए होते हैं। हालांकि जो लोग घर पर ब्रेकफास्ट करते हैं, उनमें 53 प्रतिशत डिनर आर्डर
करते हैं।