ऑनलाइन स्टुडियो के साथ रचनाकारों को पैसे कमाने में मदद करेगा हबहॉपर

  • हबहॉपर का लक्ष्य एक साल में 5,000 पॉडकास्टर को अपने प्लेटफार्म पर लाना है

  • सामग्री निर्माता अब सिर्फ रिकॉर्डिंग और कुछ ही मिनट में लाइव होकर मुफ्त में अपने ऑडियो शो कर सकेंगे

  • हबहॉपर स्टुडियो कम्युनिटी पैसे कमाने के नए रास्ते तलाशने में पॉडकास्टर्स की मदद करेगी



नयी दिल्ली :  भारत के सबसे बड़े पॉडकास्टिंग और ऑडियो-ऑन-डिमांड प्लेटफॉर्म हबहॉपर ने भारत में ऑडियो-स्ट्रीमिंग परिदृश्य को बदलने वाला कदम उठाते हुए संभावित ऑडियो सामग्री रचनाकारों के लिए अपनी तरह का पहला हबहॉपर स्टूडियो (Hubhopper Studio) शुरू किया है। निर्माता अब अपनी ऑडियो सामग्री को मूल रूप से रिकॉर्ड करने के लिए प्लेटफ़ॉर्म के असाधारण फीचर्स का उपयोग कर सकते हैं, उन्हें हबहॉपर के वितरण नेटवर्क के माध्यम से मुफ्त में व्यापक रूप से प्रकाशित कर सकते हैं और सही ब्रांड्स के साथ जुड़कर उस रचना से पैसा भी कमा सकते हैं। हबहॉपर वर्तमान में भारत में अपनी तरह का सबसे बड़ा प्लेटफार्म है, जिसमें 12 भाषाओं में एक लाख घंटे से अधिक ऑडियो सामग्री है।



पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन मीडिया की खपत में जबरदस्त वृद्धि हुई है। आईएफपीआई की म्युजिक कंज्यूमर इनसाइट रिपोर्ट 2018 के अनुसार लगभग 75 प्रतिशत स्मार्टफोन उपयोगकर्ता संगीत अपने फोन पर सुनते हैं, 86 प्रतिशत उपभोक्ता ऑन-डिमांड स्ट्रीमिंग का उपयोग करते हैं। इसके अलावा मोबाइल उपकरणों की संख्या में वृद्धि उपभोक्ताओं के लिए एक जगह स्थिर रहे बिना संगीत और वीडियो सामग्री का उपयोग आसान बनाती है और विभिन्न क्षेत्रीय भाषा के सामग्री रचनाकारों को अवसर प्रदान करती है।


स्टुडियो के शुभारंभ पर बोलते हुए हबहॉपर के सीईओ और संस्थापक गौतम राज आनंद ने कहा, “हबहॉपर का फोकस हमेशा से ही देश के हर हिस्से से नए उभरते ऑडियो कलाकारों को प्रतिभा दिखाने में सक्षम बनाने और यहां तक कि इसे करियर विकल्प चुनने में सक्षम बनाने पर रहा है। हमारे ऑनलाइन स्टूडियो के साथ हम भविष्य के सभी संभावित कहानीकारों और सामग्री रचनाकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं। संभावित ऑडियो कलाकार अब तीन आसान चरणों में, रिकॉर्ड कर सकते हैं, लॉन्च कर सकते हैं और आईट्यून्स, गूगल पॉडकास्ट या किसी अन्य को अपना पॉडकास्ट वितरित कर सकते हैं। भारत में सामग्री रचनाकार बनने वालों की अपार संभावना है लेकिन अक्सर लोगों को यह लगता है कि इसके लिए भारी निवेश की आवश्यकता होगी या तकनीकी रूप से इसमें कई तरह की मुश्किलों का सामना करना होगा। हबहॉपर स्टुडियो किसी को भी अपनी प्रतिभा दिखाने और देश भर में और उससे भी आगे ऑडियंस बेस बनाे के लिए इस तरह की सभी बाधाओं को दूर कर रहा है।”   


हबहॉपर ने नए और संभावित ऑडियो सामग्री रचनाकारों के लिए अपने कंप्यूटर, स्मार्टफोन, लैपटॉप या जो भी उन्हें सुविधाजनक लगता हो उस मोबाइल उपकरण के साथ स्टुडियो की वेबसाइट पर लॉग इन कर रिकॉर्ड करना और लाइव होने में सक्षम बनाने के लिए ही ऑनलाइन स्टुडियो को लॉन्च किया है।


एक बार रचना बन गई तो हबहॉपर का वितरण नेटवर्क सामग्री रचनाकारों को सोशल मीडिया वेबसाइटों, ओईएम, स्मार्ट स्पीकर्स, इन-कार एंटरटेनमेंट, टेल्कोस, आदि जैसे कई प्लेटफार्मों पर ऑडियो शो प्रकाशित करने में सक्षम करेगा।


इसके अलावा ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म सामग्री रचनाकारों को प्रायोजन, विज्ञापन और ब्रांड इंटिग्रेशन के लिए 9स्टैक्स (ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफ़ॉर्म), विंक एंड नोड (जीवन शैली), स्लीपओउल (पेय पदार्थ), घरकुल मसाले (भोजन और मसाले), मामा अर्थ (स्किनकेयर), मायचॉइज (सेल्फ-ड्राइविंग कार) आदि जैसे संबंधित ब्रांडों से जोड़कर पैसा कमाने में सक्षम करेगा। प्लेटफ़ॉर्म उनके ग्राहक अनुभव की जानकारी भी लेगा और इस वजह से मिड-रोल विज्ञापनों के माध्यम से सामग्री प्रवाह को बाधित नहीं करने को लेकर सावधान रहना होगा।


हबहॉपर प्लेटफार्म किसी खास अभियान को ध्यान में रखते हुए डेमोग्राफिक्स के साथ-साथ ऑडियो सामग्री के ज़ोनर के अनुसार बेस्ट ऑनलाइन ऑडियंस की पहचान करने के लिए डेटा का इस्तेमाल भी करेगा और नीलामी के जरिये डिजिटल विज्ञापन इन्वेंटरी खरीदेगा। ये विज्ञापन तब कई वितरण चैनलों में उपलब्ध कराए जाएंगे, जिन स्थानों पर दर्शकों के लगातार आने की उम्मीद है। हबहॉपर का लक्ष्य अगले 18 महीनों में 5000 पॉडकास्टर को जोड़ना है।


इस प्लेटफ़ॉर्म ने भारत में 4 साल के भीतर अपने विस्तृत पॉडकास्ट डायरेक्टरी के माध्यम से लोगों के ऑडियो सामग्री के इस्तेमाल के तरीके को बदलने में कामयाबी हासिल की है, जिसमें हबहॉपर ओरिजिनल्स के साथ-साथ सोसायटी एंड कल्चर, गेम्स एंड हॉबीज, साइंस एंड मेडिसिन, मनोरंजन, किड्स एंड फैमिली से लेकर एजुकेशन, आर्ट्स, हेल्थ, म्युजिक, रिलिजन एंड स्पिरिचुअलिटी आदि ज़ोनर में विविध तरह की सामग्री भी शामिल है। इसके अलावा सैमसंग के साथ इसकी भागीदारी ने प्लेटफॉर्म की पहुंच का विस्तार सैमसंग गैलेक्सी स्मार्टफ़ोन का उपयोग करने वाले लगभग 2 मिलियन दर्शकों तक कर दिया है।