7 करोड़ व्यापारी अपना कारोबार बंद रख जनता कर्फ्यू में शामिल होंगे

दिल्ली के लगभग 15 लाख छोटे बड़े व्यापारी जनता कर्फ्यू के आव्हान में शामिल होकर अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखेंगे ! यह घोषणा कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने करते हुए कहा की कोरोना वायरस के संभावित कम्युनिटी ट्रांसमिशन बढ़ते को रोकने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा उठाया गया यह बहुत ही प्रभावी और सकारात्मक कदम है और दिल्ली के व्यापारी इस घोषणा का पूरी तरह समर्थन करते हैं ! दिल्ली में थोक बाजार रविवार को बंद रहते हैं लेकिन अधिकांश रिटेल बाजार रविवार को खुलते हैं लेकिन इस रविवार को दिल्ली के सभी थोक एवं रिटेल बाजार पूरी तरह बंद रहेंगे और जनता कर्फ्यू में शामिल होंगे !


नयी दिल्ली - देश भर में जनता कर्फ्यू के आगवन को अपना समर्थन देते हुए व्यापारियों के शीर्ष संगठन कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने घोषणा करते हुए कहा की देश के 7 करोड़ व्यापारी अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान पूर्ण रूप से बंद रख कर जनता कर्फ्यू में शामिल होंगे और 22 मार्च को देश भर में कोई कारोबार नहीं होगा ! व्यापारियों के 40 करोड़ के लगभग कर्मचारी भी उस दिन घर में रहेंगे ! देश भर में लगभग 40 हजार से ज्यादा व्यापारिक संगठन जनता कर्फ्यू अभियान में शामिल होंगे ! जहाँ महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के व्यापारिक संगठन वहीँ नार्थ ईस्ट, जम्मू कश्मीर, अंडमान निकोबार, लक्षद्वीप, पॉन्डिचेरी जैसे दूर सुदूर प्रदेशों के व्यापारी भी बेहद उत्साहपूर्वक इस अभियान में शामिल होंगे !



कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी सी भारतीय एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा की प्रधानमंत्री की यह पहल कोरोना वायरस के खतरे को कम्युनिटी ट्रांसमिशन में न बदले जाने की एक राष्ट्रीय कवायद है जो बेहद जरूरी है उन्होंने बताया की जहाँ व्यापारी जनता कर्फ्यू में शामिल होंगे वहीँ कैट ने रिटेल व्यापार के अन्य वर्ग जैसे ट्रांसपोर्ट, लघु उद्योग,हॉकर्स, स्वयं उद्यमी, महिला उद्यमी आदि के संगठनों से भी बातचीत की है और ये सभी वर्ग भी  जनता कर्फ्यू में शामिल होंगे ! 


 भारतीय एवं खंडेलवाल ने बताया की प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम सम्बोधन के बात कैट ने देश के सभी राज्यों के लगभग 300 प्रमुख व्यापारिक संगठनों के नेताओं को जनता कर्फ्यू में शामिल होने का सन्देश व्हाट्सअप   सन्देश भेजा और उस सन्देश पर देश भर के व्यापारी नेताओं ने अपने राज्यों के व्यापारियों से व्हाट्सअप सन्देश के द्वारा उनकी राय मांगी तथा उसके अनुरूप देश भर के व्यापारी नेताओं ने जनता कर्फ्यू में शामिल होने को समय की आवश्यकता बताया  और देर रात तक कैट को सभी राज्यों के शामिल होने की सहमति मिल गयी जिसके उपरांत कैट ने 22 मार्च को देश भर के व्यापार बंद होने की आज घोषणा की है ! उन्होंने कहा की कोरोना का कम्युनिटी ट्रांसमिशन रोकने की दिशा में यह कदम बेहद कारगर साबित होगा !


 भरतिया एवं खंडेलवाल ने यह भी बताया की फिलहाल देश की सप्लाई चैन में पर्याप्त मात्रा में सामान उपलब्ध है लेकिन देश के अनेक हिस्सों में लोगों ने पैनिक ख़रीदादरी शुरू कर दी है और यदि इसे नहीं रोका गया तो सप्लाई चैन में बहुत जल्द ही सामान समाप्त हो जायेगा ! इस बात को ध्यान में रखते हुए कैट ने देश भर के व्यापारियों को सलाह भेजी है की कोई भी व्यक्ति यदि उनसे सामान्य आवश्यकता से अधिक सामान खरीदता है तो ऐसे में व्यापारी बेहद सौहार्दपूर्ण तरीके से उस खरीददार को केवल जरूरत के मुताबिक सामान खरीदने के लिए प्रेरित करें !