आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ रहे भारतीय : हरदीप सिंह पुरी

देश में समय पर महामारी का सख्ती से मुकाबला करने की दूरदर्शिता और साहसी कदम ऐसी घड़ी में जीवन और आजीविका को प्राथमिकता देने का निर्णय लेना काफी कठिन कार्य था, केंद्र सरकार के फैसले के बाद 22 मई को घरेलू यात्री विमानों को खोला गया। इसके बाद कोविड-19 के दौरान देशभर में इन विमानों से 2.5 से 3 लाख यात्रियों को गंतव्य स्थल तक पहुंचाया गया। दिवाली तक प्रतिदिन 1.5 से 2 लाख यात्रियों को गंतव्य स्थल तक पहुंचाने की उम्मीद कर रहे हैं और उम्मीद है कि इस साल के अंत तक कोविड-19 के पहले के दिनों की तरह फिर से सामान्य स्थिति में यात्रियों को सफर करवा पायेंगे। 



कोलकाता कोविड-19 वैश्विक महामारी के बाद देश के लोगों में आत्मनिर्भर बनने की भावना से भारत निरंतर पहले की तुलना में और शक्तिशाली बनता जा रहा है, क्योंकि हम अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए आत्मनिर्भर बनने के साथ दुश्मनों से भी देश को सुरक्षित रखने में अपना योगदान दे रहे हैं। यदि वैश्विक आपूर्ति की श्रृंखला किसी एक विशेष देश पर निर्भर हो तो न चाहते हुए भी आपको उसकी मर्जी के कारण कठिनाइयों को स्वीकार करता पड़ता हैं। ऐसी स्थिति में अच्छी तरह से भारतीयों ने अपनी  प्रतिभा को दर्शाया और स्थिति में बदलाव के लिए अथक प्रयत्न किया, जिसका परिणाम हार्दिक स्वागत योग्य हैं। कोलकाता की सुप्रसिद्ध सामाजिक संस्था प्रभा खेतान फाउंडेशन द्वारा आयोजित विशेष ऑनलाइन सत्र ‘द राइट सर्किल’ में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने यह बातें कही। इस विशेष चर्चासत्र में पूर्व राजनीतिक, लेखक और विदेश नीति विश्लेषक, टीसीए राघवन के साथ बातचीत के दौरान उनके सवाल का पुरी जवाब दे रहे थे।


‘द राइट सर्किल’ एक ऐसा मंच है जिसमें विभिन्न क्षेत्रों से ताल्लुक रखनेवाले विशेषज्ञ अपने दृष्टिकोण और अपनी गहरी अंतर्दृष्टि को साझा करते हैं। पुरी वर्तमान में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय एवं वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री के रूप में तीन प्रमुख विभाग संभाल रहे हैं।


राघवन के एक अन्य सवाल के जवाब में पुरी ने कहा: आत्मनिर्भर भारत योजना को अपनी सीमाओं को दुनिया के लिए बंद करने का रास्ता नहीं समझना चाहिये। यह केंद्र सरकार की एक योजना है, जिसके पीछे का उद्येश्य हमें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वैश्विक प्रणाली के जरिये अधिक और बेहतर उत्पादक बनने का लक्ष्य को पूरा करना है। हम इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आइओटी), मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ चौथी औद्योगिक क्रांति के शिखर पर हैं। इसमें हमे यह सुनिश्चित करना है कि हम लेगो या सिर्फ नट और बोल्ट न बनकर रह जायें। आत्मनिर्भर बनने के साथ हमे अपनी दृढ़ता से प्रतिध्वनित होना होगा तभी हम दुनिया में अन्य आपूर्ति श्रृंखलाओं का लाभ उठा सकेंगे।


अपने 39 वर्षों के राजनीतिक कैरियर में पुरी संयुक्त राष्ट्र में भारत के पूर्व प्रतिनिधि, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष और यूएनएससी, काउंटर टेररिज्म कमेटी के अध्यक्ष समेत अन्य कई महत्वपूर्ण पदों पर सफलतापूर्वक कार्य कर चुके हैं। पुरी अबतक दो किताबें ‘पेरिलस इंटरवेंशन’ और ‘डेल्यूशनल पॉलिटिक्स’ लिख चुके हैं.


 पुरी ने कहा, महामारी के दौरान केंद्र सरकार ने 6 मई से अबतक दुनिया भर के विभिन्न देशों से 14 लाख नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश लौटाने में सफलता हांसिल की है। मैं विश्वास की भावना के साथ यह कह सकता हूं कि यह मानव इतिहास में अबतक का सबसे बड़ा निकासी और प्रत्यावर्तन मिशन है। जिस तेजी से सारी चीजें आगे बढ़ रही हैं, हम जल्द एक नया रिकॉर्ड स्थापित करेंगे। विभिन्न विषयों पर प्रकाश डालते हुए  पुरी ने कहा, लॉकडाउन ने हमें आवश्यक बुनियादी ढांचा बनाने में मदद की है, जिसमें आवश्यक बेड की संख्या, पीपीई किट, वेंटिलेटर, दवाएं आदि, जिन्हें देश में सप्लाई करने के साथ दुनिया के कई देशों में भी भारी मात्रा में निर्यात किया गया है, इनमें से कुछ विकसित पश्चिम के देश भी शामिल हैं।