कविता // हिन्दी ही बतलाती है अधरों पर मुस्कान लिये


सुषमा भंडारी


हिंदी 
हिन्दुस्तान------
हिन्दुस्तान ------
हिन्द देश की गौरव गाथा
हिन्दी ही बतलाती है
अधरों पर मुस्कान लिये
ये गीत प्यार के गाती है
आंखों में जो भाव तैरते
उस की ये पह्चान है
बच्चा बच्चा बोले हिंदी 
हिंदी बहुत महान है
हिन्दुस्तान-------
हिन्दुस्तान--------


साहित्य के प्राण इसी से
इक इक शब्द है एतिहासिक
देश के हर कोने मे हिंदी 
दिल्ली पूना या नासिक
पूर्व पश्चिम उत्तर दक्षिण
भाषा से उत्थान है
बच्चा बच्चा बोले हिंदी 
हिंदी बहुत महान है


हिन्दुस्तान ---------
हिन्दुस्तान ----------


सब भाषायें नदियों जैसी
हिन्दी सागर जैसी है
आकर सब मिल जाती इसमें
लगती ममता जैसी है 
वैज्ञानिक है तकनीकी है
हिन्दुस्तान की शान है
बच्चा बच्चा बोले हिंदी 
हिंदी बहुत महान है
हिन्दुस्तान --------
हिन्दुस्तान-------


 गीत 
आओ हम हिंदी में बाँटें 
सुख- दुख और व्यवहार
सचमुच जीवन को मिल पाये
इक अनुपम उपहार।


सब भाषाओं का संगम है
संस्कृत बुनियाद
अपनी ही कुछ भ्रष्टाचारी
निकली है औलाद
गैर मुल्क की भाषा से क्यूं
करते इतना प्यार
आओ हम हिन्दी में बाँटे-----------


अंग्रेजी है सौतेली पर
पाती है सम्मान
हिंदी ममता का है सागर 
रूठी क्यूं मुस्कान
माँ की खुशियां लौटा दें हम 
न हों हम लाचार
आओ हम हिंदी में बाँटे------------


भारत माँ के हर बेटे को 
याद रहे हिंदी
हिन्दुस्तानी के माथे पर
दमके ये बिंदी 
हिंदी और मातृभाषा से
केवल अपना प्यार
आओ हम हिंदी में बाँटे-----------


अकादमी तो केवल करती
भाषाओं से प्यार
हिन्दुस्तानी भाषा ना अब 
होगी यूं लाचार
यही प्रयास दिन-रैन करें हम 
कभी न माने हार
आओ हम हिन्दी में बाँटे 
सुख-दुःख और व्यवहार।


सुषमा भंडारी