" मंटो ज़िंदा है" के तेलुगु संस्करण का लोकार्पण

नयी दिल्ली -हिन्दी के वरिष्ठ कवि, नाटककार एवं आलोचक डॉ.नरेन्द्र मोहन द्वारा लिखित मंटो की जीवनी 'मंटो जिन्दा है' तेलुगु में पहली बार 'Manto : Jeevita Charitra' नाम से प्रकाशक Chaaya Resources Centre, Hyderabad की ओर से अभी हाल ही में प्रकाशित हुई है।




इसका  हिन्दी से तेलुगु में अनुवाद डॉ. टी.सी.वसंता ने किया है। इस अनूदित कृति का लोकार्पण कल शाम राजौरी गार्डन, नई दिल्ली में डॉ नरेन्द्र मोहन के निवास पर हिन्दी के सुपरिचित कथाकार,कवि एवं अनुवादक सुभाष नीरव के हाथों संपन्न हुआ। इस अवसर पर  युवा साहित्यकार सन्दीप तोमर की भी उपस्थिति रही। डॉ.नरेन्द्र मोहन और अनुवादिका वसंता को इस अनूठे कार्य के लिए साहित्य जगत की तरफ से दोनो साहित्यकारो ने बधाई प्रेषित की।
मण्टो का अलग-अलग भाषाओं में अनुदित होना उन्हें कालजयी बनाता है। इस अवसर पर नरेन्द्र मोहन जी ने मण्टो के ऊपर विस्तृत बातचीत की। उल्लेखनीय है कि यह पुस्तक अमेजॉन पर उपलब्ध है।