मस्जिद इब्ने तेमियां के मौलाना अब्दुत्तव्वाब मदनी अध्यक्ष व एड. रईस अहमद महासचिव नियुक्त

नयी दिल्ली - उत्तर पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद में स्थित मस्जिद व मदरसा इब्ने तेमिया एजूकेशनल वेलफेयर सोसायटी (रजि.) की नई कमेटी का गठन किया गया। पूर्व कमेटी को समाप्त कर समस्त पदों पर हुए चुनाव में मौलाना अब्दुत्तव्वाब मदनी अध्यक्ष व एडवोकेट रईस अहमद महासचिव के पद पर चुने गए। वहीं उपाध्यक्ष के पद पर मज़ाहिर अली व मौ. ज़ुबेर नियुक्त किए गए। उपसचिव के तौर पर मौ. मुक़ीम, अबु क़मर, तथा कोषाध्यक्ष ग़यास अहमद व उपकोषाध्यक्ष अब्दुल खालिक़ व मौ. यूनुस नियुक्त किए गए। 



अन्य पदों में मुहासिब़ के लिए शमशुददीन व मास्टर फहीम को नियुक्त किया गया। नवनियुक्त महासचिव एड. रईस अहमद ने बताया कि काफी अरसे से इन खाली पदों पर नियुक्ति की मांग की जा रही थी। पूर्व अध्यक्ष व कोषाध्यक्ष तथा एक सदस्य की मृत्यु के बाद कुछ पद खाली हो गए थे। मस्जिद में निर्माण कार्य भी जारी है और कई तरह के तलीमी और कल्याणकारी कामों में तेज़ी लाने के लिए इन पदों पर नियुक्ति की क़वायद जारी थी जोकि अब मुकम्मल हो गई है। 


एड. रईस अहमद ने आगे बताया कि तमाम लोगों की मौजूदगी में नई कमेटी के चुनाव के बाद नवनिुयक्त कमेटी की पहली मीटिंग कल सम्पन्न हुई जिसमें कई फैसले लेकर काम की शुरूआत कर दी गई है और हम उम्मीद करते हैं कि सभी लोग बहुत अच्छी तरह अपनी ज़िम्मेदारियों को अदा करते हुए अवाम की भलाई के लिए काम करेंगे। एड. रईस अहमद ने कहा कि मैं दक्षिणी भारत के प्रदेशों में जाता रहा हूं और वहां मस्जिदों में इबादत के साथ-साथ कल्याणकारी व तालीमी कामों के लिए बहुत ज़ोर दिया जाता है। वहां दीनी तालीम हासिल करके या कुरान हाफिज़ होने के साथ-साथ डाॅक्टर, इंजीनियर, कलेक्टर और पुलिस आफिसर बनकर मस्जिद से लोग निकलते हैं।


लेकिन हमारे उत्तर भारत में मस्जिदों में ज़्यादातर पांच वक़्त के लिए ही मस्जिदों को प्रयोग किया जाता है। हालांकि हमारी इस मस्जिद में पहले भी मदरसे के बच्चों को दीनी तालीम के साथ दुनियावी तालीम भी मुहैया कराई जाती रही है और यहां के बच्चे आस पास के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों से काफी बेहतर रिज़ल्ट भी देते रहे हैं। साथ ही हमारी इस सोसायटी में एक बेतुलमाल (ज़कात फंड) का इंतज़ाम किया हुआ है जोकि कई लोगों को पैसे से मदद करता रहा है और आज भी इस मुश्किल दौर में लोगों की वज़ीफो से मदद कर रहा है। इस मस्जिद का 70 के दशक में बुनियाद रखे जाने के बाद आज तक काफी अच्छे काम अंजाम दिए जाते रहे हैं और अब इस नई कमेटी में कई नौजवान शामिल किए गए है जिससे इस तरह के कामों में और तेज़ी आएगी। 


कमेटी के सम्मान्नीय सदस्यों के तौर पर तनवीर अहमद, नफीस अहमद, हाफिज़ सलीम, अनीस-उर-रहमान, हाजी हारून, मौ. तारिक़, बुनियाद अली, अब्दुल कुदूस, मौ. ताहिर, मौ. हनीफ, अब्दुल गफ़फार, इकरार हुसैन, शमीम अहमद, आयातुल्ला, इंजीनीयर अब्दुल ख़ालिक, डाॅ. आसिफ, अतीक़उर रहमान, ताहिर हुसैन, हसन अहमद आले नबी तथा प्रोपेंगेडा सेक्रेटी के लिए मौहम्मद मुजाहिद, मौ. अनस, मौ. शुऐब व मौ. इमरान आदि शामिल हैं।