विश्व मैत्री मंच द्वारा बहुभाषी राष्ट्रीय कवि सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न..

नयी दिल्ली - विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर विश्व मैत्री मंच द्वारा बहुभाषी राष्ट्रीय कवि सम्मेलन आयोजित किया गया जिसमें विभिन्न प्रदेशों की बोलियों और मातृभाषा पर कवियों ने बेहतरीन रचनाएं सुनाईं। देश के विभिन्न क्षेत्रों से अलग- अलग बोली- भाषा के कवि- कवयित्रियाँ जुड़े।



स्वागत भाषण में विश्व मैत्री मंच की संस्थापक,अध्यक्ष संतोष श्रीवास्तव ने विशिष्ट अतिथि प्रसिद्ध साहित्यकार सुभाष नीरव का परिचय देते हुए स्वागत किया। कार्यक्रम का आरंभ वर्षा रावल द्वारा सरस्वती वंदना से हुआ।


उपस्थित प्रतिभागी देवी नागरानी: (सिन्धी) ,प्यारेलाल साहू (छत्तीसगढ़) ,संतोष झांझी (पंजाबी) ,निहाल चंद्र शिवहरे (बुंदेली), संध्या निगम (बुंदेली), संतोष श्रीवास्तव (पहाड़ी), सुभाष नीरव (पंजाबी),विनीता ए कुमार (भोजपुरी) ,डा अमृता शुक्ला (बुंदेली), अनुपमा झा (छत्तीसगढ़ी) ,मल्लिका मुखर्जी (बांग्ला),नीता तरुण श्रीवास्तव (बुंदेली ) ,अमर त्रिपाठी (बुंदेली),रूपेंद्र राज ( डोगरी), लता तेजेश्वर (तेलुगु), डाॅ मंजुला पाण्डेय (कुमाऊनी), मैत्रेयी कोमिला (उड़िया) ,पारमिता सारंगी (उड़िया), क्षमा पाण्डेय  (अवधि), मीता अग्रवाल  (छत्तीसगढ़ी), उधमपुर जम्मू से नीलू थापा (डोगरी) महेश राजा सभी ने कविता, गीत, ग़ज़ल सुना कर समां बांध दिया।


रूपेंद्र राज के संचालन में आभार प्रदर्शन डॉ विनीता राहूरीकर ने किया तथा समापन वयोवृद्ध लेखिकाआशालता ओझा ने किया।