NSUI ने किसानों के मुद्दे,महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार एवं राहुल गाँधी के साथ बदसलूकी को लेकर एक दिन का सत्याग्रह किया

नयी दिल्ली - नेशनल स्टूडेंट युनियन आफॅ इंडिया (एनएसयूआई) ने 2 अक्टूबर राष्ट्रपिता गाँधी जयंती एवं लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर एक दिन का सत्याग्रह किया। एनएसयूआई का सत्याग्रह देशभर में किसानों के मुद्दे को लेकर,महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार एवं उत्तर प्रदेश में राहुल गाँधी-प्रियंका गांधी के ऊपर योगी सरकार के आदेश पर पुलिस द्वारा दुर्व्यवहार एवं लाठी चार्ज को लेकर किया।




एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज कुंदन के अनुसार उत्तर प्रदेश में दलित समाज की बेटी के साथ बलत्कार करके उसकी हत्या कर दी जाती है लेकिन प्रदेश की योगी सरकार अपराधियों पर कार्यवाही करने की जगह उन्हे बचाने का काम करती है तथा परिवार पर मामला शांत करने का दबाव बनाया जाता है। जब राहुल गाँधी पीड़िता के परिवार की आवाज़ बुलंद करने जाते है तो उनको परिवार से मिलने से रोका जाता है तथा पुलिस द्वारा दुर्व्यवहार किया जाता है। जिससे पता चलता है की भाजपा लोकतंत्र को कुचलने का काम कर रही है तथा अपने विरूद्ध उठने वाली सभी आवाजों को बल के जरिए शांत करवाना चाहती है। लेकिन हम भाजपा सरकार द्वारा खुलेआम संविधान की हत्या नही करने देंगे हम पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलवाकर रहेंगे।

नीरज कुंदन का कहना है कि हिन्दूस्तान की मौजूदा सरकार किसानों एवं महिलाओं के मुद्दे का हल निकालने की जगह विपक्ष पर हमलावर है तथा विपक्ष की आवाज़ को दबाने का काम कर रही है। उत्तर प्रदेश में हमारे नेता राहुल गाँधी एवं प्रियंका गाँधी के साथ यूपी सरकार एवं पुलिस द्वारा दुर्व्यवहार आज़ाद भारत के इतिहास में कलंक है। आज़ाद भारत के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब सरकार के आदेश पर पुलिस द्वारा देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के नेताओं पर लाठीचार्ज एवं दुर्व्यवहार किया गया हो।

मैं भारत के प्रधानमंत्री मोदी से पूछना चाहता हूँ क्या किसी पीड़ित के परिवार से मिलना जुर्म है। क्या महिलाओं एवं किसानों के हक में आवाज़ बुलंद करना जुल्म है। क्या विपक्ष द्वारा मुद्दे उठाना जुर्म है। आप क्या चाहते है विपक्ष ख़ामोश रहें और आपके इशारे पर काम करें?