विश्व मैत्री मंच द्वारा आयोजित 6 दिवसीय ऑनलाइन काव्य और लघुकथा गोष्ठी

नयी दिल्ली - विश्व मैत्री मंच राष्ट्रीय स्तर पर लघुकथा गोष्ठी का आयोजन किया गया.आयोजन संस्था की संस्थापिका संतोष श्रीवास्तव के मार्गदर्शन,अध्यक्षता मुुजफ्फ़र इक़बाल सिद्दीक़ी तथा विशिष्ट अतिथि अंतरा करवड़े की उपस्थिति में सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ.



कार्यक्रम का आरंभ संतोष श्रीवास्तव के स्वागत भाषण से हुआ जिसमें कार्यक्रम के मुख्य अतिथियों का स्वागत करते हुए लघुकथा के विषय शक्ति स्वरूपा नारी पर नारी के शक्तिस्वरूप को नकारते हुए आज के दौर में हो रहे नारी पर अत्याचार की बात कही और समाज द्वारा नारी को दोहरे रूप से छले जाने की बात कही.


गोष्ठी दो सत्रों में सम्पन्न हुआ,आयोजन का सफल संचालन नीता श्रीवास्तव ने अपने विशेष अंदाज़ में किया. पहले सत्र में निधि मद्धेशिया,सन्तोष झाँझी, सुषमा व्यास 'राजनिधि',मधुलिका सक्सेना,सुरेश बाबू मिश्र, साधना वैद, डॉ मंजुला पांडेय, रूपेंद्र राज तिवारी, तथा द्वितीय सत्र में विजयकांत वर्मा, अमर त्रिपाठी, अलका अग्रवाल,नीलिमा मिश्रा,अनिता मंदिलवार सपना, डॉ. साधना तोमर, पूर्ति वैभव खरे जी,  मधु सक्सेना , अनुपमा झा ,शिरीन भावसार, दीपाली ठाकुर, जनार्दन शर्मा ,आयोजक संतोष श्रीवास्तव, विशिष्ट अतिथि अंतरा करवड़े तथा अध्यक्ष मुज़फ्फर इक़बाल सिद्दीकी ने भी कथाएं कहीं.


कथाओं के आकलनकर्ता सरस दरबारी एवम रूपेंद्र राज तिवारी ने सभी कथाओं पर समीक्षाएं कीं,अतिथि उद्बोधन में विशिष्ट अतिथि अंतरा करवड़े जी ने आयोजन की प्रशंसा की तथा नारी के शक्ति स्वरूप के लिए गये विषय पर तथा आई हुई कथाओं पर अपनी बात कहते हुए नारी के आत्मविश्वास तथा सम्मान को तथा विपरीत परिस्थितियों में भी  नारी के धैर्य बनाए रखने की बात कही. कार्यक्रम अध्यक्ष मुज़फ्फर इक़बाल सिद्दीकी सभी कथाकारों को बधाई देते हुए नारी के शक्तिस्वरूप पर रची विभिन्न कथाओं की प्रशंसा की तथा अपनी शुभकामनायें दीं.आयोजन के अंत में रूपेंद्र राज तिवारी ने आभार व्यक्त किया तथा आयोजन का समापन नीता श्रीवास्तव ने किया..