यंग आर्टिस्ट में हुआ स्कॉलरशिप एवं मेंटरशिप के प्रोग्राम के लिए सर्वोच्च 100 फाईनलिस्ट की घोषणा

यंग आर्टिस्ट एडवांस्ड मेंटरशिप प्रोग्राम कला की शिक्षा में गेमचेंजर साबित होगा। यह भारत में विद्यार्थियों को श्रेष्ठ एक्सपोज़र प्रदान करेगा तथा एक मानसिकता वाले कलाकारों का निर्माण करेगा।



नई दिल्ली,। म्यूज़िक एवं डांस की विभिन्न शैलियों में राष्ट्रीय स्तर की टेलेंट प्रतियोगिता, एसआईएफएफ यंग आर्टिस्ट 2020 ने अपने 100 फाईनलिस्ट्स की घोषणा की। इस अभियान के लिए भारत में 11 से 18 वर्ष की आयु के विद्यार्थियों से 12000 से ज्यादा प्रविष्टियां मिलीं। इस साल इससे पूर्व यह कार्यक्रम अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कलाकारों, जैसे अमज़द अली खान, टेरेंस लेविस, शोवना नारायण, शलमली खोलगड़े एवं अरुणा साईराम ने लॉन्च किया था।


सर्वोच्च 100 फाईनलिस्ट्स को उच्च गुणवत्ता के मेंटरशिप प्रोग्राम एवं फाईनल में कैश पुरस्कार के साथ 25 लाख रु. की स्कॉलरशिप दी जा रही है। इस समय फाईनलिस्ट यंग आर्टिस्ट एडवांस्ड मेंटरशिप प्रोग्राम (वाईएएमपी) में शामिल हो रहे हैं, जिसमें उन्हें अपने चयनित विषय में प्रशिक्षित किया जाएगा। म्यूज़िक एवं डांस के विशेषज्ञ, जैसे डॉक्टर एल सुब्रमण्यम, कविता कृष्णमूर्ति एवं माधवी मुदगल ने प्रतिभागियों को मेंटर करने के लिए अपनी सहमति दी है। इसके अलावा अपने अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ, जैसे रुक्मणि विजयकुमार (भरतनाट्यम), अनुपमा भागवत (सितार/सरोद), निकिता गांधी (इंडियन एवं वेस्टर्न वोकल), सागर बोरा (हिपहॉप) आदि भी श्रेणी विशिष्ट सत्र लेंगे। फाईनल में उत्तम प्रतिभाओं को चुना जाएगा। इसका आयोजन उस समय कोविड-19 की स्थिति एवं सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुरूप होगा।


कविता अईयर, को-फाउंडर, यंग आर्टिस्ट ने कहा, ‘‘इन उत्तम प्रतिभाओं को तलाशने की प्रक्रिया देखना बहुत लाभप्रद है। हमें चयनित फाईनलिस्ट्स की घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है। हम अपने मेंटर्स एवं ज्यूरी के सदस्यों के आभारी हैं, जो हमारे इस प्रयास में हमारे साथ जुड़े।’’


यंग आर्टिस्ट सीज़न 1 को अद्भुत प्रतिक्रिया मिली। इसके लिए देश के विभिन्न हिस्सों से प्रतिक्रिया आई। उज्जैन से लेकर इम्फाल, दिल्ली से लेकर दीमापुर और नॉर्थ 24 परगना से लेकर उडुपी एवं कोजिकोडे तक हर जगह से प्रतिभागी यहां आए। देश लॉकडाऊन में जाने के साथ कला अधिकांश लोगों के लिए विलासिता का साधन बन गई। ऐसे में हम प्रतियोगिता का स्तर निरंतर बढ़ाते रहे और हमने ऑडिशन अप्रत्याशित तरीके से आयोजित किए। फाईनलिस्ट्स ने अपने अपने क्षेत्रों में अद्भुत कौशल व पकड़ का प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने अपने अद्वितीय तरीके से कला के प्रति अपने असीम उत्साह का प्रदर्शन किया। कलाकारों के परिवारों से भी विद्यार्थी यहां आए और वो लोग भी आए, जिनकी डांस के प्रति रुचि को समझने वाला कोई भी नहीं होता था। भारत में सर्वश्रेष्ठ कलाकार की तलाश में हजारों कहानियां देखने की प्रक्रिया में हमने एक चीज़ सीखी, कि ‘कला कोई भेदभाव नहीं करती, कोई सीमा नहीं जानती और कोई भी व्यक्ति कलाकार बन सकता है’।


संदीप सिंघल, ट्रस्टी, एसआईएफएफ ने कहा, ‘‘यंग आर्टिस्ट का गठन भारत में युवा कलाकारों की छिपी हुई प्रतिभा को पहचानने के लिए एक राष्ट्रीय स्तर के मंच के रूप में हुआ। यह मंच उन्हें अपने कौशल का विकास करने के लिए एक उपयोग आधार प्रदान करता है। इसके अलावा हमें विश्वास है कि यह मेंटरशिप कार्यक्रम एवं विविध कलारूपों के साथ संवाद करने का अवसर उनके ज्ञान व एक्सपोज़र को बढ़ाएगा।’’


वाईएएमपी में फाईनल परफॉर्मेंस की तैयारी के लिए मास्टरक्लास, वर्कशॉप एवं युवा कलाकारों के साथ सहयोग होगा। यंग आर्टिस्ट में कार्यक्रम की शुरुआत से ही ज्यूरी का एक प्रतिष्ठित पैनल जजिंग की प्रक्रिया में संलग्न होगा। ये विशेषज्ञ 20 श्रेणियों में से प्रत्येक के लिए वाईएएमपी की वर्कशॉप चलाएंगे।


यंग आर्टिस्ट मेंटर, कविता कृष्णमूर्ति ने कहा, ‘‘कला को व्यवसाय के रूप में अपनाने से पहले भारत में कलाकारों की अगली पीढ़ी को सही प्रशिक्षण व एक्सपोज़र मिलना जरूरी है। यंग आर्टिस्ट अपने सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थियों को समृद्ध व संपूर्ण शिक्षा का प्रशिक्षण देने के लिए सही अवधारणा के साथ तैयार है। मुझे यंग आर्टिस्ट के साथ जुड़े होने पर गर्व है। हमारे युवा कलाकारों को अपने अनुभव व ज्ञान का फायदा पहुंचाने में मुझे बहुत खुशी होती है।’’