मनुष्यता पर जो संकट है उसकी गहन पड़ताल करता है ‘कीर्तिगान’

० योगेश भट्ट ० 

नयी दिल्ली - पत्रकारिता जगत के भीतरी सत्ता-संघर्ष और संवेदनशील मानवीय मसलों पर उसकी व्यावसायिक निष्ठुरता से रू-ब-रू कराता है चंदन पांडेय का नया उपन्यास समाज में फैले उन्माद और भीड़ द्वारा की जा रही हत्याओं के मनोविज्ञान की जड़ों की कथात्मक लहजे में शिनाख्त करता है ‘कीर्तिगान’ कीर्तिगान चंदन पांडेय की उपन्यास त्रयी की दूसरी कड़ी है, पहली कड़ी है 'वैधानिक गल्प'

 पहले जिंदगी के साथ खेलते हैं फिर वह आपके साथ खेलना शुरू करती है, जितना बड़ा खेल आपने उसके साथ खेला होता है, जिंदगी उतना ही बड़ा नजीर बनाकर आपको दुनिया के सामने पेश करती है। यही मुझे इस उपन्यास के जरिये दुनिया के सामने रेखांकित करना था। यह बात कही लेखक चन्दन पांडेय ने जो अपने नए उपन्यास कीर्तिगान पर राधाकृष्ण प्रकाशन के कमीशनिंग एडिटर धर्मेन्द्र सुशांत से बात कर थे। राजकमल प्रकाशन एवं कुंजुम बुक्स के सयुक्त तत्वावधान आयोजित इस पुस्तक परिचर्चा का आयोजन बुधवार शाम ग्रेटर कैलाश 2 स्थित कुंजुम बुकस्टोर में किया गया।

कीर्तिगान उपन्यास लिखने की प्रेरणा कैसे मिली इस सवाल पर बोलते हुए लेखक चन्दन पांडेय ने कहा कि ‘इस पुस्तक को लिखने की प्रेरणा मुझे इडा बी विल की पुस्तक रेड रिकॉर्ड से मिली, जो 1894 में अमेरिका में हुई मॉब लिंचिंग पर आधारित है यह अमेरिका का वह समय था जब लोग मॉब लिंचिंग देखने के लिए छुट्टियाँ लिया करते थे और अपने बच्चों को कन्धों पर उठाकर मॉब लिंचिंग दिखाने ले जाते थे. उस समय लाखों लोग मॉब लिंचिंग से मारे गये थे। मॉब लीन्चर के हौसले इतने बुलंद हुआ करते थे कि वे लेखक विल को पत्र लिखकर कहते थे की बचा सकती हो तो बचा लो इन लोगों को नहीं तो अपने आप को’।

: राधाकृष्ण प्रकाशन के कमीशनिंग एडिटर धर्मेन्द्र सुशांत ने कहा कि कीर्तिगान मनुष्यता पर जो संकट है उसकी गहन पड़ताल करता है। यह एक ऐसा उपन्यास है जिसमें चिंता,डर विचलन और दिल दहलाने वाले तत्व हैं। भीड़ और उसकी मानसिकता को अच्छी तरह बयाँ करता है यह उपन्यास।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

"मुंशी प्रेमचंद के कथा -साहित्य का नारी -विमर्श"

जयपुर में 17 प्रदेशों के प्रतिनिधियो ने प्रभावी शिक्षा प्रणाली तथा नई शिक्षा नीति पर मंथन किया

टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट में उत्तराखण्ड के प्रतिभाशाली खिलाड़ीयो की 32 टीमे भाग ले रही है

इंडियन फेडरेशन ऑफ जनरल इंश्योरेंस एजेंट एसोसिएशन का राजस्थान रीजन का वार्षिक अभिकर्ता सम्मेलन

हिंदी के बदलते स्वरूप के साथ खुद को भी बदलने की तरफ जोर