सीएसयू के विजीटिंग प्रोफेसर अरिन्दम चक्रवर्ती एक्टेंशन लेक्चर देंगे

० योगेश भट्ट ० +

नयी दिल्ली। केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, दिल्ली तथा ‌भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद् , दिल्ली के संयुक्त तत्त्वावधान में 'भारतीय दार्शनिक दिवस 'के उपलक्ष्य पर 22 जूलाई को एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन इंडिया इंटरनेशनल सेंटर(आईआईसी), दिल्ली में किया गया है । कुलपति का मानना है कि आज़ादी के अमृत महोत्सव पर स्वतन्त्रता की भावना के चिन्तन को लेकर - आधुनिकपाश्चात्यमीमांसायां स्वातन्त्र्यविमर्श: (Reflections on Freedom in Contemporary Western Philosophy)नामक यह संगोष्ठी बहुत ही अर्थ पूर्ण होगा ।

हवायी विश्वविद्यालय, अमेरिका के दर्शन विभाग के जाने माने विद्वान् प्रो अरिन्दम चक्रवर्ती इसमें अपना एक्सटेंशन व्याख्यान देंगें। वर्तमान युग में पश्चिमी दुनिया के दर्शन में स्वतन्त्रता को लेकर क्या चिन्तन है ? ऐसे युगीन विमर्श में न्याय दर्शन तथा संगणकीय ज्ञान परम्परा के विश्व विश्रूत विद्वान कुलपति प्रो वरखेड़ी के साथ साथ जाने माने भारतीय दार्शनिक प्रो सच्चिदानन्द मिश्रा ,सदस्य - सचिव ,आईसीपीआर भी उपस्थित रहेंगे।

इस संगोष्ठी के निवेदक के रूप में केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो रणजित कुमार बर्मन् तथा आईसीपीआर के निदेशिका डा पूजा व्यास हैं । इसमें व्याख्यान के बाद , अद्वैत दर्शन के लब्धप्रतिष्ठ विद्वान तथा पूर्व कुलपति, राष्ट्रिय संस्कृत संस्थान, दिल्ली के प्रो वेम्पटी कुटुम्ब शास्त्री की अध्यक्षता में एक विशेष प्रश्नावली सत्र का भी आयोजन किया गया है जिसके लिए अनेक विद्वानों को भी आमंत्रित किया गया है ,ताकि आज के युग में विदेशी दर्शन में स्वतन्त्रता की भावना के चिन्तन के तथ्यों को और उजागर किया जा सके।व्याकरण शास्त्र तथा संस्कृत विद्या के नदीष्ण युवा विद्वान आचार्य मधुकेश्वर भट्ट , केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, दिल्ली इस महत्त्वपूर्ण संगोष्ठी के संयोजक हैं।

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