हिन्दी भाषा के विकास के लिए केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय कटिबद्ध

० योगेश भट्ट ० 
नयी दिल्ली।भारतीय अन्य भाषाओं की तरह ही इसका भी विपुल तथा लोकप्रिय साहित्य है । भारतीय स्वतंत्रता संग्राम तथा राष्ट्र निर्माण में इस भाषा का महत्त्वपूर्ण योगदान रहा है । उन्होंने यह भी कहा कि वस्तुत: यह ' हिन्दी दिवस ' एक संकल्प दिवस है जिसका उद्देश्य अपने कार्यालय तथा दैनिक जीवन आदि में हिन्दी को बढ़ावा देना है ।

केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, दिल्ली के कुलपति प्रो श्रीनिवास वरखेड़ी ने 'हिन्दी दिवस ' के उपलक्ष्य में अपने तथा अपने विश्वविद्यालय की ओर से सभी देश वासियों तथा हिन्दी अनुरागियों को हार्दिक बधाई देते कहा कि भाषा अपने देश की अन्त: सांस्कृतिक स्रोत होती है ।अतः भाषा तथा साहित्य अपने राष्ट्र का धरोहर होने के कारण वहां की पहचान भी होती है । यही कारण है कि हिन्दी अपने आम बोल चाल , फिल्म तथा उनके गानों तथा सोशल मीडिया के द्वारा आज लगभग समग्र भारतवर्ष को जोड़ती है । इसलिए हिन्दी भाषा के विकास के लिए केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय भी कटिबद्ध है ।

कुलपति प्रो श्रीनिवास वरखेड़ी ने यह भी कहा है कि इस वर्ष भी हिन्दी को और अधिक प्रोत्साहन देने के लिए 'हिन्दी कार्यशाला ', 'हिन्दी टिप्पण तथा प्रारुप लेखन ' 'राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक ' के साथ साथ ' स्वरचित कविता 'जैसी छ: प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जा रहा है , इन प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त विजेताओं को क्रमशः 5000/-,4000/-तथा 3000/-धन राशि भी पुरस्कार स्वरूप दिया जाएगा ।इसके अतिरिक्त 3000/-धन राशि का दो प्रोत्साहन पुरस्कार भी दिया जाएगा । 
14 से 29 सितंबर के दौरान चलने वाले इस हिन्दी पखवाड़े को अभिमुखी तथा आभासी दोनों माध्यमों से सोल्लास मनाने की तैयारी इस विश्वविद्यालय में चल रही है जिसमें केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, दिल्ली तथा देश के विविध प्रदेशों में अवस्थित इसके परिसर भी भाग लेंगे ।

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