प्रोफेसर राधा बल्लभ डोभाल का पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन.

० योगेश भट्ट ० 
मुंबई -उत्तराखंडी समाज में चेतना भरने हेतु आपने मुंबई में कई संस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाई। आप उत्तरांचल विचार मंच, मुंबई के आजीवन संस्थापक अध्यक्ष भी रहे। उत्तरांचल विचार मंच ने आपके ही मार्गदर्शन से मुंबई में प्रथम उत्तराखंडी कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया था, जिसमें देशभर से १६ उत्तराखंडी कवियों ने भाग लिया था। मुंबई की सबसे पुरानी एवं प्रतिष्ठित संस्था गढ़वाल भ्रातृ मण्डल के आप आजीवन सदस्य भी रहे तथा मण्डल द्वारा प्रदत्त गढ़रत्न अवार्ड की समिति के प्रायः अध्यक्ष भी बने रहे । एक प्रखर वक्ता, कुशल मार्गदर्शक एवं आकर्षक व्यक्तित्व के कारण आप मुंबई में उत्तराखंड के प्रायः अधिकांश समारोहों के मुख्य अतिथि या मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित किए जाते थे। आप सौम्य स्वभाव वाले एवं ज्ञान भंडार से परिपोषित व्यक्तित्व के धनी होने के कारण सभी के प्रति सम्मानित महानुभाव थे। लेकिन आज आपके अचानक चले जाने के कारण समाज में एक शून्यता का आभास-सा हो रहा है ।
 
मुंबई के शिक्षाविद् एवं समाजसेवी प्रोफेसर राधा बल्लभ डोभाल का १७-९-२२ की प्रातः जोगेश्वरी स्थित उनके निवास स्थान में दुखद निधन हो गया । उनके पुत्र यादवेन्द्र ने मुंबई के प्रबुद्धजन उत्तराखंडियों के समक्ष मुखाग्नि देकर उनके पार्थिव शरीर को पंचतत्व में विलीन कर दिया।रूद्रप्रयाग के मूल निवासी प्रोफेसर राधा बल्लभ डोभाल ने पौड़ी स्थित मेसमोर इंटर कालेज व डीएवी देहरादून से अपनी शिक्षा प्राप्त की थी। उसके बाद आपने मुंबई आकर मिट्ठीबाई कालेज में अंग्रेजी का अध्यापन कार्य किया।

आप छात्र जीवन में छात्र संघ की राजनीति में भी सक्रिय रहे। आपने देहरादून में डा. हरिदत्त भट्ट शैलैश एवं चारूचंद चंदोला आदि मित्रों के साथ मिलकर सामाजिक संगठन बनाकर अपनी सक्रियता बनाए रखी। मुंबई आकर आप जाइंट इंटरनेशनल जैसी अंतर्राष्ट्रीय संस्था के संस्थापक बने।आप अपने पीछे अपनी धर्मपत्नी श्रीमती पुष्पा डोभाल, पुत्र यादवेन्द्र, बहू राखी एवं एक नाती शिखर को छोड़कर इस लोक से परलोक के लिए सिधार गए हैं। 

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