"I support Ayurved" को 1.7 करोड़ से अधिक लोगों का समर्थन

० योगेश भट्ट ० 
नई दिल्ली,  “आयुर्वेद, देश की प्राचीन परम्परा और धरोहर है जिसका जंगल में रहने वालों से घनिष्ठ सम्बन्ध है। आयुर्वेद अपने आप में एक ऐसा चिकित्सा विज्ञान है जिसमें उपचार पर नहीं अपितु रोगों से बचाव पर बल दिया जाता रहा है। भारत समेत विश्व के अनेक हिस्सों में 7वां आयुर्वेद दिवस बड़े पैमाने पर धूम-धाम से मनाया गया। इस साल इस आयोजन को "हर दिन हर घर आयुर्वेद" के थीम साथ मनाया गया। इस आयोजन का उद्देश्य जन-जन तक आयुर्वेद को पहुंचाना और इसे सामान्य दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना था। भारत सरकार के 26 से अधिक मंत्रालयों और विदेश मंत्रालय और दूतावासों के सहयोग से 5000 से अधिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

 इस कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा, आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, विदेश और संस्कृति राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी, केन्द्रीय राज्य मंत्री आयुष डॉ. मुंजपारा महेंद्रभाई कालूभाई, आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा; सचिव, जनजातीय कार्य मंत्री अनिल कुमार झा, विशेष सचिव, एमओए प्रमोद कुमार पाठक और निदेशक, प्रो।(डॉ।) तनुजा मनोज नेसरी, सहित विदेशी दूतावासों और डब्ल्यूएचओ-एसईआरओ के प्रतिनिधि शामिल हुए। 

 केंद्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने आयुर्वेद की महत्ता पर बल देते हुए कहा, “आयुर्वेद हमरी संस्कृति की ऐसी शक्ति है जिसके आधार पर हम एक निरोग, सशक्त व आत्मनिर्भर भारत का निर्माण कर सकते हैं। "वहीं आयुष मंत्री डॉ. मुंजपारा महेंद्रभाई कालूभाई ने इस अवसर पर कहा, हमने देश में स्वास्थ्य की आयुष प्रणाली को गति दी है, आयुर्वेद को अब 30 देशों में मान्यता प्राप्त है। इतना ही नहीं आयुष का मौजूदा कारोबार 18.1 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है।' प्रो. (डॉ.) तनुजा मनोज नेसरी, निदेशक, अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान ने इस कार्यक्रम में बताया, ''I support Ayurveda'' अभियान को पूरे देश का भरपूर समर्थन मिला है, जिसमें 1.7 करोड़ से अधिक लोगों ने भाग लिया। पिछले 6 सप्ताह तक चलने वाले कार्यक्रम में 56 लाख से अधिक लोगों ने आयुर्वेद दिवस 2022 से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया।

जनजातीय विकास के लिए दोनों मंत्रालयों के बीच सहयोग, अभिसरण और तालमेल के क्षेत्रों का पता लगाने और उनके उत्थान के लिए काम करने के उद्देश्य के साथ आयुष मंत्रालय और जनजातीय मामलों के मंत्रालय के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर “द आयुर्वेदिक फार्माकोपिया ऑफ इंडिया और द आयुर्वेदिक फॉर्म्युलारी ऑफ इंडिया” विषय पर एक पुस्तक का विमोचन भी किया गया। औषधीय पौधों के स्वास्थ्य लाभों के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए, आयुष मंत्रालय द्वारा अश्वगंधा - एक हेल्थ प्रमोटर पर एक विशिष्ट राष्ट्रीय अभियान शुरू किया गया था। आयुर्वेद दिवस के इस मौके पर अलग अलग विषयों पर शॉर्ट वीडियो कॉम्पटीशन के पांच प्रथम पुरस्कार विजेताओं को केंद्रीय आयुष मंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा सम्मानित किया गया।

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