विकलांगता अब अभिशाप नहीं : आर डे

० योगेश भट्ट ० 
नई दिल्ली : देश में 21 तरह की विकलांगता को सरकार ने मान्यता दे रखी है। जिसमे उन्हें सरकार द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रम का लाभ मिलता हैं। वहीं,जिनका किसी तरह शारीरिक भाग, पोलियो या अन्य कारणो से हाथ और पैर बेकार,और खराब हो जाते हैं, उनको पूरी तरह सहायता उपलब्ध की जाती है,जिसमे समाज कल्याण मंत्रालय भारत सरकार,द्वारा चलाए जा रहे पंडित दीनदयाल उपाध्याय नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर पर्सन विथ फिजिकल डिसएबिलिटी,में ऐसे लोगो को कृत्रिम हाथ वा पैर बनाकर दिए जाते हैं, वहीं यहां हर वर्ष सैकड़ों छात्र शिक्षा भी ले रहे हैं।

5 नवंबर को विश्व ऑर्थोटिक्स एंड प्रोस्थेटिक्स दिवस पहली बार ,जिसे "इलेबलिंग एंड एंपावरिंग" के रूप में मनाया गया।जिसे पंडित दिनदयाल उपाध्याय नेशनल इंस्टीट्यूट,सफदरजंग हॉस्पिटल,स्पेनियल इंजुरी सेंटर वसंत कुंज के सैकड़ों डॉक्टर,नर्स,छात्रों,और सामाजिक संस्थाओं ने कनाट प्लेस से कार्यालय आईटीओ तक पैदल मार्च, हाथो में बैनर पोस्टर लेकर निकाला और लोगो को जागरूक किया ।

मुख्य अथिति उपनिदेशक सूचना प्रौद्योगिकी रामानुज डे,ने बताया कि केंद्र सरकार के साथ राज्य सरकारों की भी जिम्मेदारी बनती हैं कि ऐसे विकलांग लोगो की भरपूर मदद करे,उन्हे स्वावलंबी बनाए। आज विकलांगता अभिशाप नहीं। उन्होंने बताया कि 5 नवंबर को पहला विश्व प्रोथेस्टिक्स एंड ऑर्थोडिक्स दिवस के मौके पर, विभाग द्वारा जागरूकता रैली निकाली गई है।आर डे ने बताया कि विकलांगो को आधुनिक तकनीकी से बने हाथ और पैर लगाए जाते हैं वह स्वावलंबी बन सकविश्व विकलांग योगा चैंपियन योगेश कुमार ने भी योग दिखाए वही नुक्कड़ नाटक से भी लोगो को जागरूक किया गया।

डा जी पांडियन उपाध्यक्ष ने भी संस्था की और से किए जा रहे विकलांगो के लिए कार्यों पर प्रकाश डालते हुए 5=नवंबर को घोषित दिवस पर जागरूकता रैली की सफलता,और सरकार के द्वारा दी जा रही सहायता का भी धन्यवाद दियाइस मौके पर डा आनंद भट्ट,डा एम सी दास एवम कई अन्य सामाजिक कार्यकर्ता भी उपस्थित थे।

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