चुनाव आते ही राम रहीम पैरोल पर जेल से बाहर आते है

० विनोद तकिया वाला ० 
नयी दिल्ली - राम रहीम के परोल मिलते सता के गलियारे में सता - विपक्ष ब्यान बाजी शुरू हो गई अनिल विज ने कहा कि डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम 40 दिन की परोल पर बाहर, बरनावा आश्रम पहुंचे।हरियाणा में पंचायत चुनाव का शोर है। डेरा प्रमुख राम रहीम को को ऐसे समय पर पैरोल दिया गया है,जब कुछ ही दिनों में हरियाणा में पंचायत चुनाव होने वाले हैं।आप को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की विधानसभा सीट करनाल है।हरियाणा सरकार ने गुरमीत राम रहीम को पैरोल मिलने को 'रूटीन प्रक्रिया' कहा है।
लोकतंत्र के उपवन में चुनाव का अपना महत्व से हम सभी भली भांति परिचित है।पजातंत्र में जनता जनार्दन ही सर्वोपरि होता है।भले ही राजनीतिक दल उनकी भावनाओं का दुर उपयोग कर सता व सिंघासन का सुख भोगती रही है।इस बात इतिहास गवाह है।चाहे इसके लिए उन्हे जनता की धार्मिक भावनाओं से खेलना क्यो नही पड़े !आज आप के समाने एक जीता जागता उदाहरण पेश कर रहे है।यह घटना डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख बाबा गुरुमीत राम रहीम से जुडी है।जिससे भारतीय राजनीति के पंडित व राजनीतिक विश्लेषज्ञ की मध्य चिन्ता व चर्चा के केंद्र विन्दु में बावा बने है।जब चुनाव नजदीक आते तो डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख राम रहीम को जेल से पैरोल पर बाहर निकाला जाता है।राज्य सरकार को बाबा व डेरा समर्थकों की ताकत का पता है।तभी तो बाबा ने अपने आकाओं व राजनेताओं को वहाँ से ऑनलाइन संदेश में इस बात का इशारा भी कर दिया कि उनकी शक्ति व लोक प्रियता उनके अंध भक्तों में बीच में अभी भी बरकार है।आप को बता दे कि हरियाणा के नौ जिलों की करीब तीन दर्जन विधानसभा सीटों पर डेरे का पूरा दखल है।

राजनीतिक दल के नेता को पता चलें इसलिए जब राम रहीम के 40 दिन पैरोल पर जेल से बाहर आने की खबर सुनते हीं सारे नेता गण अपनी स्वार्थ की पूर्ति के लिए एक्टिव हो गए है।तभी तो राम रहीम अपने भक्तों व समर्थकों के समाने ना आकर न केवल अपना सतसंग कर रहे बल्कि ऑनलाइन आशीर्वाद भी दे रहे हैं।जैसा कि सर्व विदित रहे कि हरियाणा के आदमपुर में उपचुनाव के साथ राज्य में पंचायत चुनाव होने हैं और राज्य सरकार की अनुकम्पा पर ‘बाबा’ एक फिर जेल से बाहर आ गया है।राम रहीम ने जेल से लेकर आश्रम तक भीड़ जुटा ली,बाबा की दरबार लगते ही अंध भक्तों के साथ नेताओं की लाइन लग गई।

राम रहीम कई अपराधिक मामले में 20 साल काटने हैं और पिछले पांच साल में 6 बार पैरोल पर आ चुका है। हरियाणा में दो चरणों में पंचायत चुनाव कराए जा रहे हैं।पहले चरण में 10 जिलों की जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए 30 अक्तूबर और सरपंच-पंच पद के लिए दो नवंबर को वोटिंग होगी।वहीं दूसरे चरण में नौ जिलों में नौ नवंबर को जिला परिषद और पंचायत समितियों के लिए और 12 नवंबर को पंच-सरपंच पदों के लिए वोटिंग कराई जाएगी,वही आदमपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव भी है जिसकी वोटिंग दो नवंबर को होगी।

आप को याद होगा कि माननीय न्यायालय के द्वारा गुरमीत राम रहीम को सन 2017 से साध्वी यौन शोषण मामले में सजा काट रहा है और उन्हे दो पत्रकार छत्रपति और रणजीत हत्याकांड में भी सजा हो चुकी है। लेकिन जब जब चुनाव आता है तब तब राम रहीम पैरोल पर बाहर आता है। इस साल भी पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले 7 फरवरी को 21 दिन की पेरोल बाबा मिली थी।उसके तीन महीने बाद 27 जून को फिर से राम रहीम को 30 दिन की पैरोल मिली थी।2021 में तीन बार और 2022 में दो बार पैरोल पर बाहर थे । आप को बता दे कि बाबा का समर्थक पुरे देश है लेकिन हरियाणा पंजाब में अधिक है।

हरियाणा के नौ जिलों की करीब तीन दर्जन विधानसभा सीटों पर डेरे का पूरा पकड है। यहाँ के 15 से 20 लाख अनुयायी डेरे से जुड़े है ऐसे में हर राजनीतिक दल बाबा व डेरा की ताकत को समझती है। हरियाणा के सिरसा,हिसार,फतेहाबाद,कैथल,जींद,अंबाला,यमुनानगर और कुरुक्षेत्र जिले ऐसे हैं,जहां डेरा सच्चा सौदा का जनता पर सीधा असर है। जैसे ही राम रहीम के 40 दिन पैरोल पर बाहर आने की खबर सामने आई वैसे ही हरियाणा में नेता एक्टिव हो गए। राज्य के सभी सरपंच,ब्लॉक समिति मेंबर और जिला परिषद पदों के दावेदार उम्मीदवार बाबा के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंच गए। हालाकि गुरुमीत किसी को सामने से दर्शन नहीं दे रहे हैं लेकिन ऑनलाइन सत्संग कर रहे है व ऑनलाइन आशीर्वाद दे रहे हैं।

विगत दिनों जब राम रहीम के ऑनलाइन सत्संग में राजनेताओ की लम्बी कतार लग गई , एक भाजपा की मेयर ने तो यहाँ तक कह दी कि- 'पिताजी आपका आशीर्वाद बना रहे'।सबसे हैरानी की बात यह है कि इस सत्संग में बीजेपी की नेता पहुंचीं और उन्होंने जेल में सजा काट रहे राम रहीम से आशीर्वाद लिया ।इस क्रम में 18 अक्टूबर को गुरमीत राम रहीम ने उत्तर प्रदेश के बागपत से एक 'वर्चुअल सत्संग' का आयोजन किया।इस कार्यक्रम में हरियाणा बीजेपी के बड़े बड़े नेताओं ने हाजिरी लगाई।राम रहीम के इस ऑनलाइन कार्यक्रम में पंचायत चुनाव के उम्मीदवार भी पहुंचे और राम रहीम से 'आशीर्वाद' लिया।

बलात्कार के दोषी राम-रहीम से ऑनलाइन संवाद करते हुए करनाल की बीजेपी से मेयर रेणु बाला गुप्ता ने राम रहीम को 'पिताजी' कहकर संबोधित किया इस कार्यक्रम में शामिल होने नेताओं में करनाल नगर निगम की मेयर रेणु बाला गुप्ता,बीजेपी जिलाअध्यक्ष योगेंद्र राणा, डिप्टी मेयर नवीन कुमार और सीनियर डिप्टी मेयर राजेश कुमार शामिल थे।मेयर रेणु बाला गुप्ता ने राम रहीम से फोन पर बात करते हुए यहाँ तक कहा,"पिताजी आपका आशीर्वाद बना रहे और पहले भी आप करनाल आए थे और स्वच्छता का संदेश जो आपने दिया था,उससे करनाल आगे बढ़ा है,और आगे भी आप आकर करनाल को आगे बढ़ाएं व सबको आशीर्वाद दें ।

सीनियर डिप्टी मेयर ने कहा कि बाबा जी का सत्संग था।उन्हें साध संगत ने सत्संग में बुलाया था ।जनता ही इस चीज का फैसला करती है।जनता का आशीर्वाद होना जरूरी है।पैरोल का चुनाव से कनेक्शन होने के सवाल पर डिप्टी मेयर ने कहा कि कोई भी इंसान अपनी समझ से पैरोल की मांग कर सकता है ।इस पर हमारे जेल मंत्री और न्यायालय को पैरोल देने का अधिकार है ,हो सकता है कि उन्होंने दिवाली के त्यौहार को लेकर पैरोल ली हो और इसको चुनाव के साथ जोड़कर न दे

अपनीअपनी आस्था गुरमीत राम रहीम से करनाल के बीजेपी के नेताओं के मिलने पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि अपनी-अपनी आस्था है कोई किसी से भी मिल सकता है। किसी से भी बातचीत कर सकता है ।
हरियाणा की आदमपुर सीट पर 3 नवंबर को उपचुनाव हो रही है।ये इलाका हिसार जिले में आता है और यहां बाबा राम रहीम का अच्छा प्रभाव है।ऐसे हमे हिन्दी की एक कहावत याद रही है - "समथ को दोष ना गुसाई "। शवितशाली व प्रभाव शाली व्यक्ति के लिए कोई कानुन नही है।भले राम रहीम के परोल को विपक्षी दल कितने शोर मचाये ।बाबा को न्यायालय भले अपराधी घोषित कर दिए हो।अब तो दबी जुबान से यह चर्चा हो रही कही विलकिश बानु केश के तर्ज पर इनकी भी अच्छे आचारण पर रिहाई की माँग राम रहीम के समर्थक / भक्त ना करने लगे। अन्तिम फैसला तो न्यायपालिका को करना है। क्या उचित है / क्या अनुचित । 

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