वाप्कोस और एनपीसीसी में प्रभावी प्रबंधन हेतु एक महत्‍वपूर्ण उपकरण – सम्‍मेलन

० योगेश भट्ट ० 
नयी दिल्ली - वाप्कोस और एनपीसीसी में 31 अक्‍टूबर से 6 नवम्‍बर तक सतर्कता जागरूकता सप्‍ताह मनाया जा रहा है जिसका विषय ‘ एक विकसित राष्‍ट्र के लिए भ्रष्‍टाचार मुक्‍त भारत’ है।इस सप्‍ताह के दौरान भ्रष्‍टाचार के दुष्‍परिणामों के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए वाप्कोस में विभिन्‍न गतिविधियों जैसे प्रमुख स्‍थानों पर बैनर/पोस्‍टर लगाना, बच्‍चों और कर्मचारियों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता, निबंध लेखन जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। एनपीसीसी भी सतर्कता जागरूकता सप्‍ताह 2022 की थीम के अनुसार फरीदाबाद और गुड़गांव शहरों में पढ़ रहे बच्‍चों के लिए पोस्‍टर प्रतियोगिता और निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन करेगी।

वाप्कोस और एनपीसीसी ने सीएसओआई ऑडिटोरियम, चाणक्‍यपुरी, नई दिल्‍ली में निवारक सतर्कता सम्‍मेलन – वाप्कोस और एनपीसीसी में प्रभावी प्रबंधन हेतु एक महत्‍वपूर्ण उपकरण – सम्‍मेलन का आयोजन किया। इस अवसर पर जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार में सचिव श्री पंकज कुमार मुख्‍य अतिथि थे। श्री शैलेन्‍द्र सिंह, मुख्‍य प्रौद्योगिकी जांचकर्ता, सीवीसी और डॉ. नितिन दीप ब्लग्गन, डीआईजी एवं शाखा प्रमुख/एसी-I, सीबीआई, नई दिल्‍ली ने भी इस सम्‍मलेन में भाग लिया। साथ ही श्री आर. के. अग्रवाल, सीएमडी, श्री पंकज कपूर,निदेशक (वित्‍त), श्री अनुपम चंद्रा, सीवीओ, और वाप्‍कोस और एनपीसीसी के वरिष्‍ठ अधिकारी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे। जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग, जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले संगठनों के सीवीओ और वीओ ने भी इस सम्‍मलेन में भाग लिया।

 पंकज कुमार ने दैनिक जीवन में सतर्कता के महत्त्व पर प्रकाश डाला और सम्मलेन में उपस्थित सभी सदस्यों से एक भ्रष्टाचार मुक्त विकसित भारत के लिए माननीय प्रधानमंत्री जी के दृष्टिकोण के अनुरूप ‘पञ्च प्राण’ का पालन करने की अपील की। मुख्य अतिथि ने भी कार्यक्रम के दौरान “कम्पेंडियम ऑफ़ इंस्ट्रक्शन्स एंड गाइडलाइन्स - वाप्कोस एंड एनपीसीसी” का विमोचन किया, जो संस्थानों के दिन प्रति दिन के कार्यों में पारदर्शिता को बढ़ावा देगा।इस अवसर पर संजीव शर्मा, राष्ट्रीय अध्यक्ष, भ्रष्टाचार विरोधी फाउंडेशन, नई दिल्ली और  डी.आर. हांडा, प्रमुख वैज्ञानिक अधिकारी (सेवानिवृत), केन्द्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला, नई दिल्ली द्वारा प्रेजेंटेशंस भी प्रस्तुत की गईं।

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