लोकतंत्र में विश्वास मजबूत करना हो पत्रकारिता का ध्येय - राज्यपाल

० आशा पटेल ० 
जयपुर । मीडिया को अपनी स्वतंत्रता का सजगता और गंभीरता से उपयोग करने की दिशा में वृहद स्तर पर चिंतन करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मीडिया को संवैधानिक रूप में भारत सहित विश्वभर में बहुत से स्तरों पर नियंत्रण से मुक्त रखा गया है, परन्तु फिर भी मीडिया को स्वयं के स्तर पर अपने लिए कोई आचार संहिता बनानी चाहिए जिससे राष्ट्र हित को प्रभावित करने वाली, द्वेष और हिंसा फैलाने वाली खबरों का प्रकाशन-प्रसारण नहीं हो।राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा है कि मीडिया लोकतंत्र का सबसे बड़ा संदेशवाहक है और संवैधानिक मूल्यों एवं लोकतंत्र के प्रति लोगों में विश्वास मजबूत करना ही पत्रकारिता का ध्येय होना चाहिए।

राज्यपाल मिश्र बिड़ला ऑडिटोरियम में महानगर टाइम्स समाचार पत्र के रजत जयन्ती महोत्सव में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पाठकों को तथ्यपरक समाचार देना और विचार संपन्न करना ही स्वस्थ पत्रकारिता है। उन्होंने कहा कि एक दौर में मीडिया मिशनरी भावना से कार्य करता था, वहीं अब मीडिया जगत में तेजी से व्यावसायिक बदलाव आ रहे हैं। फिर भी बहुत से मीडिया संस्थान पत्रकारिता के स्वस्थ मूल्यों की पालना करने के साथ लोकतंत्र को सुदृढ़ करने में लगे हैं। राज्यपाल मिश्र ने भारत की छवि बिगाड़ने के उद्देश्य से विदेशी मीडिया संस्थानों द्वारा किए जाने वाले कुप्रचार की ओर इंगित करते हुए कहा कि प्रोपेगेण्डा और खबर में बारीक अंतर होता है। उन्होंने कहा कि विदेशी मीडिया संस्थानों द्वारा मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता से जुड़े जो सूचकांक जारी किए जाते हैं, हमारे देश के मीडिया को इनकी वास्तविकता में जाते हुए इनसे बचने की जरूरत है।

राज्यपाल ने संपादक संस्था के कम हो रहे महत्व पर चिंता प्रकट करते हुए कहा कि मीडिया आम आदमी को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक ही नहीं करता बल्कि कर्तव्यों के प्रति सजग भी करता है। उन्होंने कहा कि नम्बर वन बनने की होड़ में राष्ट्र हित और नैतिकता को ताक पर रखने और संवेदनहीनता की प्रवृत्ति भी दिखाई दे रही है। उन्होंने मीडिया की साख को बचाए रखने के लिए जनसरोकारों से जुड़ी पत्रकारिता के लिए सभी स्तरों पर प्रभावी प्रयास किए जाने पर जोर दिया।

केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि शीघ्र ही देश में समाचार पत्र पंजीयन की सम्पूर्ण व्यवस्था को ऑनलाइन कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार मीडिया सम्बन्धी कानूनों में सुधार की तैयारी भी कर रही है। उन्होंने डिजिटल मीडिया की प्रासंगिकता की चर्चा करते हुए कहा कि इसके विभिन्न पहलुओं पर समग्रता से विचार किया जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी ने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में कार्यपालिका का उत्तरदायित्व तय करने में पत्रकारिता का महत्वपूर्ण योगदान है जिस कारण पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ भी कहा जाता है।

शिक्षा मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने अपने संबोधन में समाचार पत्रों की बदलती भूमिका को रेखांकित करते हुए नए समय- संदर्भों के अनुरूप विशेषज्ञ पत्रकारिता की आवश्यकता पर बल दिया।महानगर टाइम्स के संस्थापक गोपाल शर्मा ने समाचार पत्र की ढाई दशक की विकास यात्रा पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में स्व. कन्हैयालाल साहू को राष्ट्रीय समरसता सम्मान, नेत्रेश शर्मा को राष्ट्रीय शौर्य सम्मान, विमला कुमावत को राष्ट्रीय सेवा सम्मान प्रदान किया गया। स्व. कन्हैयालाल के लिए यह सम्मान उनकी पत्नी और पुत्र ने प्राप्त किया। 

इस अवसर पर पद्मश्री अनवर खां मांगणियार एवं उनके पौत्र मोती खां ने सांस्कृतिक प्रस्तुति भी दी। राज्यपाल ने कार्यक्रम में उपस्थितजन को संविधान की उद्देशिका और मूल कर्तव्यों का वाचन भी करवाया। कार्यक्रम में श्रीमद्जगद्गुरू शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती, विधायक डॉ. सतीश पूनिया, क्षत्रिय युवक संघ के संरक्षक श्री भगवान सिंह रोलसाहबसर ने भी विचार व्यक्त किए। 

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