नौनिहाल’ में निखरेगा बच्चों का हुनर, मंच एक एक्टिविटी अनेक,होंगी कई रोचक गतिविधियां

० अशोक चतुर्वेदी ० 
जयपुरः यह बाल दिवस बच्चों के लिए बेहद खास रहने वाला है। जवाहर कला केंद्र की ओर से 14 व 15 नवंबर को नौनिहाल कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान होने वाली विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों में पूरी तरह से बच्चों की भागीदारी रहेगी। जेकेके की अति. महानिदेशक प्रियंका जोधावत ने कहा कि नौनिहाल बच्चों में रचनात्मकता बढ़ाने की दिशा में एक कदम है। केंद्र का प्रयास रहेगा की नौनिहाल के जरिए बच्चे कला जगत के चार अहम पहलुओं साहित्य, नृत्य-गायन, नाट्य कला, दृश्य कला से अधिक से अधिक जुड़ सके।
फिल्म स्क्रीनिंग, लेटर रीडिंग और नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) का नाटक विशेष आकर्षण रहने वाला है। अपने में इतिहास, नैतिक तत्वों और प्रेरक तथ्यों को संजोने वाली 1950 के दशक में बनी डॉक्यूमेंट्री राज्य फिल्म अभिलेखागार, अजमेर से जेकेके विशेष तौर पर बच्चों के लिए लेकर आया है। एनएसडी की ओर से किस्से सूझ बूझ के नाटक मुख्य रूप से बच्चों के लिए तैयार किया गया है। लेटर रीडिंग सेशन में ‘पिता के पत्र पुत्री के नाम’ किताब से लिए गए कुछ पत्रों का सार नाटकीय रूप में पेश करने का प्रयास रहेगा।

14 नवंबर को सुबह 10 बजे डूडल वाॅल सेशन के साथ कार्यक्रम का आगाज होगा। इसमें बच्चे अपनी कल्पनाओं के रंगों से वाॅल पर चित्र उकेरेंगे। फिल्म स्क्रीनिंग सेशन बेहद खास रहने वाला है। 14 नवंबर को सुबह 10ः15 से 11 बजे गैलरी नंबर चार और 15 नवंबर को सुबह 9 से 10 बजे अलंकार म्यूजियम में बच्चों को 6 डाॅक्यूमेंट्री दिखायी जाएंगी दोनों ही दिन नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति भी होंगी। बच्चों द्वारा विभिन्न मुद्दों को मंच पर जाहिर किया जाएगा। पहले दिन सुबह 11ः15 से 12ः30 बजे और दूसरे दिन 10ः15 से 11ः30 बजे शिल्पग्राम के मंच पर नुक्कड़ नाटक होंगे।

15 नवंबर को सुबह 9 से 10 बजे कृष्णायन सभागार में लेटर रीडिंग सेशन होगा। ‘पिता के पत्र पुत्री के नाम’ किताब से लिए गए कुछ पत्रों को इस दौरान बच्चों द्वारा पढ़ा जाएगा। अनोखे ढंग से बच्चों का साहित्यिक पक्ष मजबूत करने के लिए इस दौरान नाटकीय विधा का भी सहारा लिया जाएगा। दूसरे दिन, 15 नवंबर को नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा का नाटक देखने का अवसर भी मिलेगा। सुबह 11ः45 से 12ः45 तक रंगायन सभागार में किस्से सूझ बूझ के नाटक का मंचन होगा। इसमें स्कूली बच्चे हिस्सा लेंगे। शाम 6ः30 से 7ः30 बजे रंगायन सभागार में हर आयु वर्ग के लोग इस नाटक को निःशुल्क देख सकेंगे।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

अतरलाल कोलारे बने नुन्हारिया मेहरा समाज के प्रांतीय अध्यक्ष

दादा लख्मी फ़िल्म देश ही नहीं बल्कि विश्व में हलचल मचा सकती है - हितेश शर्मा

भोजपुरी एल्बम दिल के लुटल चैना 5 दिसंबर को होगा रिलीज

Delhi MCD Election वार्ड 117 से आप उम्मीदवार तिलोत्तमा चौधरी की जीत की राह आसान

दिल्ली मूल ग्रामीणों की 36 बिरादरी अपनी अनदेखी से लामबंद