तूफान प्रभावित ओडिशा को 1000 करोड़ रुपये की और सहायता राशि जारी

नयी दिल्ली - कैबिनेट सचिव पी.के. सिन्‍हा की अध्‍यक्षता में राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) ने राज्‍य सरकार और संबंधित केन्‍द्रीय मंत्रालयों/एजेंसियों के वरिष्‍ठ अधिकारियों के साथ ओडिशा के चक्रवाती तूफान 'फोनी' से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों की फिर से समीक्षा की।


गृह मंत्रालय ने ओडिशा को 1000 करोड़ रुपये की और सहायता राशि जारी की है, जिसकी घोषणा प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने की थी। इससे पहले राज्‍य को 341 करोड़ रुपये उसके एसडीआरएफ में अग्रिम राशि के तौर पर मुहैया कराए गए थे।


बिजली से संबंधित बुनियादी ढांचागत सुविधाओं को जल्‍द बहाल करने पर विशेष जोर देते हुए ओडिशा सरकार ने यह जानकारी दी कि केन्‍द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों (पीएसयू) और पड़ोसी राज्‍यों की ओर से आई सामग्री के साथ-साथ अतिरिक्‍त श्रम बल को तैनात करने के फलस्‍वरूप भुवनेश्‍वर में विद्युत आपूर्ति को आंशिक तौर पर बहाल कर दिया गया है, जबकि पुरी में अभी कई क्षेत्रों को कवर करने की जरूरत है। जल, स्‍वास्‍थ्‍य एवं बैंकिंग जैसी आवश्‍यक सेवाओं को बनाए रखने के लिए डीजल जनरेटर सेटों के जरिए विद्युत आपूर्ति सुलभ कराई जा रही है। यह जानकारी दी गई है कि पुरी में लैंडलाइन से जुड़ी कनेक्टिविटी बहाल कर दी गई है, जबकि मोबाइल सेवाएं अब भी अस्‍त-व्‍यस्‍त हैं।


दूरसंचार विभाग तूफान प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल एवं इंटरनेट सेवाओं की बहाली हेतु प्राथमिकता वाली योजना लागू करने के लिए राज्‍य सरकार के साथ समन्‍वय स्‍थापित कर रहा है। मोबाइल सेवा प्रदाता इन क्षेत्रों में मुफ्त एसएमएस और इंट्रा-सर्किल रोमिंग की सुविधा दे रहे हैं। पुरी में पहियों पर चालित सेल्‍युलर टावर इसतेमाल में लाए जा रहे हैं।


बैंकिंग सेवाएं बहाल हो गई हैं और सभी एटीएम को चालू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।


केन्‍द्र ने राज्‍य में जेईई एडवांस्‍ड परीक्षाओं की पंजीकरण तिथियां पांच दिन और बढ़ाकर 14 मई तक करने का भी निर्णय लिया है। जो विद्यार्थी इंटरनेट कनेक्टिविटी पाने में असमर्थ हैं, वे पंजीकरण के लिए आईआईटी भुवनेश्‍वर से संपर्क कर सकते हैं।


कैबिनेट सचिव ने राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए इस बात पर विशेष बल दिया कि पुरी और भुवनेश्‍वर में बिजली एवं दूरसंचार सेवाओं को प्राथमिकता के आधार पर ब‍हाल करने की जरूरत है। उन्‍होंने संबंधित राज्‍य और केन्‍द्रीय अधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ काम करने को कहा। उन्‍होंने यह भी निर्देश दिया है कि आवश्‍यक सेवाओं की बहाली से जुड़े प्रयासों में सहयोग के लिए पर्याप्‍त संख्‍या में जेनसेट और मोबाइल सेल्‍युलर टावरों की व्‍यवस्‍था की जाए।


ओडिशा के मुख्‍य सचिव और अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारियों ने भी वीडियो कांफ्रेंस के जरिए एनसीएमसी की बैठक में भाग लिया। गृह, विद्युत, दूरसंचार, इस्‍पात, वित्‍तीय सेवा, सड़क एवं परिवहन, स्‍वास्‍थ्‍य और उच्‍च शिक्षा मंत्रालयों तथा एनडीएमए के वरिष्‍ठ अधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया।