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अगस्त 20, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

स्वस्थ आलोचना को दंडित करने का अर्थ है, विरोध का मुंह बंद कर देना

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इलाहाबाद // सर्वोच्च न्यायालय द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशान्त भूषण को अवमानना का दोषी घोषित किये जाने के खिलाफ इलाहाबाद का नागरिक समाज द्वारा बालसन चैराहे पर एक जनविरोध आयोजित हुआ। प्रदर्शन मे वक्ताओं ने इस बात पर प्रकाश डाला  कि श्री भूषण के दोनो ट्वीट आम वादकर्ताओं द्वारा न्याय की उम्मीद में सर्वोच्च न्यायालय में मामले दर्ज करने के दौरान आ रही कठिनाईयों को रेखांकित करती हैं। पहली ट्वीट सर्वोच्च न्यायालय में चल रहे लाॅकडाउन प्रणाली की आलोचना करते हुए कहती है कि यह “नागरिकों की न्याय की खोज के मौलिक अधिकार” को बाधित करती है। दूसरी ट्वीट भारत में लोकतंत्र के विनाश का जिक्र करते हुए कहती है कि जब इतिहासकार इसका मूल्यांकन करेंगे तो तब वे “विशेष तौर पर इस विनाश में सर्वोच्च न्यायालय की भूमिका और इससे भी ज्यादा 4 मुख्य न्यायाधीशों की भूमिका को चिन्हित करेंगे”। ये सारा कुछ हमारी न्याय व्यवस्था के कामकाज का एक आलोचनात्मक मूल्यांकन है। यह चिन्हित की गयी कमियों में सुधार प्राप्त करने का प्रयास है। सच्चाई की खोज के लिए हमारा संवैधानिक ढांचा और सभ्य रवैया आलोचना और प्रतिआलोचना को स्वीकार करता

ईएसडीएस बड़े पैमाने पर छात्रों के हित में अपनी तकनीकी दक्षता उपलब्‍ध करायेगा

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नयी दिल्ली : ईएसडीएस सॉफ्टवेयर सॉल्‍यूशंस को यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि इसने एमआईटी यूनिवर्सिटी, पुणे के साथ सहयोग स्‍थापित किया है। इस सहयोग के जरिए, ईएसडीएस बड़े पैमाने पर छात्रों के हित में अपनी तकनीकी दक्षता उपलब्‍ध करायेगा और शिक्षा व शिक्षा जगत के बीच की दूरी को पाटने का काम करेगा। ईएसडीएस और एमआईटी यूनिवर्सिटी ने एक समझौता-पत्र (एमओयू) पर हस्‍ताक्षर किया है। इस समझौते के तहत, क्‍लाउड कंप्‍यूटिंग की बड़ी कंपनी, ईएसडीएस के नेतृत्‍व में छात्रों पर केंद्रित पहल शुरू की जायेगी और एमआईटी के छात्रों को क्‍लाउड कंप्‍यूटिंग एवं इमर्जिंग टेक्नोलॉजिज के क्षेत्र में दक्षतापूर्ण जानकारी प्रदान की जायेगी। एमआईटी एक प्रमुख उच्‍चानुशीलन विश्‍वविद्यालय है, जो मूल्‍य-आधारित ''वैश्विक शिक्षा प्रणाली'' के जरिए ''शांतिपूर्ण संस्‍कृति'' (कल्‍चर ऑफ पीस) को बढ़ावा देता है, ताकि छात्रों के लिए एक ठोस मंच का निर्माण किया जा सके और उन्‍हें इंडस्‍ट्री के लिए तैयार किया जा सके।     इस समझौता के अंतर्गत ईएसडीएस और एमआईटी यूनिवर्सिटी के बीच ज्ञान को परस्‍पर साझा किया

वापसी की उम्मीद पैदा करते हुए आर्थिक स्थिति में आशाएं दिखने लगी हैं

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अमेरिका और चीन जैसे सुपरपावर देशों के बीच तनाव घटने के बीच ग्लोबल आर्थिक परिस्थितियों में रिकवरी हासिल करने के लिए औद्योगिकी गतिविधियां फिर तेज हुई कोविड-19 वैक्सीन ट्रायल्स के इर्द-गिर्द घूम रही उम्मीदें रूस के योगदान के कारण हाल ही में बढ़ गई हैं। सामान्य स्थिति में वापसी की उम्मीद पैदा करते हुए आर्थिक स्थिति में आशाएं दिखने लगी हैं। सोना स्पॉट गोल्ड 2.15 प्रतिशत की तेजी के साथ 1985.5 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर बंद हुआ, जो अमेरिकी डॉलर में आई कमजोरी की वजह से था। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड्स ने पीली धातु की अपील बढ़ाई। न्यूयॉर्क के फेडरल रिजर्व ने कमजोर आर्थिक आंकड़े पेश किए थे। इससे भी पीली धातु को कुछ सपोर्ट मिला। न्यूयॉर्क फेड के एम्पायर स्टेट में बिजनेस कंडीशंस इंडेक्स जुलाई-2020 के 3.7 के मुकाबले गिरकर  अगस्त-2020 में 17.2 हो गया। यहां तक कि नए ऑर्डर भी जुलाई के 20.9 से बढ़कर अगस्त-2020 में -1.7 हो गए। कच्चा तेल  डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमतें सोमवार को 2.1 फीसदी बढ़कर 42.9 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर बंद हुईं। बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमत चीन की मांग में वृद्धि का परिणाम थी। और ओ

कविता // ग्रुप

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विश्वेश्वर ढौण्डियाल ग्रुप एक मेल है, विचारों का बंधन है।  समूह का विलय है भावों का चमन है।  अनेकता में एकता-ध्येय का एक संकल्प है,  ज्ञान का एक कुंज है, समस्या का विकल्प है। ध्येय का परिधान है, विज्ञान का हर ज्ञान है।  उसे भी पथ दिखाता भूल से जो अनजान है।  भविष्य का प्रवाह नित है वर्तमान का परिदृश्य।  खोज का हर ज्ञान इसमें, जो अतीत के थे अदृश्य। कई धागों की डोर यह,मजबूत बनती श्रृंखला।  इस श्रंखला की राह में,अद्भुत है बनती है हर कला। हर कला से हर एक सृजन, सृजन से होता है आधार,  आधार से मंजिल है मिलती, यही तो है ग्रुप का सार।           

कविता // आत्म निर्भर भारत

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एस० एस० बिष्ट आत्म निर्भर भारत भारतीयों का लक्ष्य निर्माण बन गया है भारत माता का प्रतीक संस्कृति सभ्यता की पहचान बन गया है    धन सम्पदा वैभव और शक्ति स्वर्णिम भारत की प्राचीन शान हैं भारत अविनाशी खण्ड है आत्मा भी अमर अविनाशी सŸाा है मन मन्दिर की अदृश्य चैतन्य मूरत है आत्मा भारतीय संस्कृति सभ्यता की पहचान है आत्मा ज्ञान पवित्रता प्रेम सुख शान्ति आत्मा के सत्गुण है आत्म निर्भर भारत का यर्थात वास्तविक मर्म क्या है कर्म क्षेत्र पर श्रेष्ठ कर्म मानवता का धर्म समझाता है आत्म निर्भर भारत आत्म अभिमानी का लक्ष्य दर्शाता है वक्त इतिहास को दोहरा रहा है दिशा व दशा बदलनी होगी एक जुट हो सहयोग की आहुति इस महायज्ञ में देनी होगी आत्म निर्भर भारत नवयुग की आगामी शुरूआत है हर वस्तु हो स्वदेशी आत्म निर्भरता की यही तो बात है इस महायज्ञ में बस इतनी सी ही आहुति देनी है राष्ट्र हित के लिए मात्र सहयोग कि अंजली देनी है आत्म निर्भर भारत हमारी सोच व कर्मों पर आधारित होगा भारत भाग्य विधाता बन भारत का नव निर्माण करना होगा श्रेष्ठ कर्म ही भारत की संस्कृति और सभ्यता को दर्शाता है-2 आत्म निर्भर भारत आत्मा और भारत

अशोक लेलैंड की नवीनतम रेंज 'एवीटीआर' अजमेर के ग्राहकों को डिलीवर

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अजमेर : हिंदुजाग्रुप की मशहूर कंपनी और भारत के प्रमुख वाणिज्यिक वाहन निर्माता, अशोक लेलैंड, मॉड्युलर ट्रक्सु की अपनी नवीनतम रेंज 'एवीटीआर' की 1350 से अधिक गाडि़यां देश भर में डिलिवर कर चुका है। हम i-Gen6 BS-VI तकनीक युक्तट एवीटीआर को अजमेर में लांच कर रहे हैं और ग्राहकों को गाडि़यां सौंप रहे हैं। अशोक लेलैंड के सीओओ अनुज कथूरिया और अशोक लेलैंड डीलर्स का परिवार इस मौके पर मौजूद रहा और उन्हों ने वर्चुअल माध्य म से ग्राहकों को ट्रकें सौंपी। अशोक लेलैंड के सीओओ अनुज कथूरिया ने बताया, ''हमारे ट्रक्सु की एवीटीआर रेंज हमारे ग्राहकों को नवीनतम तकनीक एवं नवाचार प्रदान करती है। हमारी अर्थव्य'वस्था् धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रही है और कारोबार सामान्यए हो रहे हैं, ऐसे में ये ट्रक्सो सामानों को ढोने में महत्वरपूर्ण भूमिका निभायेंगी। चूंकि लागत प्रबंधन बहुत ही महत्वंपूर्ण है, इसलिए ये नई ट्रकें सर्वोत्तेम कोटि के परिचालन एवं मेंटनेंस लागत सहित टोटल कॉस्ट। ऑफ ओनरशिप (टीसीओ) की दृष्टि से मानक कायम करेंगी। एएमपीएल के हमारे विश्वबसनीय पार्टनर्स के साथ, हमें अजमेर में अपने कारोबार को बढ