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नवंबर 17, 2022 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

पत्रकारों की समस्याओं के समाधान के लिए मीडिया कमीशन के गठन की मांग

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० योगेश भट्ट ०     नई दिल्ली : राज्य सभा के उपाध्यक्ष हरिवंश ने प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया में देश के पत्रकारों की सर्वोचय संस्था एक्रिडिटेड जर्नलिस्ट एसोसिएशन ‘’ AJA ‘’ एवं प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया द्वारा सयुंक्त रूप से आयोजित राष्ट्रीय प्रेस दिवस का शुभारम्भ करते हुए कहा कि पत्रकारों को वर्तमान और आने वाले समय की परिकल्पना करते हुए स्वयं को विकसित करना होगा , अपनी सुख सुविधाओं के लिए मात्र सरकार पर आश्रित न होते हुए मीडिया घरानों के मालिकों के साथ मिलकर परस्पर विकास की रूपरेखा बनानी होगी /  हरिवंश ने कहा कि 150 वर्ष पुरानी गौरवशाली भारतीय पत्रकारिता को आदर्श मानते हुए हमें नई सूचना तकनीक को अपनाने की आवश्यकता है।  दिल्ली विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष डॉ. योगानंद शास्त्री ने सुप्रसिद्ध समाजवादी चिंतक रघु ठाकुर द्वारा लिखित पुस्तक '' गाँधी और अम्बेडकर ‘ कितने पास कितने दूर ’ के अंग्रज़ी संकलन का विभोचन करते हुए महात्मा गाँधी के महान पक्षकार चेहरे की विस्तृत चर्चा की / वरिष्ठ पत्रकार और दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री रमाकांत गोस्वामी ने एक्रिडिटेड जर्नलिस्ट एसोसिएशन '' AJA '' की

दुनिया भर में पत्रकारों पर सर्वाधिक खतरा है और भारत भी इस मामले में अछूता नहीं

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० योगेश भट्ट ०  तेजपुर (असम) "स्वतंत्र प्रेस एक जीवंत लोकतंत्र की नींव है। 138 करोड़ भारतीयों के कौशल, ताकत और रचनात्मकता दिखाने के लिए मीडिया का अधिक से अधिक इस्तेमाल किया जा सकता है। मीडिया का काम बेजुबानों को जुबान देना है।" यह विचार भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी), नई दिल्ली के महानिदेशक प्रो. (डॉ.) संजय द्विवेदी ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर तेजपुर विश्वविद्यालय, असम द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डी.के. भट्टाचार्य, कुलसचिव प्रो. वीरेन दास, 'द असम ट्रिब्यून' के कार्यकारी संपादक पीजे बरुआ और पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यक्ष प्रो. अभिजीत वोरा भी उपस्थित रहे। प्रो. द्विवेदी ने कहा कि स्वाधीनता आंदोलन से आजादी के अमृत काल तक की इस यात्रा में अपनी निष्पक्ष सोच और स्वतंत्र विचारधारा से प्रेस ने देश को दिशा देने का काम किया है। लोकतंत्र को सुदृढ़ बनाते हुए भारत के निर्माण में प्रेस का योगदान सराहनीय है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक आलोचना हो या फिर सफलता की कहानियों को उजागर करना, मीडिया भारत

नाटक वर्तमान दौर के टूटते पारिवारिक परिवेश से जूझते वृद्ध लोगों की मनोवैज्ञानिक स्थिति को उजागर करने वाला

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०  संत कुमार गोस्वामी ०  मुंबई लेट्स विन द हार्ट थियेटर सोसाइटी द्वारा 'बलि और शंभू' नाटक का मंचन किया गया। मानव कौल के लिखे इस नाटक का निर्देशन युवा रंगकर्मी राजकुमार अहिरवार ने किया। नाटक में बुढ़ापे के अकेलेपन और बेचारगी को दिखाने के साथ-साथ बुजुर्गों के दिल में पनपने वाली इच्छाओं और उम्मीदों को भी बहुत ही अच्छे ढंग से प्रस्तुत किया। अँधेरी पश्चिम के आदर्श नगर स्थित शाकुंतलम हाल में हुआ ये नाटक दो वृद्ध लोगों शंभू और बलि की दास्तान है, जो विपरीत हालात से जूझते हुए एक वृद्धाश्रम में रह रहे हैं। शंभू अपनी मृत बेटी तितली की याद में खोया रहता है जबकि बलि वृद्धाश्रम की डाक्टर के कथित प्रेम में पड़कर हास्यास्पद स्तिथियों को जन्म देता है।  शंभू वृद्धाश्रम के अपने कमरे में अकेला रहता है लेकिन उस कमरे के दूसरे बेड पर जब बलि का आना होता है तो उसे बड़ी परेशानी हो जाती है। वह उसे बर्दाश्त नहीं कर पाता लेकिन जब उसे पता चलता है कि उसके और बलि के हालात एक जैसे हैं, तो उसे बलि से हमदर्दी होने लगती है। यही नहीं, कुछ दिनों पश्चात तो वे दोनों एक दूसरे के इतने करीब आ जाते हैं कि अपने दिल की बातें

आयरलैंड सरकार के प्रयास से नई दिल्ली में शुरू होने वाले इन-पर्सन एजुकेशन फेयर में आएंगे कई आयरिश संस्थान

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० नूरुद्दीन अंसारी ०  नई दिल्ली, भारतीय छात्रों के आयरलैंड में शिक्षा संबंधी तमाम लक्ष्य से एजुकेशन इन आयरलैंड ने नई दिल्ली में महामारी के बाद अपना पहला इन-पर्सन एजुकेशन फेयर आयोजित किया है। आयरिश उच्च शिक्षा संस्थानों को बढ़ावा देते आयरिश सरकार के नेशनल ब्रांड एजुकेशन इन आयरलैंड एक बार फिर ऑन-ग्राउंड मेलों का आयोजन कर प्रतिभागियों को जानकारी प्राप्त करने का अधिक से अधिक अवसर देगा और शैक्षणिक वर्ष 2023-2024 में विदेश में पढ़ने के इच्छुक भारतीय छात्रों को महत्वपूर्ण सूझबूझ प्रदान करेगा।  दिल्ली के द ललित होटल में 19 नवंबर आयोजित मेले में 16 प्रमुख आयरिश एचईआई भाग लेकर प्रतिभागियों के प्रश्नों के उत्तर देंगे, विमर्श करेंगेे, उपलब्ध प्रोग्राम के बारे में बताएंगे, इनटेक, ऑफर मंजूर करने, कैंपस लाइफ, आवास, अंतर्राष्ट्रीय छात्र सहायता सेवा, छात्रवृत्ति, संस्कृति और बहुत कुछ के बारे में बात करेंगे। और यह किसी एजेंट की सेवा लिए बिना आसानी से एक जगह मुमकिन होगा। नई दिल्ली के अलावा, एजुकेशन इन आयरलैंड के मेले पुणे, मुंबई, चेन्नई और बंगलुरु में आयोजित किए जाएंगे। आयरलैंड विदेशी छात्रों का स्वागत करन

सच्चाई जानने के लिए ऑनेस्ट एक्सपर्ट और क्वालिफाईड फोटो जर्नलिज्म आवश्यक

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० आशा पटेल ०  जयपुर । पत्रकारिता के विद्यार्थियों को हार्डकोर फोटोजर्नलिज्म की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों से अवगत कराने के उद्देश्य से जयपुर फोटोजर्नलिज्म सेमिनार के 8वां संस्करण का आयोजन बाईस गोदाम सर्किल स्थित 5 बाय ओयो जयपुर में किया गया। इस सेमिनार में पत्रकारिता एवं फोटो पत्रकारिता का गहन अनुभव रखने वाले विशेषज्ञों ने अपने-अपने अनुभव साँझा किये। सेमिनार में देश के विभिन्न हिस्सों के पत्रकारिता एवं जनसंचार के लगभग 150 विद्यार्थियों और प्रोफेसर ने शिरकत की। इस सेमिनार के मुख्य वक्ता संजय अवस्थी, इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (आईओएम) (संयुक्त राष्ट्र यूएन प्रवासन एजेंसी) केप्रमुख ने अपने संबोधन के जरिए बताया कि अगर कोई दुनिया की सच्चाई जानना चाहता हैं तो ऑनेस्ट एक्सपर्ट और क्वालिफाईड फोटोजर्नलिज्म बेहद आवश्यक है। श्री अवस्थी ने जानकारी दी कि लगभग 3.5 करोड़ भारतीय विदेशों में विभिन्न हिस्सों में रह रहे हैं। किसी भी देश में माइग्रेट होने से पूर्व वहां की परिस्थितियां जानने में फोटो जर्नलिज्म की भूमिका अहम होती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कुछ फोटोग्राफ्स के माध्यम से सीरिया से कनाड