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15वां वित्‍त आयोग अर्थशात्रियों के साथ बैठक करेगा

नयी दिल्ली - 15वां वित्‍त आयोग मुंबई में 8 और 9 मई को भारतीय रिजर्व बैंक, बैंकों, वित्तीय संस्थानों और प्रतिष्ठित अर्थशात्रियों के साथ बैठक करेगा। आयोग का नेतृत्‍व उसके अध्‍यक्ष एन.के. सिंह करेंगे तथा आयोग के सभी सदस्‍य और वरिष्‍ठ अधिकारी बैठक में हिस्‍सा लेंगे। भारतीय रिजर्व बैंक का नेतृत्‍व उसके गवर्नर श्री शक्तिकांत दास करेंगे। बैठक के दौरान कई बिन्‍दुओं पर चर्चा की जाएगी। बैठक में बृहद-वित्‍तीय स्थिरता संबंधी मानकों को ध्‍यान में रखते हुए 15वें वित्‍त आयोग के लिए प्रमुख बृहद-आर्थिक प्रतिमानों का जायजा लिया जाएगा, 15वें वित्‍त आयोग की अवधि के हवाले से केन्‍द्र और राज्‍यों द्वारा लिए जाने वाले ऋण की चर्चा की जाएगी, भारतीय रिजर्व बैंक के पास उपलब्‍ध बेशी पूंजी पर बिमल जालान समिति की रिपोर्ट के संभावित पक्षों तथा उक्‍त पूंजी को भारत सरकार को हस्‍तांतरित करने पर विचार किया जाएगा, 15वें वित्‍त आयोग के दौरान भारत सरकार को हस्‍तांतरित करने योग्‍य प्रतिभूतियों के विषय में भारतीय रिजर्व बैंक के अपने मूल्‍यांकन का जायजा लिया जाएगा। इसी तरह बैंकों और वित्‍तीय संस्‍थानों के साथ बैठक में भी 15

स्‍कॉर्पिन वर्ग में चौथी पनडुब्‍बी वेला का उद्घाटन

    नयी दिल्ली - भारतीय नौसेना के लिए मझगांव डॉक शिपबिल्‍डर्स लिमिटेड (एमडीएल) द्वारा तैयार की जा रही स्‍कॉर्पिन वर्ग की चौथी पनडुब्‍बी वेला को रक्षा उत्‍पाद सचिव डॉक्‍टर अजय कुमार की पत्‍नी श्रीमती वीणा अजय कुमार ने लांच किया। रक्षा उत्‍पाद सचिव डॉक्‍टर अजय कुमार इस मौके पर मुख्‍य अतिथि थे। इस इस मौके पर वाइस एडमिरल ए के सक्‍सेना, सीडब्‍ल्‍यूपीएंडए भी मौजूद थे। इस कार्यक्रम से जाहिर है कि मझगांव डॉक शिपबिल्‍डर्स लिमिटेड द्वारा इस पनडुब्‍बी का निर्माण मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत किया जा रहा है जिसे रक्षा उत्‍पाद विभाग सक्रियता से लागू कर रहा है।                वेला पनडुब्‍बी को नौका-सेतू से उसे अलग करने के लिए मुम्‍बई पोर्ट ट्रस्‍ट लाया गया। पनडुब्‍बी का बंदरगाह और समुद्र में कठिन परीक्षण और जांच की जायेगी, उसके बाद ही इस भारतीय नौसेना को सौंपा जायेगा।       स्‍कॉर्पिन वर्ग की छह पनडुब्बियों के निर्माण और तकनीक हस्‍तांतरण के लिए फ्रांस की कंपनी नेवल ग्रुप को सहयोगी कंपनी के रूप में ठेका दिया गया है और इसका निर्माण मझगांव डॉक शिपबिल्‍डर्स लिमिटेड कर रही है।                एमडीएल क

आयकर रिटर्न की ई-फाइलिंग में 19 प्रतिशत की वृद्धि

नयी दिल्ली - मीडिया में कुछ खबरें आई हैं कि वित्त वर्ष 2017-18 की तुलना में वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान इनकम टैक्स रिटर्न की ई-फाइलिंग में कमी आई है। यह तथ्यात्मक रूप से गलत है क्योंकि वित्त वर्ष 2017-18 और वित्त वर्ष 2018-19 के आंकड़ों की सीधे तौर पर तुलना नहीं की जा सकती। वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान फाइल किए गए कुल 6.74 करोड़ आईटीआर में से 5.47 करोड़ आईटीआर निर्धारण वर्ष 2017-18 (चालू वर्ष) के लिए फाइल किए गए थे। इसकी तुलना में वित्त वर्ष 2018-19 में कुल 6.68 करोड़ आईटीआर फाइल किए गए और इसमें चालू निर्धारण वर्ष 2018-19 के 6.49 करोड़ आईटीआर शामिल हैं। इस प्रकार इसमें 19 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसका अर्थ है कि आयकर दाताओं की एक बड़ी संख्या ने वित्त वर्ष 2017-18 की तुलना में वित्त वर्ष 2018-19 में इलेक्ट्रॉनिक रूप से आईटीआर फाइल किया। वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान निर्धारण वर्ष 2017-18 के अतिरिक्त लगभग 1.21 करोड़ आईटीआर निर्धारण वर्ष 2016-17 के लिए फाइल किए गए। निर्धारण वर्ष 2015-16  और इसके पूर्व के निर्धारण वर्षों के लिए फाइल की गई शेष आईटीआरों की संख्या 0.06 करोड़ है। इसकी