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1984 दंगा मामले को राहुल ने बताया त्रासदी, पित्रोदा को मांगनी चाहिए माफी

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नयी दिल्ली - कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के संदर्भ में सैम पित्रोदा की ओर से दिए कथित विवादित बयान को पार्टी लाइन से अलग टिप्पणी करार दिया और कहा कि इसके लिए पित्रोदा को माफी मांगनी चाहिए। गांधी ने कहा कि मुझे लगता है कि सैम पित्रोदा ने जो कहा है वो पार्टी लाइन से पूरी तरह अलग है और इसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि 1984 एक ऐसी त्रासदी थी जिसने बहुत पीड़ा दी। न्याय होना चाहिए। जो लोग भी इसके लिए जिम्मेदार हैं उन्हें सजा मिलनी चाहिए।   गांधी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने माफी मांगी, मेरी मां सोनिया गांधी ने माफी मांगी। हम सबने अपना रुख स्पष्ट कर दिया कि वह एक भयावह त्रासदी थी जो नहीं होनी चाहिए थी। खबरों के मुताबिक पित्रोदा ने कहा था कि अब क्या है 84 का? आपने (नरेंद्र मोदी) पांच साल में क्या किया, उसकी बात करिए। 84 में जो हुआ, वो हुआ। इस मामले पर विवाद खड़ा होने के बाद पित्रोदा ने कहा कि भाजपा अपनी नाकामियां छिपाने के लिए उनके शब्दों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रही है।

विकासशील देशों की डब्‍ल्‍यूटीओ बैठक13 से 14 मई को नई दिल्‍ली में

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नयी दिल्ली - विकासशील देशों की डब्‍ल्‍यूटीओ मंत्रिस्‍तरीय बैठक 13 से 14 मई को नई दिल्‍ली में आयोजित होगी। भारत इस बैठक की मेजबानी कर रहा है। डब्‍ल्यूटीओ के डी जी और 16 विकासशील देश व 6 अल्‍प विकसित देश- (अर्जेंटीना, बांग्लादेश, बारबाडोस, बेनिन, ब्राजील, सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक (सीएआर), चाड, चीन, मिस्र, ग्वाटेमाला, गुयाना, इंडोनेशिया, जमैका, कजाकिस्तान, मलावी, मलेशिया, नाइजीरिया, ओमान, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, युगांडा) इस बैठक में भाग ले रहे हैं। बांग्‍लादेश, सीएआर और दक्षिण अफ्रीका के मंत्रियों ने बैठक में भाग लेने पर सहमति प्रदान कर दी है। अन्‍य देशों के उपमंत्री, वरिष्‍ठ अधिकारी और राजदूत अपने-अपने देशों का प्रतिनिधित्‍व करेंगे।                                                                                                                                       दो दिवसीय बैठक में आपसी विचार-विमर्श के सत्र होंगे ताकि मंत्रिगण विभिन्‍न मुद्दों पर चर्चा कर सकें और भविष्‍य के लिए नीतियां बना सकें। पहले दिन भाग लेने वाले देशों के वरिष्‍ठ अधिकारियों की बैठक होगी। बैठक ऐसे समय मे

चक्रवाती तूफान से हुए नुकसान के आकलन के लिए पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर और कोणार्क के सूर्य मंदिर का दौरा 

नयी दिल्ली - भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की महानिदेशक श्रीमती उषा शर्मा के नेतृत्व में एएसआई के अधिकारियों का एक उच्च स्तरीय दल चक्रवाती तूफान फोनी से श्री जगन्नाथ मंदिर, पुरी और कोणार्क सूर्य मंदिर को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए ओडिशा की यात्रा पर है। दल ने कोणार्क मंदिर का दौरा किया। इस दल ने पाया कि  मंदिर को कोई संरचनात्मक नुकसान नहीं हुआ है। इस दल ने यह भी जानकारी दी कि रासायनिक सफाई के लिए बनाए गए मचान में ऊपरी स्तर पर कुछ विस्थापन है जिसे ठीक किया जा रहा है। तूफान में 200 से अधिक पेड़ क्षतिग्रस्त हो गए हैं जिन्हें साफ किया जा रहा है। इंटरनेट पहुंच सहित बिजली और रोशनी व्यवस्था खराब हो गई है जिसे ठीक करने में कुछ समय लगेगा। सूर्य मंदिर को जनता के लिए अगले 2-3 दिनों में खोल दिया जाएगा। रासायनिक सफाई और पूर्व की तरफ के संस्थापन कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। लगभग एक पखवाड़े के भीतर इस मंदिर में सामान्य स्थिति बहाल हो जाएगी। यह दल नुकसान का आकलन करने के लिए श्री जगन्नाथ पुरी मंदिर का दौरा करेगा। राज्य सरकार ने इस विश्व धरोहर मंदिर को हुए नुकसान का आकलन कर

कैट ने हवाई किराया नियंत्रण बोर्ड गठित करने का सुझाव दिया

नयी दिल्ली - केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु को  भेजे  एक ज्ञापन में  हवाई किराए में अत्यधिक वृद्धि पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडियाट्रेडर्स (कैट ) ने कहा कि जेट एयरवेज के बंद होने के बाद से विभिन्न एयरलाइन कंपनियों ने अपने हवाई किराए में अत्यधिक वृद्धि की है जो किफायती मूल्य निर्धारण के सिद्धांतके खिलाफ है ! विभिन्न एयरलाइन कंपनियां बिना किसी ठोस तर्क अथवा बुनियादी ढांचे में किसी परिवर्तन के डायनामिक मूल्य नीति के बहाने अनुचित किराए ले रही हैं। किसीभी एक एयरलाइन में कुछ दिनों के भीतर एक ही सीट के लिए किराए का बड़ा अंतर हो जाता है जो इस तथ्य को स्थापित करता है कि एयरलाइन अनुचित लाभ कमा रही हैंजिससे हवाई यात्रा करने वाले व्यापारियों एवं  सामान्य वर्ग को बेहद परेशानी हो रही है!   कैट  के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी. सी. भारतिया और राष्ट्रीय महामंत्री  प्रवीन खंडेलवाल ने अपने ज्ञापन में प्रभु का ध्यान  इस तथ्य की ओर आकर्षित किया है कि पिछले कुछमहीनों में देश भर में हवाई यात्रा के किराए में अचानक अत्यधिक वृद्धि हुई है जो गंभीर चिंता का विषय है क्योंकि यह न केवल एक