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जनवरी 4, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

62 शहरों में इलेक्‍ट्रिक वाहनों के लिए 2636 चार्जिंग स्‍टेशनों को लगाया जाएगा

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महाराष्‍ट्र में कुल मिलाकर 317 इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्‍टेशनों का आवंटन किया गया है। इसी तरह आंध्र प्रदेश में 266 इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्‍टेशनों, तमिलनाडु में 256, गुजरात में 228, राजस्‍थान में 205, उत्‍तर प्रदेश में 207, कर्नाटक में 172, मध्‍य प्रदेश में 159, पश्चिम बंगाल में 141, तेलंगाना में 138, केरल में 131, दिल्‍ली में 72, चंडीगढ़ में 70, हरियाणा में 50, मेघालय में 40, बिहार में 37, सिक्किम में 29, जम्‍मू-कश्‍मीर एवं छत्‍तीसगढ़ में 25-25, असम में 20, ओडिशा में 18 और उत्‍तराखंड, पुडुचेरी एवं हिमाचल प्रदेश में 10-10 इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्‍टेशनों का आवंटन किया गया है। नयी दिल्ली - सड़क परिवहन क्षेत्र में स्‍वच्‍छ ईंधन चालित वाहनों से लोगों के आवागमन को और भी अधिक बढ़ावा देने के लिए भारी उद्योग विभाग ने फेम इंडिया (भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को तेजी से अपनाना और विनिर्माण करना) स्‍कीम के दूसरे चरण में 24 राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों के 62 शहरों में 2636 चार्जिंग स्‍टेशनों को मंजूरी दी है। इलेक्ट्रिक वाहनों हेतु चार्जिंग स्‍टेशनों के लिए जमीन की उपलब्‍धता सुनिश्

‘पटोला साड़ी’ का उत्‍पादन बढ़ाने के लिए गुजरात में पहला सिल्‍क प्रोसेसिंग प्‍लांट

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भारत के हर क्षेत्र में सिल्‍क की साडि़यों की अनूठी बुनाई होती है। पटोला सिल्‍क साड़ी को भी शीर्ष पांच सिल्‍क बुनाई में शुमार किया जाता है। गुजरात की ट्रेडमार्क साड़ी 'पटोला' अत्‍यंत महंगी मानी जाती है और केवल शाही एवं धनाढ्य परिवारों की महिलाएं ही इसे पहनती हैं। कारण यह है कि इसके कच्‍चे माल रेशम के धागे को कर्नाटक अथवा पश्चिम बंगाल से खरीदा जाता है, जहां सिल्‍क प्रोसेसिंग इकाइयां (यूनिट) अवस्थित हैं। इसी वजह से फैब्रिक की लागत कई गुना बढ़ जाती है। खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने अपनी एक ऐतिहासिक पहल के तहत गुजरात के सुरेन्‍द्रनगर में प्रथम सिल्‍क प्रोसेसिंग प्‍लांट का उद्घाटन किया, जिससे रेशम के धागे की उत्‍पादन लागत को काफी कम करने के साथ-साथ गुजराती पटोला साडि़यों के लिए स्‍थानीय स्‍तर पर कच्‍चे माल की उपलब्‍धता एवं बिक्री बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह संयंत्र एक खादी संस्‍थान द्वारा 75 लाख रुपये की लागत से स्‍थापित किया गया है, जिसमें केवीआईसी ने 60 लाख रुपये का योगदान किया है। इस यूनिट में 90 स्‍थानीय महिलाएं कार्यरत हैं, जिनमें से 70 महिलाएं मुस्लिम समुदाय की हैं। केव

सद्बुद्धि हमें देना स्वामी

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रचनाकार- आचार्य केवल भारती गोस्वामी सद्बुद्धि हमे देना स्वामी, एक सूत्र बंध जाते। अपने जब संघ साथ निभाते,मिलकर खुशियां मनाते। सद्बुद्धि हमे देना स्वामी, एक सूत्र बंध जाते।। जन्मो जन्म का रिश्ता है, इतिहास गवाही हमारा है। भले दूर है अपनो से, पर हमें वो सबसे प्यारा है। बरसो से मन मे पीड़ा है,क्यो एक नही हो पाते। सद्बुद्धि हमे देना स्वामी, एक सूत्र बंध जाते।। संघ शक्ति को जब समझोगे, संगठित स्वयं हो जावोगे। समय मे यदि जागे नही तो, फिर पीछे पसतावोगे। चारो दिशा हो महिमा मंडन,जब     दिल से रिश्ता निभाते। सद्बुद्धि हमे देना स्वामी,एक सूत्र बंध जाते।। एक कभी मत होते कहकर, दुश्मन नजर लगाए है। बीच हमारे फुट डालकर,  हमे कमजोर बनाए है। सोच बदलकर आगे बढ़े, दूर होंगे अंधेरी राते। सद्बुद्धि हमे देना स्वामी, एक सूत्र बंध जाते।। सम्पर्क-- जगद्गुरु भवन- कुरमा  बलौदा जिला - जांजगीर चाम्पा छत्तीसगढ़