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मध्‍य प्रदेश पर्यटन वर्केशन : पर्यटक बिना अपने काम को प्रभावित कर,ले सकेंगे पर्यटन का मजा

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भोपाल - मध्‍य प्रदेश पर्यटन लोगों के बीच एक नई अवधारणा वर्केशन “काम के साथ-साथ पर्यटन” ले कर आ रहा है। इस अवधारणा से अब लोग नियमित रूप से अपने काम को बिना प्रभावित किये छुट्टियों जैसा आनंद लेने का मौका मिलेगा। कोविड 19 महामारी के खतरे से बचने के लिए भारत समेत दुनिया भर की कंपनियॉ अपने कर्मचारियों की सेहत को ध्‍यान में रखते हुए उन्‍हें घर से काम करने (वर्क फ्रॉम होम) के मौके दे रही है , लोगों को अक्सर घर से काम करने की बात रोमांचक लगती है पर इसकी अपनी चुनौतियां हैं। सबसे बड़ी चुनौती तो घर के सदस्यों के बीच रहकर काम में फोकस करने की है। ऐसे में घर तथा काम के बीच संतुलन बनाए रखना कठिन होता है। मध्‍य प्रदेश की इस नई अवधरणा के कारण अब लोगो को यह मौका मिलेगा कि वे अपने घर या दफ्तर से नहीं बल्कि मध्‍य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्‍थलों में उपलब्‍ध सर्वसुविधा युक्‍त होटल / रिज़ॉर्ट से काम करते हुए वहॉ की प्राकृतिक सुंदरता तथा पर्यटन गतिविधियों का आनंद ले सकेंगे जो निश्चित रूप से मन की शांति तथा एक नया उत्‍साह प्रदान करेगा जिससे लोगो की कार्यक्षमता तथा उनकी रचनात्‍मक्‍ता को भी बढ़ावा मिलेगा। श

पियरसन इण्डिया आयोजित करेगी अपनी तरह का पहला मॉक जेईई एडवांस्ड ऑल इण्डिया रिमोट प्रॉक्टर्ड टेस्ट

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नई दिल्ली : देश भर के हज़ारों महत्वाकांक्षी छात्रों के लिए जेईई एडवांस्ड की तैयारियों को मजबूत बनाने के लिए दुनिया की अग्रणी डिजिटल लर्निंग कंपनी पियरसन ने फ्री मायइनसाईट्स जेईई एडवांस्ड ऑल इण्डिया रिमोट प्रॉक्टर्ड टेस्ट की घोषणा की है जिसका आयोजन 12 और 13 सितम्बर को किया जाएगा। एमएचए द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार, छात्र पहले से जेईई मेन्स परीक्षा की प्रक्रिया में हैं, जो 6 सितम्बर तक चलेगी, और इसमें क्वालीफाई होने वाले छात्र 27 सितम्बर 2020 को जेईई एडवांस्ड परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। ऐसे में पियरसन द्वारा पेश किया गया मॉक प्रॉक्टर्ड टेस्ट एकदम सही समय पर लाया गया है, जो छात्रों को अपने खुद के मूल्यांकन के लिए दो सप्ताह का समय देगा। उन्हें जेईई एडवांस्ड परीक्षा में बैठने से पहले अपने परफोर्मेन्स पर फीडबैक दिया जाएगा, जिससे वे समझ सकेंगे कि वे कौन से अध्यायों में पूरी तरह तैयार हैं और कौन से विषयों पर उन्हें और मेहनत करने की ज़रूरत है। इस टेस्ट में तुरंत रिपोर्ट मिलने के कारण वे एडवांस परीक्षा की तैयारी बेहतर तरीके से कर सकेंगे। राजेश पंकजक्शन, डायरेक्टर- प्रोडक्ट, पियरसन इण्ड

बिग बॉस 2020 जल्द शुरू होगा कलर्स और वूट सेलेक्ट पर

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नयी दिल्ली : बिग बॉस 2020 कलर्स चैनल पर फिर से शुरू हो रहा है। नाट्य, रोमांच और उत्साह से भरपूर यह रियलिटी शो एक बार फिर अपने दर्शकों को मनोरंजन की अनूठी दुनिया में लेकर जाएगा।  सलमान खान द्वारा होस्ट किए जाने वाले इस शो के नए सीजन के लिए कलर्स ने भारत के सबसे बड़े इस्पोर्ट्स और मोबाईल गेमिंग प्लेटफार्म मोबाइल प्रीमियर लीग (एमपीएल) के साथ प्रेजेंटिंग पार्टनर के रूप में साझेदारी की है। इस बारे में वायाकॉम18 के नेटवर्क सेल्स के हेड महेश शेट्टी ने कहा, "बिग बॉस मनोरंजन जगत के सबसे अग्रसर रियलिटी शोज् में से एक है और कई क्षेत्रों के कई तरह के लोग इसे खूब पसंद करते हैं।  अपनी भारी लोकप्रियता के कारण यह शो स्पॉन्सर्स के लिए मार्केटिंग का सबसे पसंदीदा जरिया बना है। पिछले सभी सालों में कई अलग-अलग ब्रांड्स ने इस शो के साथ जुड़कर नए-नए कस्टमाइजेशन्स और साझेदारियों से अपनी ब्रांड महत्त्वाकांक्षाओं को पूरा किया है।  मोबाइल प्रीमियर लीग (एमपीएल) भारत का अग्रणी इस्पोर्ट्स और मोबाइल गेमिंग प्लेटफार्म है जो अपने यूजर्स को अतुलनीय गेमिंग अनुभव प्रदान करता है और बिग बॉस के नए सीजन के प्रेजेंटिंग प

CPaaS रूट मोबाइल लिमिटेड के आईपीओ 9 सितंबर को जारी होंगे

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नयी दिल्ली : देश और दुनिया के विभिन्न उद्यमों, ओवर-द-टॉप ("OTT") कंपनियों तथा मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटर्स ("MNOs") को विभिन्न चैनलों के माध्यम से क्लाउड कम्युनिकेशन सर्विस (CPaaS) प्रदान करने वाली एक प्रमुख कंपनी, रूट मोबाइल लिमिटेड ने अपने आईपीओ जारी करने की घोषणा की है। प्रति इक्विटी शेयर ₹345 से ₹350 के प्राइस बैंड वाला यह आईपीओ 9 सितंबर, 2020 को खुलेगा और 11 सितंबर, 2020 को बंद होगा। गौरतलब है कि रूट मोबाइल के ग्राहकों में सोशल मीडिया कंपनियों, बैंकिंग एवं वित्तीय सेवा कंपनियों, विमानन, खुदरा कारोबार, ई-कॉमर्स, लॉजिस्टिक्स, स्वास्थ्य सेवा, हॉस्पिटैलिटी और दूरसंचार क्षेत्र में दुनिया भर की बड़ी-बड़ी कंपनियां एवं संगठन शामिल हैं। एंकर इन्वेस्टर के लिए बोली की तिथि 8 सितंबर, 2020 होगी, अर्थात वे प्रस्ताव के शुरुआत की तिथि से एक कार्य दिवस पूर्व बोली लगाएंगे। यह ऑफर "सेबी आईसीडीआर नियमन" के विनियमन 31 के साथ पठित 'प्रतिभूति संविदा (विनियमन) अधिनियम, 1957, ("एससीआरआर") के रूप में संशोधित, के नियम 19(2)(b) के अनुरूप है। यह प्रस्ताव सेबी आईसीडीआ

यूट्यूब के माध्यम से छात्रों के लिए Learning by Doing

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नयी दिल्ली - यूट्यूब के माध्यम से छात्रों के लिए Learning by Doing क्रिया कलाप कराने की पहल। हम सब जानते है किआज पूरा देश कोरोना वायरस से  ग्रसित है सभी तरह के शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान ,स्कूल कालेज बंद है। ऐसे में निगम प्रतिभा  विकास विद्यालय दिलशाद कालोनी में कार्यरत शिक्षिका कुसुम सिंह के द्वारा यूट्यूब चैनल के माध्यम  से  Learning  by Doing को ध्यान में रखते हुये छात्रों के लिए बिभिन्न प्रकार के क्रिया कलाप  तैयार किया गया है जिससे जो छात्र छात्राएं आन लाइन शिक्षा प्राप्त कर रहे है उन के लिए आसान और रुचिकर तरीके से कोरोना वायरस से सुरक्षित रहकर  खेल खेल में ज्ञान प्राप्त कर सके। यह अपने आप मे एक अनूठा पहल है श्रीमती कुसुम सिंह बधाई की पात्र है।

शिक्षक की भूमिका तभी श्रेष्ट होगी जब वह खुद को विद्यार्थी की तरह स्थापित करे

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कुसुम सिंह शिक्षक की भूमिका तभी श्रेष्ट होगी जब वह खुद को विद्यार्थी की तरह स्थापित करे। अज्ञानता को दूर करके जो ज्ञान की जोत जलाता है। शिक्षा का धन देकर जो जीवन को सुखी बनाता है। सही गलत की पहचान कराकर शिक्षा की पहचान बनाता है। वही आदर्श शिक्षक कहलाता है। डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिवस के अवसर पर आज देश भर में शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है। डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने शिक्षक को बहुत महत्त्व दिया व उनका सम्मान बढ़ाया। प्रतिस्पर्धा के इस दौर में एक शिक्षक ही शिक्षा साधनों से अवगत कराते है जिनका आज की शिक्षा प्रणाली और राष्ट्र निर्माण में विशेष योगदान है। आज डिजीटल वर्ड ,स्मार्ट क्लासरूम एक अच्छे शिक्षक के बिना अर्थहीन है। एक शिक्षक की भूमिका तभी सर्वश्रेष्ठ है जब वह खुद को एक विद्यार्थी का दर्जा दे अर्थात सीखने की जिज्ञासा ही एक श्रेष्ठ शिक्षक का निर्माण करती है। आज शिक्षा क्षेत्र में युवाओं के झुकाव में बढ़ोतरी यह बताती है कि भारतीय संस्कृति को कायम रखने  व शिक्षा के स्तर को उठाने के लिये निगम शिक्षक  महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहै हैं जो एक सराहनीय कदम है।      

कविता // शिक्षक दिवस : बिन शिक्षा जीवन है अधूरा

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सुषमा भंडारी   बिन शिक्षा जीवन है अधूरा जाने ये संसार शिक्षा दीप जलायें आओ मिट जाये अंधियार------ शिक्षक दीप की बाती है जो जलकर भी मुस्काय शिक्षित हो गर ये समाज तो मुश्किल कभी न आय शिक्षक का सम्मान ही होता शिक्षा का सम्मान  शिक्षक को सम्मानित करके खुद भी पायें मान  बिन शिक्षा जीवन है अधूरा जाने ये संसार शिक्षा दीप जलायें आओ  मिट जाये अंधियार------ आओ शिक्षक दिवस मनायें  खुशियों से भरपूर डॉ राधाकृष्नण बच्चों ऐसे थे कोहिनूर 5 सितम्बर जन्मोत्सव है शिक्षा का सम्मान शिक्षक की मुस्कान ही होती शिक्षा का उत्थान बिन शिक्षा जीवन है अधूरा जाने ये संसार शिक्षा दीप जलायें आओ  मिट जाये अंधियार----- संवाहक हिन्दु संस्कृति के शिक्षाविद प्रख्यात आस्थावान और हिन्दुविचारक दुनिया में विख्यात भारतरत्न का मान मिला जब शिक्षक हुये निहाल राष्ट्रपति-उपराष्ट्रपति पद  पाये बेमिसाल बिन शिक्षा जीवन है अधूरा जाने ये संसार शिक्षा दीप जलायें आओ  मिट जाये अंधियार। गीत  आओ हम हिंदी में बाँटें  सुख- दुख और व्यवहार सचमुच जीवन को मिल पाये इक अनुपम उपहार। सब भाषाओं का संगम है संस्कृत बुनियाद अपनी ही कुछ भ्रष्टाचारी

कविता // कभी कभी मन भर आता है

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विजय सिंह बिष्ट कभी कभी मन भर आता है गांवों से इन बाजारों से, कुटिया से इन दीवारों से, गलियों से इन चौराहों से टूटा टूटा सा नाता है। कभी कभी मन भर आता है। चलते चलते जीवन पथ में, देख गरीबी की उलझन में, लक्ष्य विहीन से जीवन पथ में। कभी कभी पग रुक जाता है, कभी कभी मन भर आता है।। अल्प अतुल बैभव को पाकर, क्षृगार मनमोहक सजाकर, नव लय नव ताल सुनाकर, मन सरगम बन जाता है कभी कभी मन मयूर बन जाता है।। जब घोर निराशा हो मन में, रातों की नींद उड़ जाये आंखों में, स्वपनिल सा जीवन लगता है, बुझा बुझा सा दीपक लगता है।। कभी कभी मन भर आता है।

कविता // पितृपक्ष,बहुत देर से समझ आया

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स्वीटी सिंघल ‘सखी’ पितृपक्ष, बहुत देर से समझ आया इसका अर्थ और महत्व। बचपन में देखा था अपने पिता को करते हुए तर्पण  दादा-दादी और अन्य पूर्वजों के लिए... साथ ही माँगते थे माफ़ी  अनजाने में हुई किसी भूल की, फिर करते थे दान वस्त्र और भोजन। पर कभी माँ ने नहीं किया नाना-नानी के लिए ये सब। कुछ बड़ी हुई तो पूछने पर माँ ने बताया थोड़े दुख थोड़े रोष के साथ समझाया, सिर्फ़ बेटे को मिलता है ये अधिकार... तभी मिलती है माता-पिता की  दिवंगत आत्मा को शांति, बेटियों को तो अंतिम यात्रा में जाने की भी अनुमति  नहीं देती अपनी संस्कृति! आज वर्षों बाद भी यही रिवाज है क़ायम  पर अब बदल चुके हैं पारिवारिक समीकरण। जो बेटे जीते-जी नहीं कर रहे माँ बाप का सम्मान नहीं रखते उनकी  छोटी-छोटी ज़रूरतों का ध्यान, क्या दिला सकेंगे उनकी आत्मा को मुक्ति  देकर दान में थोड़ा सा सामान? क्या मनाने से श्राद्ध  हो जाएँगें माफ़ वो अपराध? बेटियाँ जो बचपन से ही बनाई जाती हैं ज़िम्मेदार, क़दम क़दम पर दी जाती है सीख कैसे निभाना है घर परिवार। कभी जब माँ हो जाए बीमार संभाल लेती है सब काम बेटी उसी पल हो जाती है बड़ी, और जब पिता हो लाचार