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जून 23, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

‘‘वोकल फार लोकल - द सेल्फ रिलायंस मंत्रा” विषय पर किया ई-क्विज का आयोजन

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जयपुर : वर्तमान मुश्किल हालात के दौरान जहां हम हमारे जीवन को बदलने वाली सदी की सबसे बड़ी परिस्थितियों से गुजर रहे हैं, ऐसे माहौल में भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी (बीएसडीयू) के स्कूल आफ एंटरप्रेन्योरशिप स्किल्स ने ‘‘वोकल फार लोकल - द सेल्फ रिलायंस मंत्रा” विषय पर ई-क्विज का आयोजन किया है। ई-क्विज का आयोजन एमएसएमई- डीआई जयपुर, भारत सरकार, मैनेजमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप एंड प्रोफेशनल स्किल्स काउंसिल (नई दिल्ली) और ग्लोबल फाउंडेशन फॉर स्किल डेवलपमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप के सहयोग से किया जा रहा है। प्रतियोगिता के बारे में हमारे प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक कदम के रूप में जमीनी स्तर पर भारतीय अर्थव्यवस्था का समर्थन करने के संदर्भ में लोगों से अपील की है। ‘‘वोकल फार लोकल” के माध्यम से, उन्होंने स्थानीय उत्पादों को खरीदने और स्थानीय व्यापार का समर्थन करने का आग्रह लोगों से किया है। इसी तरह, यह ई-क्विज भारत में निर्मित स्थानीय कौशल और घरेलू उत्पादों को खरीदने, बढ़ावा देने और संरक्षित करने के लिए एक संदेश फैलाने पर केंद्रित है। यहां कुछ महत्वपूर्ण और अनिवार

सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया (एसपीएन) 2020 में भारत की सर्वश्रेष्ठ कंपनियों में शुमार 

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मुंबई : सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया (एसपीएन), को ग्रेट प्लेस टु वर्क® इंस्टीट्यूट, इंडिया द्वारा 2020 में काम करने के लिहाज से भारत की सर्वश्रेष्ठ कंपनियों (इंडिया'ज बेस्‍ट कंपनीज टु वर्क फॉर 2020) में शुमार किया गया है। यह आंकड़ें भारत में काम करने के लिहाज से 100 सर्वश्रेष्‍ठ कंपनियों की समग्र रैंकिंग से जुटाए गए हैं। इसके लिए 21 से ज्यादा उद्योगों में 800+ संगठनों के 2.1 मिलियन से अधिक लोगों का सर्वेक्षण किया गया। द ग्रेट प्लेस टू वर्क® इंस्टीट्यूट एक ऐसा संगठन है, जो भरोसेमंद संस्कृति के विकास के माध्यम से संगठनों को बेहतर कार्यस्थल की पहचान करने, बेहतर कार्यस्‍थल बनने और वैसा ही बने रहने में सहायता करता है। यह अध्ययन ऐसे संगठनों की पहचान करने के लिए सबसे सख्त, विश्वसनीय और समग्र कार्यप्रणाली के साथ किया गया था।  अपने गो-बियॉन्‍ड कॉर्पोरेट फलसफे के प्रति ईमानदार रहते हुए , भारत का प्रमुख मनोरंजन और खेल प्रसारण नेटवर्क एसपीएन हमेशा से अपने कर्मचारियों के हितों का सबसे पहले ख्याल रखने वाला संगठन रहा है। नेटवर्क सही मायनो में अपने कर्मचारि

स्वास्थ्य और धन के लिए मत्स्यपालन : मछली में आसानी से पचने योग्य उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन होते हैं

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भा.कृ.अनु.प. – केन्द्रीय मीठाजल जीवपालन अनुसंधान संस्थान की तरफ से संस्थान की निदेशिका डॉ. बिंदु आर. पिल्लई , निदेशक द्वारा रचित इस लेख में मत्स्य पालन को ग्रामीण युवाओं के लिए एक आशाजनक उद्यमिता के अवसर के साथ-साथ स्वस्थ भोजन के पूरक विषय पर जोर दिया गया है।    मछली: एक उत्तम भोजन मछली प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों में से एक है जो न केवल स्वस्थ है बल्कि स्वादिष्ट भी है। चिकन और मटन जैसे अन्य नॉन-वेज खाद्य पदार्थों के विपरीत , मछली में आसानी से पचने योग्य उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन होते हैं। मछली में ओमेगा -3 फैटी एसिड और आवश्यक विटामिन जैसे डी और बी 2 (राइबोफ्लेविन) के अलावा कैल्शियम , फास्फोरस , लोहा , जस्ता , आयोडीन , मैग्नीशियम और पोटेशियम जैसे खनिज भरपूर मात्रा में होते हैं। ये ओमेगा -3 फैटी एसिड मस्तिष्क और आंखों जैसे मनुष्यों के महत्वपूर्ण अंगों के समुचित कार्य के लिए बेहद जरूरी हैं , यही कारण है कि यह आशावान माताओं के लिए भी अनुशंसित किया जाता है। भारतीयों में हृदय रोग की व्यापकता पिछले तीन दशकों में 50% से अधिक बढ़ गई है , जो कुल मौतों का 17·8% है। जीवनशैली में बदलाव के स

ब्राइट ट्यूटी ने कक्षा 3 से 10वीं तक के छात्रों के लिए अध्ययन सामग्री लॉन्च की

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नयी दिल्ली : कोविड -19 का प्रसार रोकने के लिए सरकार द्वारा स्कूलों की नियमित कक्षाओं को स्थगित कर दिया गया है। ऐसे में नई दिल्ली स्थित देश के तेजी से लोकप्रिय होते स्टडी प्लेटफॉर्म ब्राइट ट्यूटी में ऑनलाइन पढ़ने वाले छात्रों की संख्या में पांच गुना वृद्धि दर्ज की गई है।    कोविड- 19 मेंलॉकडाउन के दौरान छात्रों की नियमित शिक्षा व नए अध्यायों को सीखने की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ब्राइट ट्यूटी के द्वारा कक्षा 3 से 10वीं तक के सभी छात्रों को मुफ्त अध्ययन साम्रगी प्रदान की जा रही हैं। इससे पहले ब्राइट ट्यूटी केवल कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्रों के लिए ही ऑनलाइन अध्ययन सामग्री तैयार करता था।  इस सुविधा के अंतर्गत ब्राइट ट्यूटी 20 राज्यों के शैक्षिक बोर्ड के छात्रों को 2000 घंटों से अधिक की लाइव अध्ययन सामग्री प्रदान कर रहा है।   जिसमें पांचों मुख्य विषयों जैसे   हिंदी , अंग्रेजी , गणित , विज्ञान और सामाजिक विज्ञान को शामिल किया गयाहै। यह संपूर्ण अध्ययन सामग्री छात्रों के लिए हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में तैयार की गई हैं।   ब्राइट ट्यूटी ने अपनी सभी अध्ययन सामग्री व कोर्स 30 जून

भारत में अपनी तरह का पहला वॉलमाउंट ऑटोमेटिक थर्मामीटर लॉन्च

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नयी दिल्ली : हेल्थकेयर उद्योग की अग्रणी कंपनियों में से एक स्टॉन्च के साथ मिलकर जेस्टा ने भारत का पहला ईएस-टी03 वॉलमाउंट ऑटोमेटिक थर्मामीटर लॉन्च किया है। इन-बिल्ट एडवांस इन्फ्रारेड चिप का इस्तेमाल करते हुए यह थर्मामीटर 15 सेमी की सीमा में खड़े किसी भी व्यक्ति का तापमान स्कैन करता है, जिससे संभावित वाहकों में बीमारी के लक्षणों के आकलन में मानवीय हस्तक्षेप की आवश्यकता समाप्त हो जाती है। गैजेट कोविड-19 को देखते हुए हेल्थकेयर से जुड़े विशिष्ट उपायों का पालन करने के लिए अनुकूल है। यह गैजेट व्यवसायों, कॉर्पोरेट कार्यालयों, बैंकों, मॉल्स, स्कूल, कारखानों और अस्पतालों आदि को अनलॉक स्टेज में गतिविधियों को फिर से शुरू करने में मदद कर सकता है। इंस्टॉल करने में आसान यह प्रोडक्ट अब कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट zestaindia.com, प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसे फ्लिपकार्ट, अमेज़न आदि पर पर बिक्री के लिए उपलब्ध है। इस गैजेट को 10,999 / - की किफायती और शुरुआती कीमत पर उपलब्ध कराया गया है ताकि यह कम्युनिटी और कंपनियों को सुरक्षा व स्वच्छता बनाए रखने में मदद कर सकें। कॉर्पोरेट पूछताछ के लिए www.Staunch.in

घर बैठे अपनी फ़सल का सौदा करें एग्रीबाज़ार मोबाइल ऐप

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नयी दिल्ली : भारत के पहले निजी क्षेत्र के इलेक्ट्रॉनिक कृषि मंडी एग्रीबाज़ार ऐप को पूरे भारत में छोटे किसानों से जबरदस्त प्रतिक्रिया (400% की वृद्धि) मिली है। इस ऐप को डाउनलोड करके, किसान अपनी उपज का विवरण अपलोड करने में मदद करते हैं और फोन बटन के टैप से खरीदारों को सीधे ढूंढते हैं। यह प्लेटफार्म पारदर्शिता और प्रत्यक्ष क्रेता-विक्रेता बातचीत की सुविधा देता है, और यह सुनिश्चित किया जाता है कि छोटे किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिल सके। शुरुआत से ही, एग्रीबाज़ार ऐप प्लेटफॉर्म में लगभग 10,000 व्यापारी और प्रोसेसर 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 100 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के 2 लाख से अधिक किसानों के नेटवर्क से जुड़ चुके हैं। उदाहरण के लिए, ऐप के ज़रिये प्रधानमंत्री जन कल्याण अन्न योजना के तहत पूरे भारत में 8 मिलियन मीट्रिक टन दाल खरीदी और बेची गई है। इसी तरह, अकेले मध्य प्रदेश राज्य में, ऐप से सफलतापूर्वक 40,000 मीट्रिक टन अनाज की नीलामी कर गई है, जिससे किसानों के बीच अपनी उपज बेचने के तरीके में तेज़ी से बदलाव आया है। 2016 में अपनी स्थापना के बाद से, ऐप ने 14,000 करोड़

कोरोना संकट से निपटने के लिए जांच का दायरा बढ़ाया जाए

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आज़मगढ़ । कोरोना जांच के आंकड़ों के मुताबिक 20 जून तक देश के कुल 66,16496 नमूनों की जांच की गई। 20 जून तक देश में कुल संक्रमितों की संख्या 4,10,461 थी। इसका मतलब जितने नमूनों की जांच की गई उनमें से 6.2% लोग संक्रमित पाए गए। जबकि 20 जून को कुल 1,89,869 नमूनों की जांच की गई जिसमें 15,413 लोगों की रिपोर्ट पॉज़िटिव आई। इस लिहाज़ से संक्रमितों का 8.12 बनती है। रिहाई मंच आज़मगढ़ संयोजक मसीहुद्दीन संजरी ने कहा कि देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जांच के लिए जाने वाले नमूनों की संख्या बढ़ने के साथ संक्रमितों की संख्या बढ़ेगी इसमें किसी को संदेह नहीं था और न ही इसमें कोई आश्चर्य की बात है। लेकिन लॉक डाउन और अन्य बंदिशों के बावजूद अगर जांच में संक्रमित पाए जाने वालों का प्रतिशत बढ़ता है तो यह अवश्य चिन्ता का विषय होना चाहिए। खासकर उन हालात में जबकि बारिश शुरू हो चुकी है, वातावरण में आर्द्रता की मात्रा बढ़ने से कोरोना वायरस की हवा में टिकान बढ़ जाएगी और अधिक समय तक जीवित रह पाएगा। इसके अलावा वर्षा ऋतु में कई तरह के बैक्टेरियल और वायरल संक्रमण की संभावना भी बढ़ जाती है। 

उत्तर प्रदेश में आंदोलनकारियों का उत्पीड़न बंद किया जाए

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नयी दिल्ली , आल इंडिया पीपुल्स फोरम उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा लगातार जारी दमन और उत्पीड़न की कार्रवाईयों के क्रम में नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे लोकतांत्रिक - प्रगतिशील ताकतों को बिना कारण रिकवरी नोटिस जारी किए जाने की कड़ी निन्दा करता है और मांग करता है कि इसे तत्काल वापस लिया जाए. ‌एआईपीएफ संयोजक गिरिजा पाठक ने कहा कि जब सीएए आंदोलन और उस संदर्भ में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आंदोलनकारियों पर की गई कार्यवाही पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में मुकदमा लंबित है, तब कोर्ट द्वारा किसी निर्णय को दिए बगैर  इस तरह से रिकवरी नोटिस दिया जाना स्पष्टत: उत्पीड़न की कार्रवाई है और आंदोलनकारियों को इंसाफ से वंचित करने की कोशिश है. एआईपीएफ सचिवालय मांग करता है कि रिहाई मंच के अध्यक्ष और एआईपीएफ के उ.प्र.संयोजक मोहम्मद शोएब, स्वराज अभियान से जुड़े और पूर्व आईजी एस. आर. दारापुरी सहित विभिन्न आंदोलनकारियों को भेजे गए रिकवरी नोटिस वापस लिए जाए.  यही नहीं कोविड-19 महामारी के दौर में भी जब आम जन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है योगी सरकार सीएए-एनसीआर विरोधी आंदोलनकारियों को लगातार निशाने पर लिया जा

उत्तर प्रदेश में कोरोना का बढ़ता प्रकोप

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लखनऊ - देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या में बढ़ौतरी के साथ ही उत्तजर प्रदेश में भी संक्रमितों की संख्या में लगातार इज़ाफा हुआ है। शुक्रवार 19 जून तक प्रदेश में कुल संक्रमितों की संख्या 16594 थी जबकि 488 लोगों की मौत चुकी थी। सरकार ने जिस सक्रियता का परिचय एक खास समूह में संक्रमण ढूंढ निकालने में दिखाई थी यदि वही तत्परता जांच में तेज़ी लाकर सभी संक्रमितों को बाकी आबादी से अलग करने में प्रदर्शित की होती तो आज का दृश्य कुछ बदला हुआ हो सकता था। मार्च शुरू से मई के अंत तक उत्तर प्रदेश में कुल संक्रमितों की संख्या 8 हज़ार के कम थी जबकि जून के पहले 20 दिनों में यह संख्या दोगुनी से अधिक हो गई। 31 मई को कोरोना से मरने वालों की कुल संख्या 213 थी लेकिन अगले 19 दिनों में यह संख्या 488 पहुंच गई। लगभग 23 करोड़ आबादी वाले उत्तर प्रदेश में लखनऊ‚ कानपुर‚ नोएडा‚ गाजि़याबाद‚ मेरठ‚ मुरादाबाद‚ फिरोज़ाबाद‚ सहारनपुर‚ मुज़फ्फरनगर‚ शामली आदि जनपदों के शहरी इलाके सबसे अधिक प्रभावित हैं। यह शहरी आबदियां लगभग दिल्ली की शहरी आबादी के बराबर हो जाती हैं। लेकिन दिल्ली के मुकाबले में कोरोना जांच की सुविधा आधी से

नीतीश के समर्थन में उतरे लालू प्रसाद यादव के साले सुभाष यादव

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पटना । नीतीश के समर्थन में उतरे राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के साले पूर्व राज्यसभा सांसद सुभाष यादव . खास बातचीत में उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार बिहार के सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री हैं उनके 15 साल के कार्यकाल में बिहार प्रगति के पथ पर अग्रसर हुआ है बिहार में विकास की गंगा बह रही है . उनके 15 साल के कार्यकाल में  बिहार की किस्मत बदली है.सड़क बिजली पानी स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में हुआ है क्रांतिकारी परिवर्तन नीतीश के नेतृत्व में ही संभव है बिहार का विकास. सुभाष यादव यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि सच सच होता है किसी की झूठलाने से सच झुठ नहीं हो सकता है आज नीतीश कुमार बिहार की मजबूरी नही हैं बिहार के लिए जरूरी है जो बिहार में विकास को अवरुद्ध करना चाहते हैं वहीं नीतीश को सत्ता से हटाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि बिहार के गांव गांव तक में अब सड़क का जाल बिछ गया है बिहार का कोई भी टोला नहीं है जहां पक्की सड़क नहीं है बिहार में विद्युत आपूर्ति भी अन्य प्रदेशों की अपेक्षा काफी बेहतर है कानून-व्यवस्था की स्थिति में भी व्यापक सुधार हुआ है लोग वापस बिहार आ रहे हैं नीतीश कुमार ने कभी भी भ्रष

भोजपुरी फिल्मों की सर्वप्रिय नायिका पाखी तो सचमुच (पंछी) बन गई

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पाखी ने निरहुआ के साथ जो फिल्में की, उनमें 'निरहुआ रिक्शावाला', 'निरहुआ चलल ससुराल', 'निरहुआ मेल', 'निरहुआ नं.1', 'दीवाना', 'प्रतिज्ञा', 'दाग', 'दल', 'विधाता', 'परिवार', 'लोफर', 'औलाद', 'प्रेम के रोग भईल', 'खून पसीना', 'जानी दुश्मन', 'दुश्मनी', 'सात सहेलियां', 'हंटरवाली', 'आज के करन अर्जुन', 'हमरा माटी में दम बा', 'कईसे कहीं कि तोहरा से प्यार हो गईल', 'आखरी रास्ता' आदि बॉक्स ऑफिस पर शुपरहिट साबित हुई. पाखी ने पवन सिंह के साथ 'प्यार मोहब्बत ज़िन्दाबाद', 'पवन पुरवईया', 'देवर भाभी' में काम किया. साढ़े पांच फीट की अतिशय गौरवर्णी इस सुंदरी को बिग बी (अमिताभ बच्चन) के साथ भी काम करने का सौभाग्य प्राप्त है. पाखी भोजपुरी फिल्मो और टीवी की एक मशहूर अभिनेत्री हैं. कई भाषाओं में हिन्दी, मराठी, पंजाबी, गुजराती, तेलुगू फिल्मों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुकीं पाखी भोजपुरी भाषा की सफलतम अभिनेत्रियों में

आगामी कुम्भ मेला 2021 हरिद्वार के विषय में बैठक

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देहरादून , उत्तराखंड में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहन्त हरि गिरि महाराज ,अन्तर्राष्ट्रीय संरक्षक श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा के नेतृत्व में जूना अखाड़ा के सन्तो नै बैठक में भाग लिया , जिसमें आगामी कुम्भ मेला के विषय में चर्चा हुई।  जिसमें महामंत्री श्रीमहन्त हरि गिरि महाराज ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को अवगत कराया कि  साधु सन्तो एवं विभिन्न अखाड़ों के आपसी विचार-विमर्श में यह निर्णय लिया गया है  कि ज्योतिष गणना के अनुसार महाकुम्भ मेला 2021 का आयोजन निर्धारित समय पर ही हो. अखाड़ा परिषद के सदस्यों द्वारा उत्तराखंड सरकार को यह अवगत कराया कि महाकुम्भ किस स्तर पे होगा।  इस पर सरकार द्वारा अगले वर्ष फरवरी माह में तत्कालीन परिस्थितियों के अनुसार निर्णय होगा ,परन्तु आगामी फरवरी माह में उस समय की परिस्थितियों के अनुरूप सन्तो के मार्ग दर्शन से मेले के स्वरूप के बारे में निर्धारित किया जायेगा ,बैठक में श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा के प्रतिनिधि के रूप में अन्तर्राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमहन्त नारायण गिरि महाराज श्री दूधेश्वर प

पटना मे नेता प्रतिपक्ष के आवास का घेराव

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पटना  : विधान परिषद चुनाव में उम्मीदवारी को लेकर राष्ट्रीय जनता दल के अंदर फसाद बढ़ता जा रहा है. आरजेडी में दावेदारों की फेहरिस्त इतनी लंबी हो गई है कि रिम्स में इलाज करा रहे लालू यादव भी पशोपेश में होंगे कि आखिर फैसला करें तो कैसे. विधान परिषद के लिए दावेदारी को लेकर राबड़ी आवास के बाहर आज प्रदर्शन देखने को मिला है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के विधानसभा क्षेत्र राघोपुर से आए आरजेडी कार्यकर्ताओं ने स्थानीय नेता उदय नारायण राय उर्फ भोला बाबू को विधान परिषद में भेजे जाने की मांग की है राघोपुर से विधायक रह चुके उदय नारायण राय उर्फ भोला बाबू के समर्थक के राबड़ी आवास पहुंचे हैं और नेतृत्व से उन्हें एमएलसी बनाने की मांग की है राघोपुर के कार्यकर्ताओं का कहना है कि लालू राबड़ी और फिर तेजस्वी के लिए राघोपुर सीट छोड़ने वाले भोला बाबू के त्याग को याद रखते हुए उन्हें विधान परिषद भेजा जाना चाहिए उदय नारायण राय बिहार सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं और उन्होंने राघोपुर की सीट लालू परिवार के लिए छोड़ी थी उदय नारायण राय तीन बार रामपुर से विधायक रह चुके हैं जनता पार्टी के टिकट पर वह 1980 से लेकर 19

"इन गलियारों में" कहानियां मध्वयर्गीय समाज के ताने-बाने से बुनी गयी

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सुरेखा शर्मा ,समीक्षक / साहित्यकार  पुस्तक-- इन गलियारों में - कहानी संग्रह लेखिका - डा.मुक्ता संस्करण-2016 पृष्ठ---136. मूल्य--350/- प्रकाशक-सुन्दर साहित्य प्रकाशन (दिल्ली)           'इन गलियारों में' शीर्षक से कहानी संग्रह जो माननीय राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत है। संग्रह में डा.मुक्ता जी की 30 कहानियां संकलित हैं । डा.मुक्ता एक अनुभवी एवं सिद्धहस्त लेखिका हैं।अपने जीवन काल में अनेक पदों पर कार्य करते हुए साहित्य सृजन में भी अपना योगदान दिया है।इनकी कहानियां मध्वयर्गीय समाज के ताने- बाने से बुनी गयी हैं और परम्परागत सदियों से चलती आ रही रूढियों की विचारधारा पर इनकी लेखनी खूब चली है।  वास्तव में कहानी मूलत: हमारे परिवेश,हमारे जीवनानुभवों की ही अभिव्यक्ति होती है।हां यह अलग बात है कि लेखक इनको कैसे अभिव्यक्त करता है,अपने अनुभवों को अपनी लेखनी के माध्यम से कैसे रचना का रूप देता है।उसी रूप को दिखाता हुआ यह कहानी संग्रह  समाज का  आईना है।जिसमें हम अपने समाज का वह चेहरा देख सकते हैं जिसके मुखोटों से हमारा हर रोज सामना होता है। संग्रह की पहली कहानी 'अहसास' एक ऐसे व्यक्ति क