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अप्रैल 26, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

ऊबर फ्रंटलाईन दिल्ली सरकार को देगा रु 75 लाख की निःशुल्क राईड्स

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ऊबर गैर-कोविड मरीज़ों के स्थानान्तरण के लिए दिल्ली सरकार को देगा निःशुल्क राईड्स। ऊबर ने 10 मिलियन निःशुल्क राईड्स उपलब्ध कराने की विश्वस्तरीय प्रतिबद्धता के साथ यह प्रस्ताव दिया है। ऊबरमेडिक कार पहले से 14 शहरों में 28 अस्पतालों के फ्रंटलाईन चिकित्सा कर्मियों को परिवहन सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं।  नई दिल्ली : ऊबर ने आज एमरजेन्सी सेवाओं के लिए दिल्ली सरकार को रु 75 लाख की निःशुल्क राईड्स का ऑफर दिया है, जिसके तहत ऊबर कोविड-19 के लिए ड्यूटी कर रहे सरकारी अधिकारियों, फ्रंटलाईन स्वास्थ्य कर्मियों एवं अन्य ज़रूरी सेवा प्रदाताओं को परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराएगा। इस ऑफर के तहत, ऊबर ने सेंट्रलाइज़्ड एम्बुलेन्स ट्रॉमा सर्विसेज़ (CATS) एम्बुलेन्स हेल्पलाईन के सहयोग से गैर-कोविड मरीज़ों के निशुल्क परिवहन के लिए 200 ऊबरमेडिक कार उपलब्ध कराने हेतु सरकार के साथ साझेदारी की है। ऊबर ने हाल ही में सीईओ दारा खोसरोशाही की घोषणा के मुताबिक निःशुल्क 10 मिलियन राईड्स और भोजन की डिलीवरी के लिए दिल्ली सरकार के साथ साझेदारी की है। इस साझेदारी पर बात करते हुए प्रभजीत सिंह, डायरेक्टर, ऑपरेशन्स एण्ड हैड ऑफ सिटीज़, ऊ

घर घर जाकर राशन पंहुचा रही है टीम सौफिया : सुहैल सैफी

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नयी दिल्ली - उत्तर पूर्वी जिले के मुस्तफाबाद इलाके मे सौफिया एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी व् हमदर्द लैबोरेट्रीज  मिलकर कोरोना वाइरस की महामारी से हुए लॉकडाउन के बाद देश भर में गरीबों,मज़दूर,झुग्गी झोंपड़ी वालों से लेकर रोजमर्रा के कामकाज लोगों के लिए कोरोना के अलावा भूख और राशन की समस्या भी किसी बड़ी आफत जैसी गुज़र रही है,लेकिन इस महामारी के दौर में बहुत सी स्वंयसेवी संस्थाओं ने गरीबों और ज़रूरतमन्द लोगों के लिए मदद का हाथ बढाया है। इन संस्थाओं की फेहरिस्त में हमदर्द संस्था भी शामिल है, हमदर्द लैबोरेट्रीज ने दिल्ली के अलग अलग इलाकों में तक़रीबन 500 राशन की किट्स ज़रूरतमंद लोगों तक पहुंचाने का काम किया है,इस कार्य मे सौफिया ने हमदर्द संस्था के साथ मिल कर राशन की किट्स ज़रूरतमंद लोगों तक पहुंचाने का काम किया है,इस राशन की किट् में तकरीबन एक महीने का राशन परिवारों तक पहुंचाया जा रहा है। इस राशन वितरण के कार्यक्रम को दिल्ली के अलग अलग इलाकों मे ज़रूरतमंद लोगों तक पहुंचाया जा रहा है,इन इलाकों में मुस्तफाबाद,विजय पार्क,भगीरथी विहार,चन्द्र नगर और नूर ए इलाही जैसे इलाकों में ज़रूरतमंद लोगों तक राशन 

कोरोना का डर हुआ रिश्ते दिये हैं तोड़

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सुषमा भंडारी भँवरे गुंजन कर रहे फूल रहे मुख मोड़ । कोरोना का डर हुआ रिश्ते दिये हैं तोड़। । बाग- बगीचे पूछते  क्यूँ धरती खामोश। टेसू और पलाश में क्यूँ फैला है रोष।। रंगों का मेला लगा फिर भी सब रंगहीन । बासन्ती खामोश है पवन हुई गमगीन।। भ्रमर न चूमे फूल को कोरोना भरमाय। संक्रमण की है घड़ी  कुछ भी समझ न आय।। मकरंद भी सूखा पडा भ्रमर पास न आय। मौसम के प्रतिकूल सब विपदा बढती जाय।। विपदा इतनी बढ़ गई  घर में हैं सब बंद। घर का राशन भी खत्म दूर हुआ आनंद। ।

लर्निंग और वर्क के लिए सुरक्षा के मामले में कारगर है

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नयी दिल्ली -कोरोना संकट के दौरान देश भर में लॉकडाउन की वजह से तकरीबन सभी कार्य ठप्‍प है। चाहे स्‍कूल हो या दफ्तर, हर जगह बंदी है। ऐसे में बच्‍चों की पढ़ाई और ऑफिस में काम करने वाले लोगों के लिए GuruVw.com काफी कारगर साबित हो सकता है। इसके एप के माध्‍यम से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये लर्निंग से लेकर वर्क करना आसान होगा, वो भी अपने घरों में बैठकर। लॉक डाउन में स्‍कूल में सेशन लेट न हो इसके लिए ऑन लाइन पढ़ाई शुरू हो गई है। ऐसे में GuruVw सेफ डिस्‍टेंसिंग के साथ बच्‍चों के बेहतर ऑप्‍शन है।  इस बारे में  विकास ने बताया कि  वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सॉफ्टवेयर (फ्री) सीखने और पूरी सुरक्षित के साथ काम करने के लिए सक्षम है। हम शिक्षकों, व्यवसायों, परामर्शदाताओं, आर्ट वीडियो और डॉक्टरों के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग उपकरण की ओर देश के तमाम राज्‍यों का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। उन्‍होंने बताया‍ कि GuruVw को डाउनलोड करना आसान है। इसका उपयोग भी बेहद सरल और सहज है। इस एप के लिए GuruVw.com को क्लिक करना होगा। हमारी कोशिश है कि GuruVw लॉकडाउन संकट के बीच लोगों के आश्‍वयक कार्य को सरल बनाने का काम करें

हर महिला के लिए देश भर में अभियान

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नई दिल्लीः जहां एक ओर दुनिया कोविद .19 से लड़ रही है, इस समय ;हाइजीन्इकद्ध प्रोडक्ट भी ज़रूरी हैं जो सुरक्षित रहने और स्वच्छता बनाए रखने में मदद करें। इस मुश्किल दौर में ज़रूरतमंद लोगों को भोजन और दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, साथ ही महिलाओं की ज़रूरतों को समझना भी ज़रूरी है। सैनिटरी नैपकिन हर महिला की मूल ज़रूरत है जो उन्हें ब्व्टप्क्.19 के दौरान साफ-सफाई रखने और इन्फेक्शन से बचने में मदद करती है, खासतौर पर इस ब्व्टप्क्.19 के दौर में यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। आज पूरी दुनिया सदी के सबसे चुनौतीपूर्ण स्वास्थ्य संकट के दौर से गुज़र रही है। अधिकारी लोगों तक हर तरह की मदद पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं, ज़रूरतमंदों तक भोजन से लेकर मास्क और सैनिटाइज़र तक पहुंचाए जा रहे हैं।  महिलाओं को माहवारी के लिए हाइजीनिक प्रोडक्ट उपलब्ध कराने वाले भारतीय ब्राण्ड परी ने हर ज़रूरतमंद महिला तक सैनिटरी नैपकिन पहुंचने का फैसला लिया और अपने अभियान रुैीमथ्पतेज का लाॅन्च किया है, क्योंकि ब्राण्ड का मानना है कि सैनिटरी नैपकिन हर महिला के लिए ज़रूरी हैं रुच्ंके।तमम्ेेमदजपंस।  परी, ब्प्प्.प्ॅछ, रसोई आॅन व्हील्स, पंजा

शालीमार पेंट्स ने एसजीटी मेडिकल कॉलेज में पेंट दान किया

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नई दिल्ली : प्रतिष्ठित पेंट निर्माता शालीमार पेंट्स ने हाल ही में घोषणा की है कि वह गुड़गांव स्थित एक प्रमुख अस्पताल और अनुसंधान संस्थान एसजीटी मेडिकल कॉलेज को पेंट दान करेगी। यह घोषणा देश में कोरोनावायरस के प्रकोप से लड़ने में शालीमार पेंट्स की ओर से की जा रही मदद का एक हिस्सा है।  एसजीटी मेडिकल कॉलेज ने कोविड-19 रोगियों के लिए कई क्वारेंटाइन वार्ड बनाए हैं और वह मरीजों की सुरक्षा, स्वच्छता और उच्च-स्तरीय रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है। एक जिम्मेदार ब्रांड के रूप में शालीमार पेंट्स ने कोरोनावायरस प्रसार के खिलाफ लड़ाई में अपने योगदान के रूप में अपने प्रोडक्ट्स दान करते हुए गुड़गांव-बेस्ड अस्पताल के लिए समर्थन का हाथ बढ़ाया है। एसजीटी मेडिकल कॉलेज के अलावा शालीमार पेंट्स ने लेमन ट्री और फर्न होटल्स को भी पेंट दान करने का वादा किया है, जो कोविड-19 रोगियों के लिए क्वारेंटाइन केंद्र के रूप में कमरे दे रहे हैं। 1902 में स्थापित शालीमार पेंट्स का इतिहास भारत में पेंट उद्योग का इतिहास भी है। कंपनी सजावटी पेंट और औद्योगिक कोटिंग्स के निर्माण और मार्केटिंग का कार्य करती है। डेकोर