संदेश

जून 21, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

SC और ST समुदायों के सशक्तिकरण के लिए सरकार का बड़ा कदम

चित्र
नयी दिल्ली - केन्‍द्रीय सामाजिक न्‍याय और अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत की मौजूदगी में डाक्‍टर अम्‍बेडकर अंतरराष्‍ट्रीय केन्‍द्र (डीएआईसी) तथा दलित इंडियन चैंबर्स ऑफ़ कामर्स एण्ड इंडस्ट्रीज (डीआईसीसीआई) के बीच एक सहमति पत्र पर हस्‍ताक्षर किए गए। सहमति पत्र पर डीएआईसी के निदेशक अतुल देव सर्मा और डीआईसीसीआई के मिलिंद काम्‍बले ने हस्‍ताक्षर किए । डीएआईसी और डीआईसीसीआई के संयुक्‍त प्रयासों की सराहना करते हुए गहलोत ने कहा कि इस समझौता ज्ञापन का मुख्‍य उद्देश्य अनुसूचित जाति (एसी)/अनुसूचित जनजाति (एसटी)  महिलाओं और युवाओं के बीच दलित उद्यमिता, सशक्तिकरण , कौशल विकास क्षमता निर्माण तथा सामाजिक आर्थिक स्थितियों पर विभिन्‍न सरकारी योजनाओं के प्रभाव पर अनुसंधान के माध्यम से एससी और एसटी समुदायों का सशक्तिकरण करना है। डीआईसीसीआई दलित उद्यमियों को एक साथ जोड़ने का काम करने के साथ ही उनके लिए एक संसाधन केन्‍द्र के रूप में भी काम करता है और इसके माध्‍यम से उनके  आर्थिक और सामाजिक समस्‍याओं के समाधान में मदद करता है। ऐसे मेंदलित समुदाय के आर्थिक और सामाजिक बदलाव के लिए अनुसंधान का काम देख रहे डीएआईस

भारतीय नौसेना : छह पनडुब्बियों के निर्माण के लिए आमंत्रण

चित्र
नयी दिल्ली - भारत सरकार ने मेक इन इंडिया पहल के तहत बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय नौसेना के लिए छह पी75(i) पनडुब्बियों के निर्माण से जुड़ी परियोजना के लिए संभावित भारतीय रणनीतिक साझेदारों का चयन करने के वास्‍ते अभिरूचि पत्र आमंत्रित किये। इस परियोजना की कुल लागत 45,000 करोड़ रुपये है। यह रणनीतिक साझेदारी मॉडल वाली दूसरी परियोजना है। पहली परियोजना नौसैना के उपयोग वाले 111 हेलिकॉप्‍टरों (एनयूएच) की खरीद से संबंधित है। नई परियोजना देश में स्‍वदेशी तकनीक से पनडुब्बियों के डिजाइन और निर्माण की क्षमता को काफी बढ़ावा देगी और इसके साथ ही पनडुब्‍बी निर्माण और डिजाइन की अत्‍याधुनिक तकनीक भी साथ लेकर आएगी। परियोजना को रक्षा खरीद परिषद द्वारा 31 जनवरी, 2019 को मंजूरी दी गई थी। परियोजना के लिए रणनीतिक साझेदारों के चयन से संबंधित अभिरूचि पत्र रक्षा मंत्रालय और भारतीय नौसेना की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। इसे दो सप्‍ताह में जारी कर दिया जाएगा। संभावित रणनीतिक साझेदारों को मूल रक्षा उपकरण निर्माताओं के साथ मिलकर देश में स्‍वदेशी तकनीक से पनडुब्बियों के डिजाइन और निर्माण इकाइयां लगाने की अनुमति दी ग

जयपुर में बनेगी विश्व की सबसे बड़ी और सिक्योर फिल्म लाइब्रेरी

चित्र
जयपुर : जयपुर और विश्व फिल्म इंडस्ट्री के लिए बड़ी खबर है कि जल्द ही यहाँ विश्व की सबसे बड़ी और सिक्योर फिल्म लाइब्रेरी बनने जा रही है। यह विश्व भर में सिनेमा को सहेजने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने की दिशा में, अब तक की सबसे बड़ी कोशिश है। इस लाइब्रेरी के ज़रिए, आने वाले 10 वर्षों में लगभग 1 लाख से भी अधिक फिल्मों को संग्रहित किया जा सकेगा। ये प्रक्रिया 2020 से शुरू होने जा रही है। जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल   [JIFF]  ट्रस्ट  का यह विश्वस्तरीय प्रोजेक्ट, दुनिया भर के सिनेमा प्रेमियों की नज़रों में छाया रहेगा। लाइब्रेरी का मकसद रहेगा, दुनिया के कोने – कोने से आई विविध फिल्मों को एक मंच पर पहुँचा सकना, और फिल्मों के ज़रिए अलग – अलग देशों के बीच सांस्कृतिक सामंजस्य बना सकना। इस कड़ी में जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ट्रस्ट का मकसद है एक ऐसी  ग्लोबल फिल्म लाइब्रेरी  स्थापित करना, जहाँ कला और संस्कृति को सहेजने के लिए लगातार कोशिशें बनी रहें। सिनेमा एक ऐसा माध्यम है, जिसमें कई कलात्मक पक्ष एक साथ जुड़ जाते हैं, और यही कारण है कि फिल्मों को सहेजना एक बड़ा काम है। इसकी महत्ता को ध्या

वित्त आयोग 23 से 26 जून तक कर्नाटक की यात्रा पर

नयी दिल्ली -  एन. के. सिंह की अध्यक्षता में 15वां वित्त आयोग 23 से 26 जून तक कर्नाटक की यात्रा करेंगा। इससे पहले आयोग 21 राज्यों का दौरा कर चुका है। यात्रा के दौरान आयोग कर्नाटक के मुख्य मंत्री एच.डी कुमारस्वामी और उनके सहयोगी मंत्री तथा राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगा। आयोग राज्य के राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी भेंट करेंगा। आयोग  की कर्नाटक के ग्रामीण स्थानीय निकायों और शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों के साथ अलग बैठक होगी। आयोग वरिष्ठ अर्थशास्त्रियों और नंदन नीलेकणि सहित सूचना प्रोद्योगिकी विशेषज्ञों के साथ डीबीटी,पीएफएमएस और डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिये संभावित कार्य आधारित प्रोत्साहन के बारे में बैठक करेगा। आयोग कर्नाटक के व्यापार और उद्योग के प्रतिनिधियों से भी बातचीत करेंगा। कर्नाटक में अपने प्रवास के दौरान आयोग कर्नाटक राज्य प्राकृतिक आपदा निगरानी केन्द्र (केएसएनडीएमसी) का दौरा करेगा। केएसएनडीएमसी आपदा मोचन के प्रबंधन और निगरानी का एक आधुनिक केन्द्र है और देश में स्थापित अपने तरह का पहला है। बेंगलुरू शहर यातायात प्रबंधन की चुनौती का भ