संदेश

अगस्त 21, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

मेक इन इंडिया के तहत रक्षा क्षेत्र में निजी क्षेत्र की साझेदारी बढ़ाने पर जोर

चित्र
'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार की ओर से की जा रही पहल का उल्लेख करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि स्वतः अनुमोदित मार्गके माध्यम से 49 प्रतिशत और प्रत्येक मामले के आधार पर सरकारी मार्ग के माध्यम से 100 प्रतिशत तक के विदेशी निवेश की अनुमति दी गई है। उन्होंने विदेशी मौलिक उपकरण विनिर्माताओं (ओईएम) से भारत में निर्माण कारखाने स्थापित करने का अनुरोध किया कि एफडीआई, संयुक्त उद्यमों अथवा रक्षा ऑफसेट मार्ग के माध्यम से विदेशी कंपनियों के लिए अनेक अवसर मौजूद हैं। राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि रक्षा ऑफसेट कार्यान्वयन की प्रक्रिया को सुचारू बनाया गया है तथा सेनाओं के लिए ऑफसेट्स से मुक्ति के प्रावधान को बहाल करने संबंधी इस उद्योग की एक प्रमुख मांग को पूरा किया गया है। नयी दिल्ली - रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने  विदेशी विनिर्माताओं पर निर्भरता में उत्तरोत्तर कमी लाने और रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी रूप से विकसित समग्र क्षमताओं का विकास करने पर बल दिया। नई दिल्ली में 'वायुसेना की आधुनिकीकरण एवं स्वदेशीकरण योजनाएं' विषय पर आयोजित संगोष्ठी में उद्घाटन भाषण देते हुए  राजना

बजरंग पुनिया और दीपा मलिक को राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार

चित्र
नयी दिल्ली - खेलों में उत्कृष्टता को मान्यता देने और पुरस्कृत करने के लिए राष्ट्रीय खेल पुरस्कार हर साल दिए जाते हैं। राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार चार वर्ष की अवधि के दौरान खेलों के क्षेत्र में सबसे शानदार और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी को दिया जाता है। अर्जुन पुरस्कार 4 वर्षों के दौरान लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए दिया जाता है। द्रोर्णाचार्य पुरस्कार प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में पदक विजेता तैयार करने वाले कोच को प्रदान किया जाता है। खेलों के विकास में जीवन पर्यन्त योगदान देने के लिए ध्यानचंद पुरस्कार दिया जाता है। कॉरपोरेट संस्थाओं (निजी और सार्वजनिक क्षेत्र दोनों में) और उन व्यक्तियों को राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार दिया जाता है जिन्होंने खेलों के प्रोत्साहन और विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अंतर-विश्वविद्यालय प्रतियोगिताओं में कुल मिलाकर शीर्ष प्रदर्शन करने वाले विश्वविद्यालय को मौलाना अबुल कलाम आजाद (एमएकेए) ट्रॉफी प्रदान की जाती है। इस वर्ष (2019) के पुरस्कारों के लिए बड़ी संख्या में नामांकन प्राप्त हुए, जिन पर पूर्व अर्

कुष्‍ठ रोग पीडि़त के साथ भेदभाव बरतने वाले 108 कानूनों को बदला जाना चाहिए

चित्र
डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि भारत दिव्‍यांगजनों सहित सभी व्‍यक्तियों के लिए न्‍याय और समानता के प्रति कटिबद्ध है। डॉ. हर्षवर्धन ने आंध्र प्रदेश/तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, ओडिशा, गोवा/दमन एवं दीव, केरल, मध्‍य प्रदेश, छत्‍तीसगढ़, सिक्किम, मेघालय, हरियाणा,पश्चिम बंगाल, उत्‍तर प्रदेश, गुजरात, असम, महाराष्‍ट्र, बिहार, पुद्दुचेरी, दिल्‍ली, राजस्‍थानऔर पूर्वोत्‍तर राज्‍य के मुख्‍यमंत्रियों तथा जम्‍मू-कश्‍मीर के राज्‍यपाल को भेजे गए अपने पत्र में आग्रह किया है कि ऐसे भेदभाव बरतने वाले मौजूदा कानूनों में संशोधन करने के लिए संबंधित विभागों और अधिकारियों को निर्देश दिया जाए। नयी दिल्ली - केन्‍द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने विधि एवं न्‍याय मंत्री रविशंकर प्रसाद और सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि कुष्‍ठ रोग से पीडित व्‍यक्तियों के साथ भेदभाव करने वाले 108 कानूनों को बदला जाए। उन्‍होंने अपने पत्र में लिखा कि ऐसा करना राष्‍ट्र पिता की 150वीं जयंती पर उन्‍हें सच्‍ची श्रद्धांजलि होगी। उन्‍होंने कहा कि कुष्‍ठ रोग पीडि़त व्‍य

26 से 28 अगस्त बच्चों के लिए सजेगा फिल्मों का मेला 

चित्र
जयपुर : जयपुर के फिल्म प्रेमियों के लिए अगस्त का महीना खास होने जा रहा है। दरअसल जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ट्रस्ट की ओर से 26 से 28 अगस्त (सुबह 8:30 से दोपहर 1 बजे) को गुलाबी नगरी में आर्यन इंटरनेशनल चिल्ड्रन्स फिल्म फेस्टिवल और 16 इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल्स का आयोजन एक साथ होने जा रहा है। विशेष रूप से बच्चों के लिए बनाए गए इस फिल्म उत्सव का उद्देश्य दुनिया भर के देशों से आई फ़िल्मों को नन्हें दर्शकों तक पहुँचाना रहेगा। फ़िल्मों में खास रहेगी कनाडा में बनी एनिमेशन फ़ीचर फिल्म  रेस टाइम । बेनॉइट गॉडबाउट निर्देशित इस फिल्म में बचपन के उतार – चढ़ावों को रोमांचक तरीक़े से दिखाया गया है। वहीं, भारत में बनी  वो जो था एक मसीहा मौलाना आज़ाद  प्रदर्शित होगी। डॉं राजेन्द्र गुप्ता और संजय सिंह नेगी के निर्देशन में बनी यह फ़ीचर फिल्म मौलाना आज़ाद की जीवनी के बारे में है। फिल्म बयां करती है कि शिक्षा मंत्री रहते हुए, मौलाना किस प्रकार शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाए। शिक्षा में विज्ञान और तकनीक के विलय के साथ ही, वे पूरे जीवन हिन्दू – मुस्लिम एकता के लिए संघर्ष करते रहे। अ

JIFF के सहयोग से होने जा रहा है फिल्म टूरिज्म फेस्टिवल

चित्र
जयपुर - शहर में राजस्थान के फिल्म टूरिज़म को बढ़ावा देने के लिए “पीएचडीसीसीआई फिल्म टूरिज्म फेस्टिवल” का आयोजन होने जा रहा है। कार्यक्रम का आयोजन पीएचडी चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री, सपोर्टेड बाय टूरिज्म डिपार्टमेंट, राजस्थान गवर्नमेंट और इन असोसिएसन विथ जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के साथ होने जा रहा है। जिफ, 2009 से ही राजस्थान में फिल्म ट्यूरिजम को बढ़ावा दे रहा है। जिफ के प्रयासों के चलते अब विश्व फिल्म समुदाय की नजरें जयपुर और राजस्थान पर टिकी है। जिफ की पंच लाईन रह चुकी ये लाईन “मेकिंग ए राजस्थान सिनेमा हब” ही इस फेस्टीवल के पहले सत्र का नाम है। तीसरा सैशन जिफ में आयोजित स्क्रीनप्ले की पंच लाईन से लिया गया है “स्क्रीप्ट टू स्क्रीन”। दूसरा सैशन होगा राजस्थान की फिल्म लोकेशन से जुड़ा हुआ। कार्यक्रम 25 अगस्त को सुबह 10:30 से शाम 5:30 तक होटल क्लार्क्स आमेर में आयोजित होगा, जहां जिफ की और से आमन्त्रित जाने – माने फिल्मकार और लेखक, दर्शकों से रूबरू होंगे। कार्यक्रम में जिफ दवारा आमन्त्रित पद्मश्री फ़िल्मकार शाजी एन. करुण, सुपर हिट फिल्म  शोले के निर्देशक रमेश सिप्पी, 70 से ज्या

मेडजीनोम लैब्स ने ट्यूबरकुलोसिस,सीएनएस,सिस्टेमिक टेस्टिंग में प्रवेश किया

चित्र
नयी दिल्ली - क्लिनिकल डेटा संचालित जेनेटिक डायग्नोस्टिक्स एवं ड्रग डिस्कवरी रिसर्च में लीडर, मेडजीनोम लैब्स ने 'स्पिटएसईक्यू' विकसित किया है, जो पहला संपूर्ण जीनोम अनुक्रमण आधारित परीक्षण है और सीधे थूक से ट्यूबरकुलोसिस के बैक्टीरिया मेंमौजूद हर सिंगल म्यूटेशन का विस्तृत विश्लेशण प्रदान करता है, जो दवाईयों के लिए रज़िस्टैंस निर्मित करता है। इस प्रगति के द्वाराडॉक्टरों को वर्तमान में एक महीने तक चलने वाली परीक्षण त्रुटि प्रक्रिया का पालन नहीं करना पड़ेगा और वो ट्यूबरकुलोसिस के मरीज कोसबसे प्रभावशाली दवाई बहुत तेजी से और सटीक तरीके से प्रदान कर सकेंगे। भारत में मल्टी ड्रग रज़िस्टैंट (एमडीआर-टीबी) के मामले सर्वाधिक होते हैं। स्पिट एसईक्यू टीबी के मरीजों, क्लिनिशियनों और हैल्थकेयरएजेंसियों के लिए एक वरदान हो सकता है, जिसके द्वारा वो 2025 तक टीबी के उन्मूलन का भारत का सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल(एसडीजी) प्राप्त कर सकते हैं। यह टेस्ट टीबी करने वाले बैक्टीरिया, मायोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस (एमटीबी) की संपूर्ण जीनोमसीक्वेंसिंग है, जो बैक्टीरिया के जीनोम में म्यूटेशंस तक पहुंचकर क्लिनिशियन