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अक्तूबर 1, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

राष्‍ट्रीय राजमार्ग निर्माण में प्‍लास्टिक कचरे का इस्‍तेमाल

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दिल्ली-गाजियाबाद सीमा पर राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण में प्लास्टिक कचरे के उपयोग का शुभारंभ किया। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय राजमार्ग निर्माण में प्लास्टिक कचरे के उपयोग को प्रोत्साहित कर रहा है, विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों के 50 किलोमीटर की परिधि में राष्ट्रीय राजमार्गों पर जिनकी आबादी 5 लाख या उससे अधिक है। धौला कुआँ के पास हाल ही में NH-48 पर बेकार प्लास्टिक का उपयोग करके सड़क का एक हिस्सा बनाया गया है। दिल्ली - मेरठ एक्सप्रेसवे और गुरुग्राम- सोहना रोड पर प्लास्टिक कचरे का उपयोग करके निर्माण की योजना बनाई गई है। प्लास्टिक कचरे का उपयोग पहले ही तमिलनाडु और केरल राज्यों में प्रमुखता के आधार पर किया जा चुका है। 4 लेन के राजमार्ग के 1 किलोमीटर के निर्माण में लगभग 7 टन प्लास्टिक कचरे का निपटान करने में मदद मिल सकती है। उत्तर प्रदेश के पिलखुआ में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (पैकेज -3) के डासना-हापुड़ खंड का उद्घाटन किया। इस अवसर पर सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री (सेवानिवृत्त) वी के सिंह, उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव चंद्र मौर्य, लोकसभा सदस्य राजेंद्र अग्रवाल, राज्यसभा सदस

राजभाषा विस्तारिका पत्रिका का विमोचन तथा हिंदी में बेहतर काम करने वाले कर्मचारी पुरस्कृत

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नई दिल्ली स्थित कृषि से संबंधित कार्यालय विस्तार निदेशालय में राजभाषा विस्तारिका पत्रिका के विमोचन के साथ ही हिंदी में बेहतर काम करने वाले अनेक कर्मियों को पुरस्कृत किया गया।  इस अवसर पर कवि/कलाकर्मी किशोर श्रीवास्तव के संचालन और प्रसिद्ध कवि बृज किशोर वर्मा 'शैदी' के मुख्य आतिथ्य में एक राजभाषा कवि सम्मेलन का आयोजन भी किया गया, जिसमें सर्वश्री चेतन आनंद, सुनहरी लाल वर्मा, श्री चंद भंवर, डॉ. यासमीन खान एवं नेहा नाहटा ने भी विविध रंगों में रंगी अपनी कविताओं से सबका खूब मनोरंजन और ज्ञानवर्धन किया।  कार्यक्रम की अध्यक्षता मंत्रालय के अपर आयुक्त श्री वाईआर मीना ने की और निदेशक (प्रशासन) श्री मनीष भाटिया ने सभी के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का शुभारंभ सहायक निदेशक (रा.भा.) राजकरण ने कार्यालय में हिंदी की गतिविधियों और उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए किया और उप निदेशक प्रशासन श्री वाईपी भट्ट ने विभिन्न योजनाओं पर प्रकाश डाला। हिंदी अनुभाग के अन्य कर्मियों सर्वश्री अभिनंदन स्वर्णकार और अनुपम पटेल आदि की कार्यक्रम के संयोजन में उल्लेखनीय भूमिका रही।

डेफएक्‍सपो-2020 वेबसाइट लॉन्‍च,डीपीएसयू और आयुध कारखानों के उत्पादों के बारे में जानकारी उपलब्‍ध कराती है

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डेफएक्सपो 2020 की कवरेज के लिए मीडियाकर्मी भी वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं नयी दिल्ली - डेफएक्सपो में व्यावसायिक दिनों के दौरान अर्थात 05-07 फरवरी, 2020 तक जाने के लिए व्‍यापारी वेबसाइट पर अपने टिकट खरीद सकते हैं। 08 फरवरी, 2020 को आम जनता के लिए प्रवेश नि:शुल्क होगा। हालांकि आम लोगों को इसके लिए वेबसाइट पर अपना पंजीकरण कराना होगा और उनके पंजीकृत ईमेल पते पर ई-टिकट भेजे जाएंगे। प्रदर्शक और आम लोग वेबसाइट पर  'हमसे संपर्क करें'  मेनू का उपयोग कर पूछताछ कर सकते हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में 05-08 फरवरी,2020 को आयोजित होने वाले डेफएक्सपो के 11वें संस्करण की वेबसाइट  लॉन्च की। प्रदर्शकों को वेबसाइट www.defexpo.gov.in  ऑनलाइन सेवाएं प्रदान करती है। इसके अलावा वेबसाइट डीपीएसयू और आयुध कारखानों के उत्पादों के बारे में जानकारीपूर्ण उपलब्‍ध कराती है।   वेबसाइट प्रदर्शकों को पहले-आओ, पहले-पाओ के आधार पर उनकी आवश्यकताओं के अनुसार ऑनलाइन पंजीकरण कराने और स्थान बुक कराने की सुविधा देती है। इसके अलावा ऑनलाइन भुगतान और बिजनेस-टू-बिजनेस बैठकों के लिए सम्‍मेलन कक्ष और

10,000 छात्र दिल्ली में सोलर लैम्प जलाकर विश्व रिकॉर्ड बनाएंगें   

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इस कार्यशाला के दौरान 2 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्रयास होगा। इसके तहत एक ही स्थान पर अधिसंख्य भागीदार वहनीयता का पाठ सीखेंगे और बड़ी संख्या में एक साथ सोलर लैम्प जलाए जायेंगे। नई दिल्ली के आयोजन के अलावा इसी तरह की कार्यशालाएं भारत के अन्य शहरों और विदेशों में भी आयोजित की जायेंगी। संभावना है कि इस एक दिवसीय विश्व आयोजन में 60 देशों के 10 लाख से अधिक छात्र हिस्सा लेंगे। ये छात्र हरित ऊर्जा के प्रचार-प्रसार के लिए नवीकरणीय ऊर्जा दूत के रूप में कार्य करेंगे। सतत जीवन के गांधीवादी आदर्श को प्रोत्साहन देने और महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आईआईटी मुम्बई के सहयोग से नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय 2 अक्टूबर को विश्व छात्र सौर सभा का आयोजन करेगा। इंदिरा गांधी स्टेडियम परिसर, नई दिल्ली में दिनभर चलने वाले इस आयोजन में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र तथा दिल्ली के संस्थानों के 10,000 से अधिक छात्र हिस्सा लेंगे। इन छात्रों के साथ उनके प्रशिक्षक भी रहेंगे, जो सोलर स्टडी लैम्प तैयार करने में मौके पर उन्हें प्रशिक्षित करेंगे। जलवायु परिवर्तन के भीषण खतरे के मद्देनजर विश्व पर्या