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जुलाई 6, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

सुरम्य स्थान में मां ज्वाल्पा का प्रसिद्ध मंदिर

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उत्तराखंड के पौड़ी जनपद में कोटद्वार  पौड़ी के मध्य में पश्चिमी नयार नदी के तट पर एक सुरम्य स्थान में मां ज्वाल्पा का प्रसिद्ध मंदिर है। ज्वाल्पा कफोला बिष्ट और थपलियालों की कुल देवी है। शुभ अवसरों पर सर्व प्रथम मां की पूजा प्रतिष्ठा का विधान स्कंदपुराण के अनुसार वैदिक ऋचाओं के द्वारा किया जाता आ रहा है। कहते हैं आदिगुरु शंकराचार्य जी ने भी मां की पूजा अर्चना की और उनका साक्षात्कार स्वरूप देखा था। विजय सिंह बिष्ट   इस मंदिर में अखंड दीप प्रज्वलित किया जाता है।जो हजारों साल से दिन रात देदीप्यमान रहता है। मंदिर निर्माण की कहानी इस प्रकार है। सतयुग में दैत्यराज पुलोम की पुत्री शचि ने देवराज इंद्र को पति रूप में प्राप्त करने के लिए मां पार्वती की तप साधना इसी स्थान पर आरंभ की थी। प्रचंड ज्वाला से उत्पन्न मां पार्वती ने शचि को दर्शन देकर उसकी मनोकामना पूर्ण कर दी।यह स्थान ज्वाला देवी के नाम से और कालांतर में ज्वाल्पा देवी के नाम से प्रसिद्ध हो गया। दीपक सरसों के शुद्ध तेल से प्रज्ज्वलित किया जाता है इसलिए कफोलस्यूं,मवालस्यूं,खातस्यूं,रिगवाड़स्यूं,धुड़दौडस्यूं एवं गुराडस्यूं पट्टियों की क्षे

किन्नर समाज पर आधारित ऑन लाइन लघुकथा गोष्ठी

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नयी दिल्ली - विश्व मैत्री मंच की दिल्ली इकाई के द्वारा ऑन लाइन लघुकथा गोष्ठी का आयोजन बहुत ही सुंदर सफल और सारगर्भित रहा। संस्था की अध्यक्षा सन्तोष श्रीवास्तव के सुविचार व प्रयासों से आयोजन कि रूपरेखा तैयार हुई इस से पूर्व में भी दिल्ली शाखा सफल ऑन लाइन काव्य गोष्ठी का आयोजन कर चुकी है।  कार्यक्रम की अध्यक्ष महिमा का स्वागत भाषण डॉ मुक्ता मिश्रा ने किया, मुख्य अतिथि क्षमा पांडे का स्वागत पुष्पा सिन्हा , विशिष्ट अतिथि सुषमा भंडारी का स्वागत अर्चना पांड्या एवं डॉ प्रमिला का स्वागत वन्दना रानी दयाल ने किया। रोचक व सुन्दर ढंग से कार्यक्रम की संचालिका कल्पना पान्डे ने भी मेहमानों का पुष्प गुच्छ व शब्द पुष्पों द्वारा स्वागत किया , तत्पश्चात मधुर वाणी में वीणा अग्रवाल जी ने माँ शारदे का आह्वान किया। यह लघुकथा गोष्ठी विशेषकर (किन्नर समाज) विषय पर आधारित थी। लघुकथा से सम्बन्धित मापदंड व विशेषताओं की जानकारी श्रीवास्तव ने अपने सार्थक उद्बोधन में दी। किन्नर समाज से जुड़ी सभी लघुकथाएं आज मंच पर आई कुछ कथाकार इस क्षेत्र मे पारंगत थे कुछ नवान्कुर मगर सभी की रचनायें एक से बढ़कर कर एक रहीं । गोष्ठी में

"जस्टिस फॉर सुशांत (बिहार)" सीबीआई जांच की मांग को लेकर पूरे बिहार में मार्च

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पटना , "जस्टिस फॉर सुशांत (बिहार)" के बैनर तले दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की रहस्यमय मौत की सीबीआई से जांच कराने की मांग को लेकर राजधानी पटना सहित बिहार के सभी प्रमंडल, जिला और प्रखंड मुख्यालयों में शांतिपूर्ण मार्च व प्रदर्शन आयोजित किया गया। बिहार में 250 से ज्यादा स्थानों पर तय समय पर एक साथ हीं करनी सेना के नेतृत्व में सभी क्षत्रिय संगठन दिवंगत अभिनेता के फैन्स और युवाओं ने शांतिपूर्ण तरीके से मार्च आयोजित कर सीबीआई जांच की मांग को लेकर हुंकार भरी। "जस्टिस फॉर सुशांत" ने बिहारी सपूत व बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की रहस्यमय मौत की सीबीआई से जांच कराए जाने संबंधित मांग पत्र भी देश के महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, बिहार के राज्यपाल व मुख्यमंत्री को भेजा। "जस्टिस फॉर सुशांत (बिहार)" के बैनर तले पटना में आयोजित मार्च का नेतृत्व संयुक्त रूप से अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के डॉ विजय राज सिंह ,नीरज  सिंह  करनी सेना सुनील सिंह , बी के सिंह , धीरेंद्र कुमार सिंह  भारतीय जनता पार्टी से  शैलेश सिंह  औऱ बरुन स

दुकान और मकान ही नहीं, कानून व्यवस्था को भी सील कर रही प्रदेश सरकार

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लखनऊ , रिहाई मंच ने कायदा कानून ताक पर रखकर क्षतिपूर्ति के नाम पर लखनऊ में गिरफ्तारी और सम्पत्तियों के सील किए जाने की कार्रवाई की निंदा करते हुए कोरोना संकट की घड़ी में इसे अमानवीय करार दिया. मंच ने कहा सूबे की कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है जिसका जीता-जागता उदाहरण कानपुर है, जहां पुलिस, अपराधी, राजनीति का गठजोड़ सामने आया. योगी सरकार की गैर कानूनी कार्रवाइयों की वजह से पुलिस के जवान मारे गए और अब विकास दुबे का घर गिरवाकर जनता के आक्रोश को शांत किए जाने की भी कोशिश गैर कानूनी है. गोली के बदले गोली, खून के बदले खून इसकी इजाजत हमारा संविधान नहीं देता. रिहाई मंच महासचिव राजीव यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार के इशारे पर लखनऊ प्रशासन ने नोटिस देकर कथित क्षतिपूर्ति की रकम जमा न करने के नाम पर जानकीपुरम निवासी मो० कलीम को गिरफ्तार किया है जबकि उसी आरोप में मो० कलीम को अदालत से ज़मानत मिल चुकी है. झाेपड़पट्टी में रहने वाले मो० कलीम रिक्शा चलाकर अपने चार बच्चों का पेट पालते थे. लॉक डाउन में काम बंद हो गया तो बच्चों का पेट भरने के लिए  बिस्कुट और अन्य चीजें बेचने लगे. समाचार माध्यमों में आया

वॉलीबाल के राष्ट्रीय खिलाड़ी शमीम अख्तर उर्फ निरहू भईया नहीं रहे

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वॉलीबाल छोड़ने के बाद उन्होंने शायरी शुरू कर दी। 2010 में उनकी काव्य संकलन उर्दू में 'लहू–लहू' के नाम से प्रकाशित हुआ। हालात पर गहरी नज़र रखते थे। आज़मगढ़ - दिल का दौरा पड़ने से शमीम अख्तर उर्फ निरहू भईया का इंतेक़ाल हो गया। अभी एक महीना से कुछ ज्यादा हुआ होगा कि एक दुर्घटना में पैर टूट गया था। स्वास्थ लाभ कर ही रहे थे कि आखिरी घड़ी आ गई। हमारी उम्र के लोगों ने उनके गेम का उरूज नहीं देखा, बस अपने शॉट से गेंद फाड़ देने की कहानियां सुनते थे। लेकिन जो कुछ देखा वह अपने आपमें स्मरणीय है। आज़मगढ़ के ही कोटिला गांव में आल इंडिया वॉली बाल टूर्नामेंट हुआ करता था। यूपी पुलिस से आज़मगढ़ का मुकाबला था। यूपी पुलिस में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके रणवीर सिंह भी थे। रणवीर सिंह ने पहले हमारे निरहू भैया का गेम देखा था और उनके प्रशंसक बन गए थे।  खेल शुरू हुआ। शमीम अख्तर उर्फ निरहू भैया के सामने दो ब्लॉकर थे। दो तीन गेंद ब्लॉक हो गई। रणवीर सिंह ने इशारे से एक ब्लॉकर को हट जाने के लिए कहा। अपने दोस्त और खेल की ढलान पर पहुंच चुके इस प्रतिभावान खिलाड़ी के अनुभव को परखना चाहते थे