संदेश

सितंबर 25, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

भारत सरकार ने "सरदार पटेल राष्ट्रीय एकता पुरस्कार" की शुरुआत की

चित्र
पुरस्कार में एक पदक और एक प्रशस्ति पत्र होगा। इस पुरस्कार के साथ कोई भी नकद पुरस्कार नहीं होगा। एक वर्ष में तीन से अधिक पुरस्कार नहीं दिए जाएंगे। यह अति असाधारण और अत्यधिक सुयोग्य मामलों को छोड़कर मरणोपरांत प्रदान नहीं किया जाएगा। नयी दिल्ली - भारत सरकार ने सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर भारत की एकता और अखंडता के क्षेत्र में योगदान के लिए सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार शुरू किया है। इस पुरस्कार का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता और अखंडता को बढ़ावा देने और एक मजबूत और अखण्ड भारत के मूल्य को सुदृढ़ करने में उल्लेखनीय और प्रेरक योगदान के लिए सम्मानित करना है। इस पुरस्कार की घोषणा राष्ट्रीय एकता दिवस, 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की जयंती के अवसर पर की जाएगी। यह पुरस्कार राष्ट्रपति के द्वारा उनके हस्ताक्षर और मुहर के तहत एक  सनद   के  तौर पर प्रदान किया जाएगा और राष्ट्रपति भवन में आयोजित पद्म पुरस्कार समारोह के साथ एक पुरस्कार समारोह में उनके द्वारा दिया जाएगा। प्रधानमंत्री द्वारा एक पुरस्कार समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें सदस्य के रूप में केंद्रीय मंत्रिमंडल सचिव, प्रधान मंत्री के प्रधान सचिव, राष्ट

तीन दिवसीय इंटरनेशनल मीडिया कांफ़्रेंस 27 से, देश दुनिया के 300 मीडिया विशेषज्ञ भाग लेंगे

चित्र
आकर्षण का केंद्र होगी अनूठी प्रदर्शनी-- वरिष्ठ बैंकिंग अधिकारी जवाहर कर्णावत द्वारा पिछले 115 वर्षों में देश विदेशों में प्रकाशित अनसुनी और अनदेखी पत्रिकाओं और समाचार पत्रों की एक प्रदर्शनी भी लगाई जायेगी। उदयपुर ।  मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग एवम जयपुर के प्रीमियर मीडिया एडवोकेसी संगठन 'लोक संवाद संस्थान'  के संयुक्त तत्वावधान में “डिजिटल संचार और सशक्तिकरण: उभरते अवसर और प्रमुख चुनौतियाँ” विषय पर पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित हो रही तीन दिवसीय मीडिया कॉन्फ्रेंस 27 सितंबर को विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती अतिथि गृह सभागार में शुरू होगी। कांफ़्रेंस के आयोजन सचिव डॉ कुंजन आचार्य ने बताया कि इसमे भारत और विदेशों के 300 से अधिक  अकादमिक विशेषज्ञ और प्रख्यात मीडिया पेशेवर भाग लेंगे। उद्धघाटन सत्र के मुख्य वक्ता रेमन मैग्सेसे पुरस्कार विजेता ख्यातनाम पत्रकार पी सांईनाथ होंगे।  उद्घाटन समारोह के अतिथियों में सुखाड़िया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो नरेंद्र सिंह राठौड़, यूनिसेफ की चीफ इसाबेले बर्दम सेवड़े, बांग्लादेश के पूर्व मुख्य सूचना आयुक

किसानों की जरूरतों को पूरा करेगा बहुभाषी मोबाइल ऐप "सीएचसी- फार्म मशीनरी"

चित्र
नयी दिल्ली - यह मोबाइल एप्लिकेशन पहले से ही कस्टम हायरिंग सेवा केंद्रो की तस्वीर / भौगोलिक स्थिति को  उसके भू-निर्देशांक की सटीकता के तथा उसमे उपलब्ध कृषि मशीनरी तस्वीरों को  अपलोड करता है । अभी तक इस  इस मोबाइल एप पर 40,000  से अधिक कस्टम हायरिंग सर्विस सेंटर उनमे उपलब्ध , 1,20,000 से अधिक कृषि मशीनरी को किराये पर दिये जाने हेतू पंजीकृत हो चुके हैं। देश भर के किसानो, विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसान, जो उच्च तक्नीक व मूल्य की कृषि मशीनरी और उपकरण खरीदने में असमर्थ है, को ध्यान में रखते हुए, भारत सरकार के कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय, ने सभी कृषि मशीनरी कस्टम सेवा प्रदाताओं और किसानों / उपयोगकर्ताओं को एक साझा मंच पर लाने के लिए एक एंड्रॉइड प्लेटफॉर्म के अनुकूल, बहुभाषी मोबाइल ऐप " सीएचसी -  फार्म   मशीनरी " विकसित किया है जिसके माध्यम से विभिन्न राज्यों के स्थानीय किसान फार्म मशीनरी बैंक/कस्टम हायरिंग सेंटर जैसे सभी कस्टम सेवा प्रदाताओं द्वारा दी जाने वाली सुविधाओ का उपयोग बिना किसी कंप्यूटर सपोर्ट सिस्टम के कर सकते है|  इस ऐप को पूर्ण रूप से आम जनता/किसानो के लिये  कि

NCC ने देश भर में स्‍वच्‍छता साइकिल रैली निकाली

चित्र
नयी दिल्ली - यह रैली देश के चार विभिन्‍न हिस्‍सों, दक्षिण में तिरुअंनतपुरम और पुद्दुचेरी, पूर्वोत्‍तर में गुवाहाटी, उत्‍तर में जम्‍मू तथा पश्चिम में पणजी से शुरू होकर 27 सितम्‍बर, 2019 को नई दिल्‍ली के इंडिया गेट में 'स्‍वच्‍छ भारत हरित भारत' के संदेश के साथ संपन्‍न होगी। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 2 अक्‍टूबर, 2014 को नई दिल्‍ली के राजपथ से 'स्‍वच्‍छ भारत अभियान' का शुभारंभ किया था। अभियान का लक्ष्‍य 2 अक्‍टूबर, 2019 तक 'स्‍वच्‍छ भारत' के विजन को पूरा करना है।     नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) ने स्‍वच्‍छ भारत अभियान का अहम हिस्‍सा बनने की पहल करते हुए इसमें सक्रिय रूप से भाग लिया है। इसके तहत एनसीसी द्वारा पूरे देश में साइकिल रैली आयोजित की गई है, जिसमें देश के विभिन्‍न हिस्‍सों से एनसीसी कैडेट भाग ले रहे हैं। रैली के नई दिल्‍ली पहुंचने के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में रक्षा राज्‍य मंत्री श्री श्रीपद येसो नाइक मुख्‍य अतिथि होंगे। इस अवसर पर देश भर से आए एनसीसी के 1800 कैडेट और 725 साइकिल सवार के अलावा कई गणमान्‍य लोग भी उपस्थित रहेंगे।       

देश की सुरक्षा में निजी सुरक्षा गार्डों का महत्वपूर्ण योगदान है

चित्र
नयी दिल्ली - इस पोर्टल के अनेक फायदे हैं और 90 दिन के अंदर सभी भारतीय भाषाओं में यह पोर्टल उपलब्ध होगा।  इस तरह के नियम बनाये जायेंगे कि पोर्टल का अखिल भारतीय स्वरूप हो तथा एक राज्य में रजिस्टर एजेंसी के लिए दूसरे राज्य में कार्य करना आसान हो। निजी सुरक्षा गार्डों के पुलिस वेरिफिकेशन में काफी समय लगता था किंतु अब 90% से ज्यादा थाने ऑनलाइन हैं जिससे गार्ड के बारे में समस्त जानकारी प्राप्त की जा सकती है और इस पोर्टल के माध्यम से सभी गार्डों तथा सुरक्षा एजेंसियों की अधिक से अधिक जानकारी एक ही जगह पर उपलब्ध होगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने निजी सुरक्षा एजेंसियों के लाइसेंसिंग   पोर्टल के लोकार्पण के अवसर पर कहा कि निजी सुरक्षा रक्षकों का देश की सुरक्षा में महत्वपूणॆ योगदान है। उनका कहना था कि नरेन्द्र मोदी के देश की 5 ट्रिलियन इकोनामी के संकल्प के लिए निजी सुरक्षा एजेंसियों को तत्पर रहना  चाहिए क्योंकि निजी सुरक्षा रक्षक ही फर्स्ट लाइन आफ रिस्पांडर होते हैं और पहली लाइन जितनी चुस्त-दुरुस्त होगी दूसरी तथा तीसरी लाइन का काम उतना ही आसान होगा।  अमित शाह ने सुरक्षा एजेंसियों को कहा कि

प्‍याज की कीमतों में वृद्धि पर अंकुश के लिए सरकार ने लिए फैसले

चित्र
नयी दिल्ली - केन्‍द्र सरकार की ओर से केन्‍द्रीय बफर स्‍टॉक अपने पास रखने वाले नैफेड को सफल, मदर डेयरी एवं एनसीसीएफ के स्‍टोरों और स्‍वयं के विक्रय केन्‍द्रों से दिल्‍ली में प्‍याज का वितरण करने का निर्देश देते हुए कहा गया है कि इसकी कीमत 24 रुपये प्रति किलो से ज्‍यादा नहीं होनी चाहिए। केन्‍द्र सरकार ने भी समान दरों पर अपने चैनलों के जरिए सीधे तौर पर खुदरा बिक्री के लिए अपने बफर स्‍टॉक से दिल्‍ली सरकार को प्‍याज उपलब्‍ध कराने की पेशकश की है। इससे पूरी दिल्‍ली में वितरण केन्‍द्रों की कुल संख्‍या बढ़कर लगभग 700 हो जाएगी। केन्‍द्र सरकार ने प्‍याज की कीमतों में वृद्धि को नियंत्रण में रखने के लिए अनेक महत्‍वपूर्ण निर्णय लिए। राज्‍यों से अनुरोध किया गया है कि वे सीधे तौर पर खुदरा बिक्री के लिए केन्‍द्र सरकार के पास उपलब्‍ध 35,000 टन के स्‍टॉक का उपयोग करें, ताकि बढ़ती कीमतों को थामा जा सके। इस संबंध में राज्‍य सरकारों को संदेश भेजकर उनसे केन्‍द्रीय बफर स्‍टॉक से अपनी-अपनी आवश्‍यकताओं के बारे में बताने को कहा गया था। अब तक पांच राज्‍यों यथा हरियाणा, आंध्र प्रदेश, दिल्‍ली, त्रिपुरा और ओडि़शा