तीन दिवसीय इंटरनेशनल मीडिया कांफ़्रेंस 27 से, देश दुनिया के 300 मीडिया विशेषज्ञ भाग लेंगे

आकर्षण का केंद्र होगी अनूठी प्रदर्शनी-- वरिष्ठ बैंकिंग अधिकारी जवाहर कर्णावत द्वारा पिछले 115 वर्षों में देश विदेशों में प्रकाशित अनसुनी और अनदेखी पत्रिकाओं और समाचार पत्रों की एक प्रदर्शनी भी लगाई जायेगी।



उदयपुर।  मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग एवम जयपुर के प्रीमियर मीडिया एडवोकेसी संगठन 'लोक संवाद संस्थान'  के संयुक्त तत्वावधान में “डिजिटल संचार और सशक्तिकरण: उभरते अवसर और प्रमुख चुनौतियाँ” विषय पर पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित हो रही तीन दिवसीय मीडिया कॉन्फ्रेंस 27 सितंबर को विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती अतिथि गृह सभागार में शुरू होगी।



कांफ़्रेंस के आयोजन सचिव डॉ कुंजन आचार्य ने बताया कि इसमे भारत और विदेशों के 300 से अधिक  अकादमिक विशेषज्ञ और प्रख्यात मीडिया पेशेवर भाग लेंगे। उद्धघाटन सत्र के मुख्य वक्ता रेमन मैग्सेसे पुरस्कार विजेता ख्यातनाम पत्रकार
पी सांईनाथ होंगे।  उद्घाटन समारोह के अतिथियों में सुखाड़िया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो नरेंद्र सिंह राठौड़, यूनिसेफ की चीफ इसाबेले बर्दम सेवड़े, बांग्लादेश के पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त डॉ एमडी गोलम रहमान शामिल होंगे।
तीन दिन तक विभिन्न सत्रों में  हिंदुस्तान टाइम्स डिजिटल मीडिया की समूह संपादक सुश्री नीलांजना झा, बीबीसी की भारतीय भाषा प्रमुख रूपा झा, डॉक रिसर्च इंस्टीट्यूट, बर्लिन-जर्मनी के संस्थापक पूरन सी पांडे,  इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मास कम्युनिकेशन के पूर्व महानिदेशक केजी सुरेश, मीडिया फॉर चेंज के निदेशक डॉ विपुल मुद्गल सहित कई कुलपति, वरिष्ठ मीडिया अकादमिक प्रोफेसर और शोधकर्ता इस सम्मेलन का हिस्सा होंगे।  


कॉन्फ्रेंस के आयोजन अध्यक्ष लोक संवाद संस्थान के कल्याण सिंह कोठारी ने बताया कि मीडिया कॉन्फ्रेंस में कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) में कम्युनिकेशन इनोवेशन अवार्ड, मीडिया एजुकेशन में इनोवेशन अवार्ड और डेवलपमेंट जर्नलिज्म में विभिन्न केटेगरी में मीडियाकर्मियों को अवार्ड दिए जाएंगे।  इसके साथ ही 28 सितंबर को जीडी गोयनका इंटरनेशनल स्कूल सभागार में महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती पर गांधीवाद पर आधारित एक विशेष टॉक शो का आयोजन राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष डॉ सी.पी.  जोशी के मुख्य आतिथ्य में होगा।


इसी दिन दस समानान्तर सत्रों में देश भर के 150 मीडिया शिक्षक अपने शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे।   'वॉकथॉन'--- यूनिसेफ राजस्थान,  एपीजे इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (एआईएमसी), एडमस विश्वविद्यालय, कोलकाता, जीडी गोयनका इंटरनेशनल स्कूल सहित अन्य संस्थानों के सहयोग से हो रही इस कांफ़्रेंस में बाल अधिकार पर 70 साल का कन्वेंशन और यूनिसेफ इंडिया के 70 साल पूरे होने पर एक 'वॉकथॉन' का आयोजन 28 सितंबर  को  फतहसागर झील के किनारे  किया जाएगा। विभिन्न क्षेत्रों के सेलिब्रिटी इस मुद्दे पर लोगों को जागरूक करने के लिए वॉकथॉन का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने बताया कि बाल अधिकार पर यह कन्वेंशन सभी बच्चों के अधिकारों की रक्षा करता है। हर जगह, भेदभाव, हिंसा और उपेक्षा से मुक्त होने के लिए, जबकि सरकार और भागीदारों के साथ मिलकर, यूनिसेफ यह सुनिश्चित करने के लिए काम करता है कि हर बच्चे की सबसे अच्छी शुरुआत हो।