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मई 15, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

डिजिटल कृषि-लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए एग्रीबाजार पर किसानों को रजिस्ट्रेशन फी से मुक्ति

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●        यह ऐप पर किसानों के रजिस्ट्रेशन बढ़ाने के लिए किए जा रहे कंपनी के प्रयासों का हिस्सा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि खरीदार और विक्रेता अपने घरों से सुरक्षित लेन-देन कर सकें। ●        एग्रीबाजार का लक्ष्य अपने ऐप के माध्यम से किसानों तक पहुंचकर लॉजिस्टिक की अड़चनों को दूर करना है; ग्राउंड टीम खेत के उत्पादन के लिए लॉजिस्टिक सहायता प्रदान करती है। ●        एग्रीबाजार लगभग 10,000 व्यापारियों और प्रोसेसर्स, 36 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में 2 लाख से अधिक किसानों के नेटवर्क के साथ 100 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को जोड़ता है भारत की प्रमुख ऑनलाइन एग्री-ट्रेडिंग कंपनी एग्रीबाजार ने कोविड-19 लॉकडाउन अवधि में अपने प्लेटफॉर्म पर किसानों के लिए रजिस्ट्रेशन फी की छूट की घोषणा की है। यह ऑफर सीमित अवधि के लिए है। इसके जरिये यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी कृषि उपज बर्बाद न हो और एग्री-सप्लाई चेन की दिक्कतों को कम किया जा सके। ताकि किसान और खरीदार अपने घरों पर सुरक्षित रहकर शारीरिक दूरी रखते हुए व्यापार कर सके। 2016 में स्थापना के बाद से ऐप ने 14,000 करोड़ रुपए की जी

सुरक्षा एवं स्वच्छता के लिए योगदान देने की योजना बना रहा है जेएसडब्ल्यू पेंट्स

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मुंबई : जेएसडब्ल्यू पेंट्स, जो भारत के नए ज़माने की पेंट्स कंपनी है तथा 14 बिलियन अमेरिकी डॉलर के जेएसडब्ल्यू ग्रुप का हिस्सा है, घरेलू बाजारों में अपने हैंड सैनिटाइज़र को लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार है। अपने उपभोक्ताओं की सुरक्षा एवं स्वच्छता के लिए विचारशील तरीकों से योगदान देना कंपनी की प्रतिबद्धता रही है, और यह उत्पाद भी इसी विचारधारा का एक हिस्सा है। जेएसडब्ल्यू पेंट्स ने इस उत्पाद के निर्माण तथा देश के सभी बाजारों में विपणन के लिए आवश्यक सभी वैधानिक स्वीकृति, अनुमतियां और लाइसेंस प्राप्त किए हैं। उम्मीद है कि, मई 2020 में कंपनी का हैंड सैनिटाइज़र ब्रांड, सिक्योरऑल विपणन के लिए पूरी तरह तैयार होगा। लंबी बीमारियों एवं संक्रामक रोगों की बढ़ती घटनाओं के कारण भारत में हैंड सैनिटाइज़र की मांग लगातार बढ़ रही है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, अब संक्रामक रोग भी पूरी दुनिया में होने वाली मौतों के शीर्ष 10 कारणों की सूची में शामिल हो गए हैं। घर को पेंट करने की प्रक्रिया में कई तरह की सामग्री एवं लोगों की काफी आवाजाही होती है, जिससे संक्रमण की संभावना और बढ़ जाती है। घर-परिवार के लिए पूरी त

गाँवों में हीं तलाशने होंगे रोजी-रोजगार के साधन- मुखिया संगम बाबा

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बिहार ,पानापुर/ इसुआपुर ( सारण ) :- पानापुर प्रखंड के बेलऊर पंचायत के पिपरा गाँव के दलित बस्ती और अति पिछङा टोलों में जरुरतमंदो के बीच मुखिया संगम बाबा ने कच्चा राशन-सब्जी-दाल के पैकेट का वितरण किया ।  पिपरा गाँव के सैकड़ों जरुरतमंदो व असहायों के बीच संगम बाबा ने राहत सामग्री बाँटा । संगम बाबा ने बताया की कोरोना को लेकर रोजी-रोजगार बंद हो जाने से मजदूरों को आर्थिक तंगी से गुजरना पङ रहा है अब इन्हें अपने परिवार को चलाने के लिये गाँवों में हीं रोजगार के साधन ढूंढ़ने होंगे । वहीं इसुआपुर प्रखंड के अचीतपुर, श्यामपुर शिवदियरी और इसुआपुर हाईस्कूल में बनाये गये क्वारंटाईन सेन्टरों पर भी मुखिया संगम बाबा ने प्रवासियों के बीच बिस्किट, साबून-मास्क बाँटे । मौके पर पिपरा गाँव में अनूप सिंह, रवि सिंह, रंजन कुमार, अजय राय, बबलू राम, दिपक सिंह, भरत राय, हीरालाल प्रसाद, राहुल सिंह, विजय साह, बिट्टू राम, सनोज राम, संतोष राम मौजूद थे ।

लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था ने कठिनाइयों को स्पष्ट रूप से जन्म दिया

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नयी दिल्ली - प्रथमेश माल्या, चीफ एनालिस्ट, नॉन-एग्री कमोडिटी एंड करेंसी, एंजिल ब्रोकिंग। लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था ने कठिनाइयों को स्पष्ट रूप से जन्म दिया है और इसका नतीजा बेरोजगारी की उच्च दर के तौर पर सामने आया है। देश लॉकडाउन के उपायों को हटाने और सामान्य स्थिति में लौटने की कोशिश कर रहे हैं ऐसे में कोरोनावायरस की दूसरी और अधिक घातक लहर पर चिंता बन रही है। सोना अमेरिकी फेडरल रिजर्व के पूर्वानुमान की तुलना में रिकवरी अवधि अधिक होने के आकलन के आधार पर नई प्रोत्साहन योजनाओं की घोषणा के बाद बुधवार को स्पॉट गोल्ड की कीमतें 0.77 प्रतिशत बढ़कर 1715.3 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुईं।अमेरिका में बड़ी संख्या में बेरोजगार श्रमिक बड़ी चिंता का विषय बन गए हैं और फेड ने इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए साधनों की एक कड़ी बनाने की घोषणा की है। अगले कुछ महीनों के लिए ब्याज दरें कम रहने की उम्मीद है और यह पीली धातु की कीमतों को आगे सपोर्ट कर सकती है। कई देशों ने व्यापक आर्थिक पैकेजों की घोषणा की है और इसके अलावा महामारी की प्रत्याशित दूसरी लहर ने सोने की कीमत को बढ़ा दिया। चांदी  स्पॉट सिल्वर की कीमतें

ऊबर ने नया सेफ्टी टेक फीचर एवं अनिवार्य ड्राईवर प्रशिक्षण शुरू करके सुरक्षा के स्तर बढ़ाए

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नयी दिल्ली । राईडर्स एवं ड्राईवर्स के सुरक्षा स्टैंडर्ड मजबतू करने के लिए ऊबर ड्राईवर्स को लाखों पीपीई किट्स का वितरण किया जा रहा है और उनके लिए एक सेफ्टी  अवेयरनेस एजुकेशन वीडियो प्रस्तुत किया गया है। ऊबर के नए इन-एपे सेफ्टी फीचर से ड्राईवर्स को एक निश्चित संख्या मे ट्रिप्स पूरी कर लेने के बाद अपनी पीपीई सप्लाई को पुनः एकत्रित करने की सुविधाजनक पिकअप प्वाईंट्स की सूची दी जाएगी तथा जब वो अपने लिए सुविधाजनक प्वाईंट चुन लेंगे, तब उन्हे एक क्यूआर कोड मिलेगा। पिकअप के स्थान पर एक ऊबर कार्यकर्ता इस क्यूआर कोड को स्कैन करेगा तथा पीपीई सप्लाई ड्राईवर को दे देगा। ऊबर ने 3 मिलियन से ज्यादा तीन-प्लाई फेस मास्क, 1.2 मिलियन शॉवर कैप, 200,000 बोतल डिसइन्फैक्टेंट एवं 200,000 बोतल सैनिटाईज़र्स मंगाए हैं, जो भारत मे ड्राईवर पार्टनर्स को निशुल्क दिए जायेंगे। यदि ड्राईवर आवश्यक पीपीई खुद मंगाना चाहते हैं, तो ऊबर उन्हें उसकी लागत लौटा देगा। पीपीई किट्स का वितरण ग्रीन एव ऑरेंज ज़ोन्स में लॉकडाऊन में रिलैक्सेशन दिए जाने के साथ ही प्रारंभ कर दिया गया था।  अपने सुरक्षा अभियानो के तहत, ऊबर ने ड्राईवर पार्टन