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सितंबर 7, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

भारतीय भाषा परिषद के नवीकृत पुस्तकालय नई पीढ़ी की रुचियों के अनुरूप

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पुस्तक पढ़ने की आदत वह सर्वोत्तम उपहार है । परिषद पुस्तकालय का आधुनिकीकरण अभी एक शुरुआत है। पुस्तकालय में पढ़ने के साथ कॉफी शॉप और संवाद कक्ष भी बनाया है। इसे नई पीढ़ी की रुचियों के अनुरूप ढालना चाहेंगे।   कोलकाता : कोरोना काल में देश की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था भारतीय भाषा परिषद के पुस्तकालय को युवा पीढ़ी की जरूरत और रुचि के अनुरूप आधुनिक रूप दे दिया गया है।अब 20,000 से अधिक पुस्तकों के भंडार के साथ यह वातानुकूलित पुस्तकालय पाठकों को कई नई सुविधाएं देने जा रहा है। पुस्तकालय का भव्य नवीनीकरण अनन्य पुस्तक प्रेमी और समाजसेवी श्री प्रदीप चोपड़ा की परिषद के प्रति अथाह श्रद्धा और परिश्रम का नतीजा है। परिषद की अध्यक्ष डॉ कुसुम खेमानी ने ऑनलाइन पर तथा सुप्रसिद्ध हिंदी लेखक और परिषद के निदेशक डॉ शंभुनाथ ने प्रत्यक्षत: संयुक्त रूप से शिक्षक दिवस पर परिषद के नवीनीकृत पुस्तकालय का उद्घाटन किया। इस अवसर पर डॉ कुसुम खेमानी ने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त परिषद पुस्तकालय अब कॉलेज-विश्वविद्यालय के युवाओं के आकर्षण का केंद्र होगा। डॉ शंभुनाथ ने उद्घाटन वक्तव्य में कहा कि प्रदीप चोपड़ा का यह स

आज़मगढ़ : दलितों पर हमले को हुए 15 दिन से अधिक,नहीं हुई अभी तक हमलावरों की गिरफ्तारी

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उत्तर प्रदेश ,आज़मगढ़ के रौनापर थाने के ठीक बगल में पिछले 15 दिन पहले सवर्णों ने किया दलित समुदाय पर हमला जिसकी सूचना फ़ोन द्वारा मिलने पर रिहाई मंच ने रौनापार गांव का दौरा किया. पीड़ित परिवार से मुलाकात की. प्रतिनिधि मंडल में रिहाई मंच महासचिव राजीव यादव, उमेश कुमार, अवधेश यादव और महेश कुमार शामिल रहे. प्रतिनिधि मंडल को पीड़ित परिवार के मुखिया सुरेश ने बताया कि उनका बेटा रोहन रौनपार के बिलरियागंज रोड पर स्थित सुधीक्षा अस्पताल पर सोने के लिये जा रहा था तभी पिंटू सिंह के लड़के उसे रास्ते में रोके और पूछे यहां क्यों घूम रहा है. बताने पर की सोने जा रहा हूँ तो उनलोगों ने कहा कि वापस जा और कहते हुए हाथ मोड़कर मारने लगे और कहने लगे कि बुला अपने बाप को कहते हुए घर आ गए और सुरेश पर हॉकी एवं डंडे से हमला कर दिया. बीच बचाव करने गई उनकी बीवी आशा देवी और माँ रामवती को भी मारने लगे जिसमे उनकी माँ जो कि बुजुर्ग महिला है को गंभीर चोटें आई साथ ही साथ आशादेवी और सुरेश भी घायल हो गए. घटना रौनापार थाना के ठीक बगल की है. जिस रास्ते पर रोहन को सवर्णों द्वारा पीटा जाता है वह थाने के गेट के ठीक सामने है, फिर भी

अल्पसंख्यकों को सरकारी स्कीमों का फायदा मिले : ज़ाकिर ख़ान

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नयी दिल्ली = उत्तर पूर्वी दिल्ली के मुस्तफाबाद इलाके मे सौफिया एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी ने एक स्वागत का प्रोग्राम रखा जिसमे दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैंन ज़ाकिर खान, लेबर बोर्ड के चेयरमैन भूरे खान सैफी व् मुस्तफाबाद के विधायक हाजी मोहम्मद यूनुस मौजूद रहे आयोग के चेयरमैन ने लोगो को सम्बोधित करते हुए कहा कि हम आयोग मे सोफिया जैसे संस्थाओं के साथ मिलकर नयी रूपरेखा  बनाकर अल्पसंख्यकों को ज्यादा से ज्यादा फायदा पहुँचाने का काम करने की कोशिश करेंगे उन्होंने कहा कि हम जमीनी स्तर पर रहकर काम करना चाहते है और हमारी कोशिश रहेगी कि ज्यादा से ज्यादा स्कीमों को घर घर तक पहुँचाया जाये हाजी यूनुस ने कहा कि हम इलाके की समस्याओं को मिलकर हल करेंगे और हमारे इलाके का सुधार तभी संभव है जब हम अपने क्षेत्र का शिक्षा का स्तर ठीक कर दे चाहे उसके लिए हमे लाइब्रेरी खोलनी पड़े जिसमे बच्चे आकर अपनी तैयारी कर सके और सरकारी नौकरी प्राप्त कर सके , इलाके मे बाकी सभी काम जैसे सड़के , नाली , पानी आदि का काम जल्दी ही शुरू करवा दिया जायेगा , इलाके के लोगो  ने मुझ पर जितना भरोसा किया है आने वाले दिनों मे मैं आपको

शिक्षकों को मातृभाषा ने किया विद्या रत्न सम्मान से सम्मानित

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नयी दिल्ली । हिन्दी महोत्सव 2020 के अंतर्गत हिन्दी भाषा के प्रचार के लिए प्रतिबद्ध मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा दिल्ली के शिव विहार कराला स्थित पराग ज्योति पब्लिक स्कूल में बोर्ड परीक्षा में हिन्दी भाषा में 90 प्रतिशत से अधिक प्राप्तांक वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया, साथ ही हिन्दी शिक्षकों को विद्या रत्न सम्मान प्रदान किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार के अध्यक्ष डॉ. रामचंद्र डबास एवं मैरी गोल्ड पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य प्रदीप वत्स सहित मातृभाषा उन्नयन संस्थान की दिल्ली राज्य संयोजिका भावना शर्मा, संस्थान की सदस्य निकिता शर्मा उपस्थित रहीं। इस आयोजन का आरंभ हिन्दी माँ के पूजन से हुआ। कार्यक्रम में शिक्षिका चंद्रमणि 'मणिका' को विद्या रत्न सम्मान प्रदान किया गया एवं छात्र मनीष, आकाश शर्मा एवं छात्रा कशिश सिंह को बोर्ड परीक्षा में हिन्दी विषय में 90 प्रतिशत से अधिक अंक लाने पर संस्थान द्वारा शिक्षक दिवस के दिन प्रतिभा सम्मान से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर चंद्रमणि ने अपने द्वारा लिखी इन पंक्तियों से मातृभाषा उन्नयन संस्थान को अपनी शुभकामनाएँ दीं, '

#TrueFan मिल रहा है रणवीर सिंग,करीना कपूर,ह्रितिक रोशन और टाइगर श्रॉफ से बातें करने का मौका

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ट्रूफैन के जरिए फैन्स को सिर्फ एक कप कॉफी की कीमत में अपने पसंदीदा सुपरस्टार के साथ जुड़ने का मौका जीतने का अवसर मिलता है। ट्रूफैन में यूजर्स को मशहूर हस्तियों के जीवन पर आधारित आसान क्विज़ खेलना है और भाग्यशाली विजेता को उन सितारों से एक व्यक्तिगत संदेश भेजा जाता है। नयी दिल्ली - सीड फंडिंग में $4.3 मिलियन जुटाने में सफल रहे ट्रूफ़ैन #TrueFan इस सेलिब्रिटी-फैन स्टार्टअप ने सुपरस्टार रणवीर सिंग, करीना कपूर, ह्रितिक रोशन और टाइगर श्रॉफ के साथ अपने पहले दौर की विशेष साझेदारी की घोषणा की है। हाल ही में हुए ट्रूफैन लॉन्च के दौरान, सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी निमिष गोयल ने कहा, “मैं विराट कोहली का बहुत बड़ा फैन हूं और उनसे मिलने का मौका पाने के लिए मैं एक शादी में लगभग घुस पड़ा था। मेरे लिए यह सबसे यादगार क्षण था, लेकिन मैं समझ सकता हूं कि ऐसा करना सभी के लिए संभव नहीं होता। ट्रूफैन में हम ऐसे लाखों फैन्स को उनके पसंदीदा स्टार्स के साथ बेहतरीन और यादगार तरीके से जुड़ने में मदद करना चाहते हैं। हम रणवीर सिंग, करीना कपूर, ह्रितिक रोशन, टाइगर श्रॉफ जैसे सुपरस्टार्स के साथ साझेदारी

कविता // ईंट की भट्टियाँ

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निवेदिता सिन्हा भावनाओं का समंदर जब अंदर उमड़ता है၊ घर की हर ईट को देखकर दिल दहलता है।  न जाने इसके लाल रंग में, किस मासूम का खून लगा है? जो हरदम ईंट की चिमनियों से धूआँ बन उड़ता है। आज फिर कोई गरीबी से मजबूर आयी इन भट्टियाँ मे बनकर मजदूर।  सह न सकी जो अपने बाबा की बीमारी झेल न सकी, अपने छोटे भाई की भूख भूल गयी, अपने माँ की मौत  जिसे ,उसने इन्ही भट्टियों मे देखा जलकर होते राख । फिर होगा उसका शोषण,  दुश्मन बन जायेगा ,उसका अपना ही तन၊ करती हैं इनकार,  तो अगले ही पल इन भट्टियों मे बिखरी होगी उसकी राख बाबा का बीमार चेहरा, भाई की भूख याद कर भूल जायेगी वोअपना दुख၊ पर अब क्या होगा उसका? जो उसके गर्भ में है पल रहा၊ माँ बन, वह आकाश की ओर देख मुस्कुरायी၊ देख बेटी का चेहरा, उसका गम हो गया और भी गहरा၊ अगले ही पल उसे गोद में उठाया। फिर अपने ही हाथों भट्टी में लिटाया उसे देखते बनकर राख, करती वह "अट्टहास"! अगले ही पल अपनी मजबूरी पर रोती, फिर सोचती, आज बचा लिया उसने अपनी बेटी को၊ इस मौत के पिंजरे से बननेवाला एक शोषित पात्र၊