KVIC ने द्वारका के SPG परिसर में मधुमक्‍खी पालने वाले बक्‍से लगाए


केवीआईसी ने पिछले डेढ़ वर्षों में देशभर में 1.10 लाख से अधिक बी-बॉक्‍स का वितरण किया है। इससे किसानों, बेरोजगार युवाओं और जनजातीय समुदायों के लिए 11,000 से अधिक नए रोजगारों का सृजन हुआ। इसके अलावा केवल इन बक्‍सों से 4 करोड़ रुपये के मूल्‍य का 430 मीट्रिक टन शहद प्राप्‍त किया गया।


नयी दिल्ली - स्‍पेशल प्रोटेक्‍शन ग्रुप (एसपीजी) ने अपने परिसर में बी-बॉक्‍स (मधुमक्‍खी पालने वाले बक्‍से) लगाए हैं। इन बक्‍सों को खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने उपलब्‍ध कराया है। इन बक्‍सों को एसपीजी के द्वारका स्थित मुख्‍यालय में लगाया गया है। शहद उत्‍पादन के अलावा परिसर में फूल-पौधों को प्रोत्‍साहन मिलेगा, क्‍योंकि मधुमक्खियां फूलों का पराग जमा करती हैं। पराग कणों से फूल खिलते हैं और शहद भी प्राप्‍त होता है।


एसपीजी अधिकारियों ने मार्गदर्शन और प्रशिक्षण के लिए केवीआईसी से हाल में संपर्क किया था, ताकि उनके परिसर में उपरोक्‍त व्‍यवस्‍था हो सके। केवीआईसी के अध्‍यक्ष विनय कुमार सक्‍सेना ने बताया कि मधुमक्खियों के छत्‍तों की जांच करने, मधुमक्‍खी पालन संबंधी उपकरणों से परिचित होने, मधुमक्खियों के रोगों और उन्‍हें नुकसान पहुंचाने वाली वजहों की पहचान करने, शहद निकालने, मोम को साफ करने तथा वसंत, गर्मी, मानसून और सर्दियों के मौसम में छत्‍तों को सहजने के बारे में एसपीजी के 3 बागवानों को केवीआईसी के प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण दिया गया था। इसके बाद एसपीजी अधिकारियों की मौजूदगी में बक्‍सों को परिसर में लगाया गया।


 सक्‍सेना ने बताया कि केवीआईसी ने पिछले डेढ़ वर्षों में देशभर में 1.10 लाख से अधिक बी-बॉक्‍स का वितरण किया है। इससे किसानों, बेरोजगार युवाओं और जनजातीय समुदायों के लिए 11,000 से अधिक नए रोजगारों का सृजन हुआ। इसके अलावा केवल इन बक्‍सों से 4 करोड़ रुपये के मूल्‍य का 430 मीट्रिक टन शहद प्राप्‍त किया गया।