देश में आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई हेतु व्यापारियों और ट्रांसपोर्ट को पास आसानी से उपलब्ध हों


नयी दिल्ली - बावजूद इसके कि आवश्यक वस्तुओं में व्यापार करने वाले व्यापारियों को उनके लिए और उनके कर्मचारियों के लिए आवश्यक सामान की आवाजाही की सप्लाई हेतु पास प्राप्त करने में बहुत कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है और सामानों की आवाजाही के लिए ट्रांसपोर्ट भी उपलब्ध नहीं है फिर भी देश भर में आवश्यक वस्तुओं के थोक व्यापारी किसी तरह से अपने संबंधित खुदरा विक्रेताओं को आवश्यक सामानों की आपूर्ति कर रहें हैं ताकि रिटेलर्स के प्रतिष्ठानों पर आवश्यक वस्तुओं का कोई अबाहव न हो  सामानों के स्टॉक से बाहर न जाएं और आम लोगों को दैनिक उपयोग में आने वाली वस्तुएं आसानी से मिल सकें ! अब तक व्यापारियों ने देश भर में सप्लाई चेन को अपने सीमित संसाधनों के बल पर पूरी आपूर्ति श्रृंखला अच्छी तरह से काम करने लायक बना रखा है लेकिन अब यह समय है जब आवश्यक वस्तुओं के लिए आपूर्ति श्रृंखला के हर स्तर पर सुचारू आपूर्ति बनाए रखने की आवश्यकता है और उसके लिए कुछ कदम उठाये जाने की तत्काल आवश्यकता है !


कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी.भारतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि आवश्यक सामानों के थोक विक्रेताओं और वितरकों के पास अगले 15-20 दिनों के लिए स्टॉक है, लेकिन यह भी सत्य है कि बहुत जल्द यदि खुदरा विक्रेताओं को स्टॉक नहीं पहुँचाया गया तो रिटेल व्यापार के स्तर पर स्टॉक समाप्त होने की सम्भावना है ! 


देश भर में आवश्यक वस्तुओं के थोक एवं खुदरा दोनों के लगभग 1.25 करोड़ व्यापारी हैं, जिनमें से एफएमसीजी क्षेत्र, दैनिक उपयोग वस्तुओं  के लगभग 4 लाख थोक व्यापारी और लगभग 90 लाख खुदरा विक्रेता हैं, जबकि लगभग 2 लाख दवा के थोक व्यापारी और लगभग 10 लाख दवा विक्रेता हैं और बाकी व्यापारी अन्य आवश्यक वस्तुओं का व्यापार कर रहे हैं।श्रमिकों एवं ट्रांसपोर्ट की सुचारू अनुलब्धता के कारण केवल 20% से 25% दुकानें वर्तमान में काम कर रही हैं और किसी भीं तरह से सप्लाई चेन को चला प् रहे हैं !


 भरतिया और खंडेलवाल दोनों ने कहा कि एक तरफ परिवहन ड्राइवरों की अनुपलब्धता है जबकि दूसरी ओर बड़ी संख्या में व्यापारियों के प्रवासी श्रमिक अपने पैतृक गांवों में चले गए हैं और जो भी शेष कर्मचारी उपलब्ध हैं वो कोरोना वायरस के डर के कारण व्यापारियों के साथ काम में जुड़ने के लिए अनिच्छुक है। ऐसी विकट स्थिति में, आवश्यक वस्तुओं का कारोबार करने वाले व्यापारियों के लिए सप्लाई चेन का  सुचारू संचालन एक बड़ा  चुनौतीपूर्ण कार्य है।


दोनों व्यापारी नेताओं ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने समय समय पर विभिन्न सलाह जारी करने में एक विशेष भूमिका निबाही है जो पास जारी करने, परिवहन की आवाजाही आदि के लिए आवश्यक थे, लेकिन यह बेहद खेदजनक है कि राज्य स्तर पर स्थानीय प्रशासन सरकार के उक्त दिशा-निर्देशों के बावजूद लोगों या माल की आवाजाही की अनुमति नहीं दे रहा है। ऐसा लगता है कि जमीन पर काम करने वाले अधिकारियों को ठीक से जानकारी नहीं दी गई है।