जोस्टल ने ट्रैवल और टूरिज्म बिजनेस कंपनियों के लिए बढ़ाया मदद का हाथ


नयी दिल्ली : दुनियाभर में यात्रा और पर्यटन पर कोरोनावायरस महामारी का प्रभाव बहुत अधिक है। भारत में औद्योगिक संगठन सीआईआई ने वर्तमान स्थिति को देश के पर्यटन उद्योग को प्रभावित करने वाले सबसे बड़े संकट की उपमा दी है। इसका अनुमान है कि अप्रैल-जुलाई की अवधि में भारत आने वाले और यहां से बाहर जाने वाले पर्यटन दोनों को 80-100% तक प्रभावित करेगा। सर्दियों की छुट्टियों में ट्रैवल सेंटिमेंट में 40-50% की गिरावट आने की संभावना है। वर्तमान में जब सबकुछ बाधित है, यदि यह कहा जाता है कि जो लोग आजीविका के लिए यात्रा मशीनरी पर निर्भर है वह इससे प्रभावित होगा, तो यह बहुत ही कम होगा।


इस पृष्ठभूमि में कम्युनिटी-लेड, अनुभव-संचालित इकोसिस्टम जोस्टल ने संबंधित इंडस्ट्री स्टेकहोल्डर्स तक पहुंचने की पहल की है। इनमें कैफे मालिक, एडवेंचर कंपनियां, वैकल्पिक आवास प्रदाता, प्रॉपर्टी मैनेजर, और फ्रैंचाइज़ी मालिक शामिल हैं। अपने इकोसिस्टम में शामिल होने के लिए उन्हें आमंत्रित कर जोस्टल का उद्देश्य पर्यटन पर पूरी तरह से निर्भर जमीनी स्तर के कर्मचारियों के साथ-साथ बिजनेस पार्टनर्स को संकट से उबारने में मदद करना है। इस विवेकपूर्ण और सोचे-समझे हस्तक्षेप के जरिये ब्रांड इकोसिस्टम के भीतर बहुत जरूरी रेक्यूपरेटिव ट्रांसफॉर्मेशन का अनुमान लगाता है। इस अभियान के तहत ब्रांड नए-युग के यात्रा करने के इच्छुकों के लिए मामूली कीमतों पर रिडीमेबल, क्रेडिट-बेस्ड ट्रैवल पैकेज की सुविधा भी प्रदान करेगा।


जोस्टल के सह-संस्थापक और सीईओ धरमवीर सिंह चौहान ने अपने ओपन लेटर के जरिये ट्रैवल कम्युनिटी को संबोधित करने के लिए पहल की है। इसमें उन्होंने न केवल इंडस्ट्री से जुड़ी कंपनियों को महामारी के खिलाफ एकजुट होने के लिए प्रेरित किया, बल्कि यह भी दिखाया कि एक सकारात्मक परिवर्तन के साथ किस तरह हितधारक समुदाय के प्रमुख की सक्रिय भागीदारी को हासिल किया जा सके जो ट्रैवल और टूरिज्म क्षेत्र का केंद्र भी बनाता है यानी यात्री।


धरमवीर ने कहा, “भले ही यह सच है कि ट्रैवल और टूरिज्म कोरोनोवायरस महामारी से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में से एक है और पर्यटन पर निर्भर व्यवसाय पूरी तरह से ठहर गए हैं। इसके बाद भी सबकुछ खत्म नहीं हुआ है। अगर ट्रैवल इकोसिस्टम में सभी खिलाड़ी इस अवसर पर आगे आकर एक-दूसरे का समर्थन करते हैं, तो हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि हम सभी मौजूदा संकट से सुरक्षित और मजबूती के साथ उभरें।” उन्होंने यह भी कहा, “हम इस तथ्य के साथ भारतभर के सभी क्षेत्रीय खिलाड़ियों तक पहुंचने का लक्ष्य रखते हैं। क्योंकि, लोगों को अहसास नहीं हो रहा कि लेकिन ट्रैवल इकोसिस्टम आपस में बहुत अधिक जुड़ा हुआ है। इस वजह से  हम इंडस्ट्री के सभी हितधारकों को इस कनेक्टेड इकोसिस्टम की क्षमता का लाभ उठाने के लिए सक्षम करना चाहते हैं। ऐसा करने से न केवल उन्हें इस तूफान से उबरने में मदद मिलेगी, बल्कि यह क्षेत्र पहले से ज्यादा स्वस्थ और मजबूत होगा!"


उन्होंने कहा, “हालांकि, इस लक्ष्य को हासिल करने में केंद्रीय भूमिका उन लोगों की होगी जिन्होंने हमेशा हमारे ट्रैवल कम्युनिटी की लाइफलाइन बनाई हैः यानी यात्री स्वयं। अब समय आ गया है कि इच्छुक सदस्य आगे आएं और अपनी आजीविका के लिए यात्रा और आपके स्नेह व प्यार पर निर्भर सेवा प्रदाताओं के अस्तित्व को सुनिश्चित करें।” 


इस पहल के बाद के चरणों में पार्टनर वेंचर्स को जोस्टल प्लेटफॉर्म पर अपने व्यवसाय को सूचीबद्ध करने के लिए प्रेरित करेंगे जिससे वे क्रेडिट पर भी अपने उपभोक्ताओं को अपनी सेवाएं बेचने में सक्षम हो सकेंगे। उपभोक्ता तब साथी प्रतिष्ठानों में क्रेडिट भुना सकते हैं जो ओपन लेटर का सकारात्मक जवाब देते हैं और जोस्टल से हाथ मिलाते हैं। इस कदम के साथ जोस्टल ने अभूतपूर्व संकट की स्थिति में वर्तमान की रक्षा कर भारतीय यात्रा और पर्यटन उद्योग के भविष्य को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया है।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

"मुंशी प्रेमचंद के कथा -साहित्य का नारी -विमर्श"

जयपुर में 17 प्रदेशों के प्रतिनिधियो ने प्रभावी शिक्षा प्रणाली तथा नई शिक्षा नीति पर मंथन किया

टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट में उत्तराखण्ड के प्रतिभाशाली खिलाड़ीयो की 32 टीमे भाग ले रही है

इंडियन फेडरेशन ऑफ जनरल इंश्योरेंस एजेंट एसोसिएशन का राजस्थान रीजन का वार्षिक अभिकर्ता सम्मेलन

हिंदी के बदलते स्वरूप के साथ खुद को भी बदलने की तरफ जोर