बलरामपुर के अनवर अली के शव को कूड़े गाड़ी से ले जाना अमानवीय

बलरामपुर । उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जनपद में बीते 10 जून को मृतक अनवर अली (45) की मृत्यु सड़क पर हो गई थी। उनके शव को बलरामपुर पुलिस और नगर पालिका के कर्मचारियों ने एम्बुलेंस से ले जाने के बजाए कूड़े गाड़ी का इस्तेमाल किया। इतना ही नहीं मृतक के परिजनों को जब घटना के बारे में पता चला तो वो उतरौला कोतवाली पहुँचें तो देखा की अनवर अली का शव जमीन पर पड़ा हुआ था, मृतक के चेहरा ही केवल रुमाल से ढका हुआ था।



उतरौला की पुलिस ने सारी मानवता की हदें पार कर दी यहां तक कि मृतक के शव का पंचनामा कर परिजनों को शौप दिया, जिसे उन्हें गांव के लोगों से 3 हजार चंदा कर पिकप गाड़ी से शव को घर लाया गया।बलरामपुर पुलिस और नगरपालिका कर्मचारियों ने शव के साथ दुर्व्यवहार कर इंसानियत को शर्मसार कर दिया। रिहाई मंच प्रतिनिधिमंडल ने मृतक अनवर अली के परिजनों से मुलाक़ात कर शोकाकुल परिवार सांत्वना दी और इंसाफ दिलाने का वादा किया। मृतक अनवर अली की पत्नी अनवारुन्निशा बताती है कि हमें पति के शव को लाने के लिए गांव के लोगों से 3 हजार का चंदा करना पड़ा, तब जाकर पिकप से शव को पंचनामा के बाद घर ला सके। उन्होंने बताया कि हमारी आर्थिक स्थिति बहुत दयनीय है, दो बच्चें हैं। लड़की की अप्रैल में शादी का दिन पड़ा हुआ था लॉकडाउन चलते नहीं हो पाया, पति के न रहने पर शादी कैसे होगी।


मृतक की बहन सदरुन्निशा बताती है कि अनवर भाई का घर आधा छपरे-ख़बड़े का है, कई सालों से आवास के लिए प्रधान और प्रशासन को कहते रह गए लेकिन उन्हें आज तक आवास नहीं दिया गया। उनके घर की स्थिति बहुत दयनीय है बारिश में घर में पानी भर जाता है।


रिहाई मंच प्रतिनिधिमंडल में शामिल रिहाई मंच अध्यक्ष एडवोकेट मोहम्मद शोएब ने कहा कि मृतक अनवर अली के शव के साथ दुर्व्यवहार किया जाना मानवता के नाम पर धब्बा है। शव के साथ अमानवीय हरक़त करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाए। जिससे कभी किसी के साथ इस तरह का दुर्व्यवहार न हो सके। उन्होंने कहा कि मृतक अनवर अली का घर आधा छपरे-खपड़े का है, अभी तक उन्हें आवास नहीं मिल सका। प्रशासन मृतक अनवर अली के परिजनों को आवास मुहैय्या कराए। प्रतिनिधिमंडल में शबरोज मोहम्मदी, शाहरुख अहमद, अज़ीमुश्शान फ़ारूक़ी और जुनैद मौजूद रहे।