बैंकिंग और ऑटो शेयरों में तेजी के चलते बेंचमार्क सूचकांकों ने लगातार पांचवें दिन सकारात्मक कारोबार किया

आज के कारोबारी सत्र में निफ्टी 1.27% या 140.05 अंक चढ़कर 11,162.25 पर बंद हुआ और सफलतापूर्वक 11,100 अंक के स्तर को पार कर गया। दूसरी ओर, एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स 1.37% या 511.34 अंक चढ़कर 37,930.33 अंक पर बंद हुआ। आज के कारोबारी सत्र में 1427 शेयर ऊपर चढ़े, 1223 शेयरों में गिरावट आई, जबकि 155 शेयर अपरिवर्तित रहे। अमर देव सिंह, हेड एडवायजरी, एंजेल ब्रोकिंग लिमिटेड का कहना है कि 



पावर ग्रिड कॉरपोरेशन (6.42%), आईओसी (5.66%), बीपीसीएल (5.43%), आयशर मोटर्स (5.33%), और मारुति सुजुकी (4.22%) निफ्टी के टॉप गेनर्स में से थे, जबकि बजाज फाइनेंस (4.00%), बजाज फिनसर्व (3.52%), ब्रिटानिया (2.38%), भारती इंफ्राटेल (1.75%), और सिप्ला (1.64%) निफ्टी के टॉप लूजर थे। सेक्टोरल इंडेक्स में मिलाजुला रुख दिखा, जहां बैंक, एनर्जी, ऑटो, मेटल और इंफ्रा सेक्टर्स ने पॉजिटिव कारोबार किया, जबकि एफएमसीजी और फार्मा शेयरों में गिरावट दर्ज हुई। बीएसई मिडकैप में 0.22% की मामूली गिरावट आई जबकि बीएसई स्मॉलकैप में 0.24% की बढ़ोतरी हुई।


एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस का वित्त वर्ष 2021 की पहली तिमाही में शुद्ध लाभ 5.1% बढ़ा, जिससे कंपनी के शेयरों में 4.39% की तेजी रही और उन्होंने 892.00 रुपए पर कारोबार किया। कंपनी को वित्त वर्ष 2021 की पहली तिमाही में 3.6 करोड़ रुपए का नेट लॉस हुआ, जबकि उसके रेवेन्यू में 64.8% की गिरावट आई। इसके बाद भी कंपनी के शेयरों में 2.37% की वृद्धि हुई और उन्होंने 86.45 रुपए पर कारोबार किया।


कंपनी के शेयरों में 4.00% की गिरावट आई और उसने 3304.00 रुपए पर कारोबार किया। इससे पहले कंपनी के कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 19% की गिरावट आई, जबकि कंपनी की शुद्ध ब्याज आय में 12% की वृद्धि हुई। एसबीआई कार्ड्स और पेमेंट सर्विसेज ने वित्त वर्ष 2021 की पहली तिमाही में लाभ होने की रिपोर्ट की जिसके बाद स्टॉक्स में 3.26% की बढ़ोतरी हुई और उसने 775.50 रुपए पर कारोबार किया। कंपनी के शुद्ध लाभ में 14% की वृद्धि हुई जबकि क्रेडिट कार्ड 20% बढ़ गए। कंपनी ने वित्त वर्ष 2021 की पहली तिमाही में रेवेन्यू में गिरावट के बाद भी अच्छा लाभ अर्जित किया। कंपनी के राजस्व में 3.8% की गिरावट आई जबकि कंपनी का ईबीआईटीडीए (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई) 55% बढ़ गया। नतीजतन, कंपनी के शेयरों में 9.98% की वृद्धि हुई और इसने 109.60 रुपये पर कारोबार किया।


सकारात्मक घरेलू इक्विटी बाजारों के बावजूद अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया तेजी के साथ कारोबार करता रहा और इंट्रा-डे का लाभ गंवाने के बाद भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 74.88 रुपए पर बंद हुआ। कोरोनोवायरस के मामलों की बढ़ती संख्या के बीच आज के सत्र में स्पॉट गोल्ड 0.1% की बढ़त के साथ 1817.23 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।


ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के कोविड-19 वैक्सीन का मनुष्यों पर टेस्टिंग का फेज-1 सफल रहा और यह सुरक्षित, अच्छी तरह से सहन करने योग्य और प्रतिरक्षात्मक साबित हुआ है। कोविड-19 वैक्सीन परीक्षणों पर सकारात्मक खबर के परिणामस्वरूप वैश्विक बाजार में सकारात्मक कारोबार हुआ क्योंकि इससे निवेशकों में पॉजीटिव सेंटीमेंट देखने को मिला। नैस्डैक में 2.51%, हैंग सेंग में 2.31%, निक्केई-225 में 0.73% की वृद्धि हुई, एफटीएसई-100 में 0.55% की वृद्धि हुई, जबकि एफटीएसई एमआईबी में आज के कारोबारी सत्र में 2.00% की वृद्धि हुई।


 शेयर बाजार के बारे में जानने के लिए 5 बातें


एक अज्ञात बीमारी, जिसे बाद में कोविड-19 के रूप में जाना गया, 2020 की शुरुआत से दुनियाभर में फैल गई। जब से महामारी का प्रकोप हुआ है, दुनियाभर के शेयर बाजार में सेंटीमेंट निराशाजनक है। दुनिया ने अतीत में 2008 के वैश्विक मंदी सहित कई वित्तीय संकट देखे हैं। और, ऐसी स्थितियों में भी, कोई भी पैसा नहीं खोना चाहता।


एक सेकंड के एक हिस्से के लिए, इस समय कोरोनावायरस के प्रकोप को भूल जाते हैं। यह अभी भी हर एक के लिए, जो शेयर बाजार में निवेश करने का सोच रहा है, बहुत महत्वपूर्ण है कि नुकसान के जोखिम को कम करने के लिए कुछ चीजों की जानकारी रखें। आइए, हम उन पांच फेक्टर पर चर्चा करें जो हर निवेशक को निवेश के समय पता होना चाहिए, चाहे समय अच्छा हो या बुरा।


स्टॉक मार्केट को जानिये


शेयर बाजार एक जटिल प्रणाली है, जहां सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली कंपनियों के शेयरों को जारी किया जाता है, खरीदा और बेचा जाता है। भारत में अधिकांश कारोबार बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर होता है। इस जटिल प्रणाली में उतरने से पहले, विशेष रूप से नौसिखिया निवेशक के लिए, शेयर बाजार की बारीकियों को समझना महत्वपूर्ण है। शेयर बाजार विविध विचारों वाले लाखों निवेशकों से बना है। जब एक निवेशक अपना शेयर बेचता है, तो कोई और उसे खरीदने की इच्छा कर सकता है। यह एक प्रतिकूल प्रणाली है, जहां एक को लाभ होगा और दूसरे को नुकसान। इस प्रकार, किसी भी व्यक्ति के लिए निवेश करने से पहले शेयर बाजार के बारे में अच्छी तरह से वाकिफ होना अनिवार्य हो जाता है।


ट्रेडिंग मैकेनिज्म


दक्षता और पारदर्शिता प्रदान करने के लिए भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों में ट्रेडिंग पूरी तरह से ऑटोमेटेड मैकेनिज्म से होती है जो कि "स्क्रीन-बेस्ड ट्रेडिंग सिस्टम" है। याद रखें कि भारतीय स्टॉक एक्सचेंज बाजार ऑर्डर-ड्रिवन है, जो खरीदारों और विक्रेताओं की गुमनामी सुनिश्चित करता है। इस प्रणाली के साथ, समय और प्राइज प्रायरिटी के आधार पर ऑर्डर का मिलान होता है, जिससे पूरी प्रणाली में पारदर्शिता आती है।


स्टॉक की कीमतों में उतार-चढ़ाव किस वजह से होता है?


एक आशावादी कह सकता है बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव, या अस्थिरता, बेहतर रिटर्न प्राप्त करने की संभावना बढ़ाती है। हालांकि, अस्थिरता तब होती है जब बाजार में अनिश्चितता होती है। इसका कारण कोविड-19 जैसी स्थिति, आपूर्ति और मांग में अंतर, या प्राकृतिक आपदा, आदि हो सकता है। इसके अलावा, यदि विक्रेता खरीदारों से अधिक हैं, तो शेयर की कीमतें गिर जाएंगी और इसके विपरीत भी हो सकता है। 


दिमाग में क्या स्पष्ट होना चाहिए?


एक निवेशक के रूप में आप सुरक्षित स्थान पर हैं यदि आप दो सबसे महत्वपूर्ण निर्णय समझते हैं - कब खरीदना है और कब बेचना है। इसके अलावा, एक निवेशक के रूप में, किसी को भी शेयर की कीमतों के बारे में अच्छी तरह से समझ होनी चाहिए और साथ ही उन घटनाओं का विश्लेषण करना चाहिए जो शेयर बाजार में मंदी का कारण बन सकते हैं। यदि इस पर ध्यान दिया जाए तो मुश्किल समय में भी इन्वेस्टर अपने निवेश से पैसा कमा सकता है।


स्टॉक वैल्युएशन


एक शेयर की वास्तविक कीमत बाजार गतिविधि द्वारा निर्धारित होती है। शेयर खरीदने या बेचने का निर्णय लेते समय, निवेशक अक्सर स्टॉक की वास्तविक कीमत की उसके उचित मूल्य से तुलना करेगा। जब तक जोखिम से प्यार नहीं है, तब तक किसी को भी एक शेयर में बहुत अधिक पैसा लगाने से बचना चाहिए। वित्तीय बाजारों और स्टॉक ट्रेडिंग में अच्छी तरह से वाकिफ होने में वर्षों लग जाते हैं। प्रारंभिक स्तर पर कोई व्यक्ति किसी भी क्षेत्र में जाने से पहले किसी विशेषज्ञ से मार्गदर्शन प्राप्त कर सकता है। संक्षेप में यह कहना उचित होगा कि एक निवेशक निवेश करते समय तार्किकता के साथ-साथ भावनात्मक दुविधा से गुजरता है।


नए जमाने की ब्रोकरेज फर्म एल्गोरिथम-बेस्ड निवेश की सलाह देती हैं, जो पहली बार निवेश करने वालों को उनके निवेश पर अच्छा रिटर्न कमाने की अनुमति देती है। जो शेयर बाजार निवेश में नए हैं, उन्हें यह सुनिश्चित करने के लिए ऐसी तकनीकों की मदद लेनी चाहिए कि जो उन्हें सही निवेश निर्णय लेने में मदद करें।