Friday, July 10, 2020

मर्चेन्ट्स को आसानी से उनके कारोबार ऑनलाईन लाने में मदद

डिजिटल कॉमर्स में लोगों का भरोसा बढ़ाने तथा डिजिटल लेनदेन की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए मास्टरकार्ड ने एआई आधारित ऐप्लीकेशन्स लॉन्च किए हैं, जिन्हें इस्तेमाल करना बेहद आसान है, ये ऐप्लीकेशन ठीक उसी तरह साइबर अटैक रोकने में मदद करते हैं।


नयी दिल्ली - कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इण्डिया ट्रेडर्स के साथ मास्टरकार्ड की कई सालों की साझेदारी पर आधारित ये नई पहलें डिजिटल भुगतान के बारे में जागरुकता बढ़ाएंगी और मर्चेन्ट को डिजिटल कॉमर्स की ओर बढ़ने में मदद करेंगी। पिछलेे साल, कंपनी ने भारत के 1 करोड़ (10 मिलियन) मर्चेन्ट्स को डिजिटल भुगतान में सक्षम बनाने के लिए मल्टी-सिटी टीम कैशलैस इण्डिया कैम्पेन लॉन्च किया था। कंपनी ने अपने ब्राण्ड अम्बेसडर, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान एमएस धोनी की लोकप्रियता का इस्तेमाल करते हुए मर्चेन्ट्स एवं उपभोक्ताओं को डिजिटल भुगतान के फायदों के बारे में शिक्षित किया।



प्रवीण खंडेलवाल, राष्ट्रीय महासचिव ने कहा, ‘‘राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन बढ़ने के साथ 90 फीसदी से अधिक एसएमई को अपना कारोबार बंद करना पड़ा। इस बदलती परिस्थितियों के अनुसार अपने आप को ढालने के लिए छोटे दुकानदार अपनी कंपनियों को ऑनलाईन लाने की होड़ में जुट गए। इन उद्यमों को अपना संचालन दोबारा शुरू करने में मदद करने के लिए हमने मास्टरकार्ड केे साथ साझेदारी की, ताकि हम इन मर्चेन्ट्स को आसानी से उनके कारोबार ऑनलाईन लाने में मदद कर सकें, उन्हें क्रेडिट सुविधाओं से लाभान्वित कर सकें और साथ ही उपभोक्ता द्वारा नकद के बजाए डिजिटल कॉन्टैक्टलैस भुगतान की ओर बढ़ते रूझानों के अनुसार उन्हें सक्षम बना सकें।’’


जून 2020 में, मास्टरकार्ड ने एक्सिस बैंक एवं वर्ल्डलाईन के साथ साझेदारी में डिजिटल पॉइन्ट-ऑफ-सेल समाधान ‘‘टैप-ऑन-फोन’’ का लॉन्च किया, जिसके द्वारा मर्चेन्ट अपने स्मार्टफोन के ज़रिए आसानी से भुगतान ले सकते हैं। यह समाधान भारत क्यूआर और एनएफसी पेमेन्ट्स के माध्यम से फेस-टू-फेस पेमेन्ट को आसान बनाता है, इसके अलावा होम डिलीवरी के लिए लिंक-आधारित रिमोट पेमेन्ट का विकल्प भी देता है। यह समाधान मर्चेन्ट्स को ऑन-बोर्डिंग में मदद करता है तथा मर्चेन्ट्स एवं किराना स्टोर्स को डिजिटल भुगतान प्राप्त करने में सक्षम बनाता है। 


छोटे कारोबारों के लिए पूंजी की समस्या दूर करने के लिए, मास्टरकार्ड बड़ी कंपनियों तथा बैंकों के साथ मिलकर काम कर रहा है और उद्यमियों को आसान क्रेडिट सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है। इससे न केवल उद्यमी आर्थिक रूप से मजबूत हो जाते हैं बल्कि आपूर्ति श्रृंखला में भी निरंतरता बनी रहती है। कंपनी ने कई साझेदारियां की हैं और यह उभरते बाज़ारों के लिए डेटा एवं एआई आधारित ऐप्लीकेशन्स भी लेकर आई है जो मर्चेन्ट और आपूर्तिकर्ता दोनों के लिए फायदेमंद हैं। मास्टरकार्ड स्थानीय साझेदारों के साथ मिलकर ऐसे समाधान विकसित कर रही है जो छोटे कारोबारों को वेब स्टोर बनाने में मदद करते हैं तथा यूज़र को बेहतर अनुभव प्रदान करने के लिए उन्हें तकनीकी सहयोग प्रदान करते हैं।


मास्टरकार्ड कई संस्थानों के साथ मिलकर ज़्यादा से ज़्यादा महिलाओं को फिनटैक के साथ जुड़ने में मदद कर रहा है, महिलाओं को उनके कारोबार एवं उद्यमिता के लिए ज़रूरी सहयोग प्रदान कर रहा है। कंपनी ने खासतौर पर महिला उद्यमियों के अनुकूल उत्पाद लाने तथा डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने के लिए माइक्रोफाइनैंस संस्थानों एवं छोटे फाइनैंस बैंकों के साथ भी साझेदारियां की हैं। मास्टरकार्ड ने महिला उद्यमियों को शिक्षित और जागरुक बनाने के लिए कई प्रोग्राम पेश किए हैं। प्रोग्राम के तहत किराना स्टोर चलाने वाली महिलाओं को बुद्धिमनी के इस्तेमाल के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। यह प्रोग्राम उन्हें तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करता है, कारोबार को सुगम बनाकर तथा क्रेडिट एवं मार्केट एक्सेस उपलब्ध कराकर उनके सशक्तीरण में योगदान देता है।


Labels: