सिर्फ दिन विशेष पर हिंदी के सम्मान का प्रचलन है वह बंद हो

बैंक ऑफ इंडिया को मिला कीर्ति पुरस्कार। बैंक के प्रधान कार्यालय में हिंदी माह के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों एवं प्रतियोगिताओं जैसे सुलेख चित्र कहानी लेखन यूनिकोड में हिंदी टाइपिंग अखिल भारतीय स्तर पर ऑनलाइन राजभाषा ज्ञान प्रतियोगिता आदि का आयोजन किया गया जिसमें सभी स्टाफ सदस्यों ने उत्साह पूर्वक सहभागिता की।



नयी दिल्ली : बैंक ऑफ इंडिया को राजभाषा हिंदी में उत्कृष्ट कार्य निष्पादन के लिए राजभाषा कीर्ति पुरस्कार वर्ष 2019 -20 भारत सरकार द्वारा प्रदान किया गया है । ज्ञातव्य है कि बैंक ऑफ इंडिया हिंदी भाषा के प्रयोग के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी अनुक्रम में बैंक में 15 अगस्त से 14 सितंबर तक हिंदी माह मनाया गया, हिंदी माह के समापन के अवसर पर बैंक के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ ए के दास,कार्यपालक निदेशक पी.आर  राजगोपाल एवं महाप्रबंधक धर्मवीर सिंह शेखावत की उपस्थिति में हिंदी में कार्य करने का संकल्प लिया गया। साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री माननीय अमित शाह एवं कैबिनेट सचिव महोदय से प्राप्त संदेशों का वाचन भी किया गया।


अपने संदेश में बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ ए के दास ने कहा कि कीर्ति पुरस्कार की प्राप्ति पर हम सभी को अत्यंत हर्ष हो रहा है। सभी को बधाई देते हुए उन्होंने आगे भी अधिक उत्साह के साथ और भी बेहतर कार्य निष्पादन हेतु आव्हान किया। बैंक के कार्यपालक निदेशक पी आर  राजगोपाल ने कहा कि हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं का व्यवसाय वृद्धि में महत्वपूर्ण स्थान है।


इस कार्यक्रम के अतिरिक्त बैंक के प्रधान कार्यालय द्वारा एक संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया जिसमें बैंक के सभी आंचलिक प्रबंधक एवं राजभाषा अधिकारियों ने सहभागिता की विशेष वक्ता के रूप में भारत सरकार गृह मंत्रालय राजभाषा विभाग क्षेत्रीय कार्यालय मुंबई की उपनिदेशक श्रीमती सुष्मिता भट्टाचार्य भी उपस्थित थी।  इसके अलावा राजभाषा विभाग के उप महाप्रबंधक शैलेश कुमार मालवीय, बैंक के प्रधान कार्यालय के महाप्रबंधक धर्मवीर सिंह शेखावत, सुधीरंजन उपस्थित रहे । इस अवसर पर शेखावत ने भी सभी को बधाई देते हुए कहा कि हमें अपने निजी जीवन में भी अधिकाधिक रूप से अपनी हिंदी भाषा का प्रयोग करना चाहिए ताकि हमारे देश में जो सिर्फ दिन विशेष पर हिंदी के सम्मान का प्रचलन है वह बंद हो । एनबीजी उत्तर 2 लखनऊ के महाप्रबंधक ब्रजलाल एवं चेन्नई अंचल के आंचलिक प्रबंधक एस के राय एवं  स्टाफ प्रशिक्षण महाविद्यालय नोएडा की प्राचार्य सुश्री ममता भट्ट ने राजभाषा कार्यान्वयन में कार्यालय प्रमुख की भूमिका पर प्रकाश डाला।